• search

Modi Xi Wuhan Meet: जानिए तोहफे में पीएम मोदी ने क्‍या दिया चीन के राष्‍ट्रपति जिनपिंग को

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    वुहान। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में पहली अनौपचारिक मुलाकात हुई। इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने जिनपिंग को एक ऐसा तोहफा दिया जिसे वह शायद हमेशा याद रखेंगे। मोदी ने जिनपिंग को उस चीनी कलाकार की पेटिंग्‍स गिफ्ट की हैं जिन्‍होंने पश्चिम बंगाल स्थित विश्‍व भारतीय यूनिवर्सिटी में बतौर शिक्षक अपनी सेवाएं दी थीं। इस कलाकार का नाम जू बेहोंग था और उन्‍हें 20वीं सदी में चीन का सबसे महान कलाकार माना जाता है। शनिवार को पीएम मोदी के चीन दौरे का दूसरा दिन है और इस दौरान उन्‍होंने जिनपिंग के साथ ईस्‍ट लेक के किनार मॉर्निंग वॉक के साथ इस पर नौका विहार का मजा भी उठाया। डोकलाम विवाद के बाद दोनों नेता पहली बार मिल रहे हैं।

    20वीं सदी के महान कलाकार जू

    20वीं सदी के महान कलाकार जू

    जू को चीनी स्‍याही से घोड़े और पक्षियों की कलाकारी के लिए जाना जाता था। वह चीन के पहले ऐसे कलाकार थे जिनके भावों ने 20वीं सदी में मॉर्डन चीन की झलक दुनिया को दिखाई थी। उनकी जो पेंटिंग्‍स जिनपिंग को दी गईं हैं उसमें एस घोड़ा और चिड़‍िया घास पर हैं, यह पेंटिंग भी शामिल है। इसे जू ने उस समय बनाया था जब वह विश्‍व भारत में रुके थे। अधिकारियों की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। इन पेंटिग्‍स को खासतौर पर इंडियन काउंसिल फॉर कल्‍चर रिलेशंस यानी आईसीसीआर से ऑर्डर देकर मंगाया गया था। भारत में जब जू रुके थे तो उन्‍होंने रबींद्र नाथ टैगोर और महात्‍मा गांधी जैसे कई महान लोगों से मुलाकात की थी।

    हुबई में क्‍या देखा मोदी ने

    हुबई में क्‍या देखा मोदी ने

    मोदी और जिनपिंग मुलाकात के पहले दिन हुबई म्‍यूजियम गए और यहां पर दोनों जेंग के मरिक्विस यी की समाधि के बचे हुए कुछ अवशेषों को भी देखा। ये अवशेष 435 ईसा पूर्व के माने जाते हैं। इस समाधि के अलावा म्‍यूजियम में स्थित कुछ और पुरान चीनी शाही लोगों की भी समाधियां भी है जो अभी तक वैसी ही हैं।

    कौन थे जेंग

    कौन थे जेंग

    इन समाधियों को पुरातत्‍व से जुड़े मॉर्डन तरीकों का प्रयोग करके निकाला गया है। जेंग अपने ताकतवर पड़ोसी चू के छोटे से देश के अधीन थे। यह समाधि हजारों सालों के सालों के बाद सामने आई थी। शुक्रवार को म्‍यूजियम में एक गाइड के तरह जिनपिंग मोदी को इस म्‍यूजियम से जुड़ी हर बात को बता रहे थे।

    1953 में हुई स्‍थापना

    1953 में हुई स्‍थापना

    हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में स्थित हुबई म्‍यूजियम की स्‍थापना सन् 1953 में हुई थी। इस म्‍यूजियम में बड़े स्‍तर पर चीन का इतिहास और यहां की संस्‍कृति को देखा और समझा जा सकता है। साल 1960 में इस म्‍यूजियम को वुहान लाया गया था। सन् 1963 में इसे इसके वर्तमान नाम से नवाजा गया यानी हुबई प्रोविंशयल म्‍यूजियम। साल 1999 तक इस म्‍यूजियमें कई और बिल्डिंग्‍स को जोड़ा गया।

    ये भी पढ़ें-आतंकवाद और बॉर्डर पर शांति को लेकर हुई मोदी-जिनपिंग के बीच बात

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Modi Xi Wuhan meet: Prime Minister Narendra Modi has gifted to Chinese President Xi Jinping the paintings of a Chinese artist who taught at Visva-Bharati University.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more