मॉस्को में लिखा जाएगा कूटनीति का नया अध्याय, सरकारी सूत्रों ने बताया, किन क्षेत्रों में रूस करेगा भारत की मदद?
PM Modi Russia Visit: सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाली है, क्योंकि इससे भारत को अन्य देशों और बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच आज रात मुलाकात होने वाली है और पीएम मोदी की यह मॉस्को यात्रा, 22वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए पुतिन के निमंत्रण पर हो रही है।

यह यात्रा लगभग पांच वर्षों में मोदी की रूस की पहली यात्रा है और विशेष रूप से फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद उनकी पहली यात्रा है। उनकी पिछली यात्रा 2019 में हुई थी, जब उन्होंने रूस के सुदूर पूर्व के शहर व्लादिवोस्तोक में एक आर्थिक सम्मेलन में भाग लिया था।
क्रेमलिन की पीएम मोदी की इस यात्रा की घोषणा करते हुए कहा है, कि ये यात्रा "परंपरागत रूप से मैत्रीपूर्ण रूसी-भारतीय संबंधों" की प्रकृति को उजागर करती है, जिसे दोनों नेता आगे भी विकसित करने की योजना बना रहे हैं। रूसी समाचार एजेंसी TASS की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी-पुतिन मुलाकात के दौरान बाकी एजेंडों में "अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय एजेंडे के वर्तमान मुद्दे" शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच कुछ ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं, जो दोनों ही देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने कहा है, कि मोदी सरकार में भारत ने अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और व्यापार भागीदारों में विविधता लाई है, ताकि किसी भी देश पर अपनी निर्भरता कम की जा सके। मौजूदा परिदृश्य में, रूस रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है। और सरकारी सूत्रों का कहना है, कि भारत के आर्थिक और सामरिक हित, अन्य क्षेत्रों में भी अपने संबंधों का विस्तार करने में शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया है, कि भारतीय पक्ष रूस के साथ अच्छे संबंध चाहता है और भारत, रूस पर पूरी तरह निर्भर हुए बिना इन अवसरों का लाभ उठाएगा। एनएसए अजीत डोभाल ने भी जमीनी स्तर पर काम किया है और वे लगातार अपने रूसी समकक्ष और राष्ट्रपति पुतिन से मिल रहे हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और अलगाव का सामना कर रहे रूस को अपने वैश्विक प्रभाव और आर्थिक प्रासंगिकता को बनाए रखने के लिए भारत जैसे भागीदारों की जरूरत है।
ऐसी स्थिति में पुतिन को भारत की ज्यादा जरूरत हो सकती है, जिसका उपयोग भारतीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जा सकता है। भारत, अमेरिका के साथ रूस के तनाव को भी समझता है और इसे संतुलित करने के लिए उन्हें भारत की आवश्यकता है और भारतीय पक्ष निश्चित रूप से LAC पर तनाव कम करने के लिए चीन पर रूस का लाभ उठाने की कोशिश करेगा।
किन क्षेत्रों में रूस और भारत चाहते हैं एक दूसरे की मदद?
1- चाबहार बंदरगाह पर ईरान के साथ समझौते पर भारत ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार कर दिया है, लिहाजा इस मामले में भारत रूस का साथ चाहता है।
2- डिफेंस सेक्टर में भारत लगातार पश्चिमी देशों से हथियार खरीद रहा है, वहीं टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ साथ रक्षा अधिग्रहण कर रहा है, जिसको लेकर रूस, भारत के सामने चिंता जता सकता है।
3- रूस ने कई वैज्ञानिक भारत आ रहे हैं और भारत ऐसे टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स को हाथों हाथ काम कर रख रहा है, जो भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभा रहे हैं और भारत, बिना रूसी सरकार की इजाजत या निगरानी के ऐसे लोगों को काम पर रख रहा है, और इस मुद्दे को रूस, भारत के सामने उठा सकता है।
4- राजस्व में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए रूस और भारत कुछ समझौतों में बंध सकते हैं।
5- पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन इस मुलाकात के दौरान यूक्रेन युद्ध और जियो-पॉलिटिक्स पर चर्चा कर सकते हैं, जिनमें गाजा युद्ध, अफ्रीका में इकोनॉमिक चिंताएं शामिल हो सकती हैं।
6- इसके अलावा, भारत ये भी रूस से आश्वासन लेना चाहेगा, कि रूस क्रिटिकल हथियारों की टेक्नोलॉजी को लेकर चीन से कोई समझौता ना करे।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा पर टिप्पणी करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा है, कि नेतृत्व स्तर पर रूस के साथ भारत के आर्थिक संबंध "काफी मजबूत" हुए हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया, कि यह मोदी और पुतिन के लिए सीधे संवाद करने का "एक बेहतरीन अवसर" है। जयशंकर ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, कि "यह किसी भी रिश्ते का जायजा लेने का एक तरीका है...सबसे बड़ा बदलाव यह रहा है, कि रूस के साथ हमारे आर्थिक संबंध काफी मजबूत हुए हैं...नेतृत्व स्तर पर, यह प्रधानमंत्री मोदी और (रूसी) राष्ट्रपति पुतिन के लिए एक-दूसरे के साथ बैठकर सीधे बात करने का एक शानदार अवसर होगा।"












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