फ्रांस में पादरियों के पाप पर सनसनीखेज खुलासा, चर्च में 3 लाख से ज्यादा नाबालिगों का यौन शोषण
फ्रांस में पादरियों के पाप पर सनसनीखेज खुलासा हुआ है। फ्रांस में जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चर्च में पादरियों और चर्च से जुड़े लोगों ने 3 लाख से ज्यादा बच्चों से गलत काम किया।
पेरिस, अक्टूबर 05: फ्रांस में चर्च के पादरियों पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगे हैं, जिसने पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है। खुलासा हुआ है कि फ्रांस में कैथोलिक पादरियों ने दो लाख से ज्यादा नाबालिगों का यौन शोषण किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चर्च के भीतर पादरियों ने पिछले 70 सालों में 2 लाख से ज्यादा बच्चियों का यौन शोषण किया है। दरअसल, फ्रांस में चर्च के भीतर बच्चों के साथ हुए दुर्वव्यहार को लेकर जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

दो लाख बच्चों का यौन शोषण
मंगलवार को प्रकाशित होने वाली एक ऐतिहासिक रिपोर्ट का अनुमान है कि 1950 से 2020 तक 2 लाख 16 हजार बच्चों के साथ यौन शोषण किया गया। वहीं, आशंका है कि ये आंकड़ा बढ़कर तीन लाख 30 हजार हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, चर्च के अंदर पादरियों के अलावा चर्च से संबंध रखने वाले लोगों ने भी बच्चों को अपना शिकार बनाया है, जिनमें कैथोलिक स्कूल के लोग भी शामिल हैं। ये रिपोर्ट सीआईएएसई (Independent Commission on Sexual Abuse) ने तैयार की है, जिसमें बताया गया है कि फ्रांस के चर्च के अंदर बच्चों को किस तरह प्रताड़ित किया जाता था।

3200 पादरियों पर आरोप
सीआईएएसई की रिपोर्ट में पाया गया है कि, 1950 के दशक में फ्रांस के कैथोलिक चर्चों में करीब एक लाख 15 हजार पादरियों और चर्च से जुड़े दूसरे लोग काम करते थे, जिनमें से 3200 पादरियों ने 2 लाख से ज्यादा बच्चों के साथ यौन शोषण किया है। फ्रेंच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च ने एक आयोग का गठन किया था, जिसने सर्वेक्षण के आधार पर अलग अलग सबूतों को जुटाया है और फिर इसका खुलासा किया है। इस आयोग ने फ्रांस में चुनावी सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी आईएफओपी के साथ मिलकर 25 नवंबर 2020 से 28 जनवरी 2021 के बीच 18 वर्ष से अधिक आयु के 28,000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की और उसके आधार पर यह रिपोर्ट तैयार किया है।

फ्रांस में रिपोर्ट के बाद सनसनी
इस सर्वेक्षण में उनलोगों को शामिल किया गया है, जिनके साथ चर्च में यौन शोषण हुआ था और इसके अलावा ऐसे लोगों के बारे में अनुमान भी लगाया गया है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे लोगों के बारे में पता लगाने के लिए अलग अलग लोगों से बात की गई है और सबूतों को खंगाला गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों के साथ कैथोलिक चर्च के अंदर यौन शोषण किया गया है, जिसमें पादरी शामिल हैं। इसके अलावा चर्च से संबंध रखने वाले स्कूल में पढ़ाने वाले पादरियों ने समर कैंप या फिर अलग अलग मौकों पर बच्चों के साथ गलत संबंध बनाए थे। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा नहीं है कि बच्चों से होने वाले यौन शोषण को लेकर चर्च में शिकायत नहीं की जाती थी, कई बार शिकायत के बाद भी चर्च के द्वारा ऐसे पादरियों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया जाता था।

क्या अब भी होता है यौन शोषण?
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, सॉव, जो एक पूर्व सिविल सेवा के अधिकारी हैं, उन्होंने सीआईएएसई की रिपोर्ट को तैयार करने अहम भूमिका निभाई है और वो उस 21 सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम के सदस्य हैं, जिन्होंने इस कांड की जांच की है और फिर रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट को बनाने के लिए 6500 लोगों से प्रत्यक्ष पूछताछ की गई है और इसके आधार पर 2700 पीड़ितों की पहचान भी की गई। इसके अलावा चर्च में मौजूद अभिलेखागार से भी बहुत अहम सबूत खोजे गये हैं। वहीं, अखबार में छपी रिपोर्ट के आधार पर 4800 और ऐसे लोगों की पहचान की गई, जिनके साथ पादरियों ने गलत व्यवहार किया था।

रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासे
रिपोर्ट में कहा गया है कि, पादरियों ने जिन बच्चों को अपना शिकार बनाया था, वो अब बड़े हो चुके हैं, और अब ऐसे लोगों ने पादरियों की पोल खोलने में काफी अहम भूमिका निभाई है। इनमें से कई लोग ऐसी घिनौनी घटना के चश्मदीद रहे हैं और उन्होंने ऐसे पादरियों की पहचान करने में हमारी मदद की है, लिहाजा इन सभी पीड़ितों को शुक्रिया कहा जाता है और ये सभी हमारे लिए हीरो की तरह हैं। सबसे हैरानी की बात ये भी है कि, इस रिपोर्ट में फैक्ट्स के साथ ये बताया गया है कि चर्च में बच्चों के साथ किस तरह से घिनौना व्यवहार किया गया है, लेकिन इस रिपोर्ट में किसी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी की बात नहीं की गई है।

अब आगे क्या होगा?
जांच रिपोर्ट में 45 तरह की सिफारिशें की गई हैं, जिसमें कहा गया है कि चर्च के अंदर 'कैनन कानूनों' में संशोधन की सख्त जरूरत है। जांच अधिकारी सॉव ने कहा कि, ''आम तौर पर कैथोलिक चर्च में यौन नैतिकता को लेकर छठी आज्ञा से पादरी जुड़े होते हैं, जिसमें उनसे कहा गया होता है कि आप व्यभिचार नहीं करेंगे''। इसके साथ ही अब फ्रांस में काफी तेजी से मांग उठ रही है कि चर्च में होने वाले ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाएं। कई पीड़ितों ने कहा कि, उनके साथ बचपन में चर्च के अंदर जो सलूक किया गया, उसका असर अब भी उनकी जिंदगी पर है और वो अभी भी उस ट्रॉमा को महसूस करते हैं।

रिपोर्ट में सिफारिशें
इस रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि, '' चर्च को इस तथ्य पर ध्यान देना चाहिए कि यौन हिंसा, खासकर बलात्कार, असल में पीड़ितों के लिए मरने जैसा है, बस आप किसी की हत्या नहीं करते हैं, ये आदेश के तौर पर जोड़ा जाए'। इसके साथ ही एक सिफारिश में ये भी कहा गया है कि, ''चर्च के अंदर अकेले में अपनी गलती मानकर आप अपने किए से पीछे नहीं हट सकते हैं और आपने अगर ऐसा किया है, तो आपके खिलाफ कानून के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी''।












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