चमत्कार! सर्जरी के लिए गर्भ से निकाला गया अजन्मा बच्चा, फिर रखा गया वापस
नई दिल्ली। क्या आपने कभी सुना है कि किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे को खास सर्जरी के लिए गर्भ से बाहर निकाला जाए और फिर ऑपरेशन के बाद उसे वापस गर्भ में रख दिया जाए? बेहद अविश्वसनीय और चौंकाने वाले लग रहे इस मामले को डॉक्टरों ने साकार कर दिखाया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यूके के डॉक्टरों ने पहली बार एक अजन्मे बच्चे को सर्जरी के लिए उसकी मां के गर्भ से बाहर निकाला, और सर्जरी के बाद उसे सुरक्षित रूप से वापस गर्भ रख दिया।

24 हफ्ते के अजन्मे बच्चे में मिली थी रीढ़ की समस्या
यूनाइटेड किंगडम में अपनी तरह का ये पहला मामला है, जहां 24 हफ्ते के एक अजन्मे बच्चे में रीढ़ की समस्या का पता चला था। जिसके बाद डॉक्टरों ने चमत्कारिक तरीके से उस बच्चे को मां के गर्भ से बाहर निकाला, फिर सर्जरी करके वापस गर्भ में सुरक्षित रख दिया। डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक, एसेक्स में बर्नहाम की बेथन सिम्पसन को कुछ समय पहले अपना गर्भ गिराने की सलाह दी गई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि डॉक्टरों ने गर्भावस्था के बीसवें हफ्ते में किए गए स्कैन में पाया कि उनके बच्चे को जन्म से ही स्पाइना बाइफिडा की बीमारी थी।

स्पाइना बाइफिडा से पीड़ित था गर्भ में पल रहा मासूम
स्पाइना बाइफिडा, वो समस्या है जिसमें गर्भावस्था के दौरान बच्चे की रीढ़ की हड्डी पूरी तरह विकसित नहीं होती, जिसके कारण पैदा होने के बाद बच्चे को चलने में परेशानी और लकवा होने का खतरा रहता है। गर्भ में पल रहे बच्चे को हुई इस बीमारी का पता चलने के बाद बेथन सिम्पसन और उनके पति ने अपने अजन्मे बच्चे को गिराने से मना कर दिया। इतना ही नहीं भ्रूण की सर्जरी का विकल्प चुना। इस सर्जरी में, डॉक्टर अजन्मे बच्चे की रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन करते हैं, वो भी उस समय जब वह अपनी मां के गर्भाशय में रहता है।

माता-पिता ने लिया सर्जरी कराने का फैसला
बेथन सिम्पसन को रूटीन स्कैन के दौरान पता चला कि उनके बच्चे का सिर सही आकार का नहीं था। जिसके बाद उन्हें चेल्म्सफोर्ड के ब्रूमफील्ड अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने स्पाइना बिफिडा का पता लगाया और फिर हमारी राय जानने के बाद जल्द ही इसकी सर्जरी का फैसला किया। आखिरकार ये अजन्मे बच्चे की सर्जरी सफल रही और बच्चे को वापस गर्भ के अंदर सुरक्षित रख दिया गया। जानकारी के मुताबिक अब बेथन सिम्पसन को अप्रैल का इंतजार है, जब वो अपने बच्चे को जन्म देंगी।

आखिर क्या है स्पाइना बाइफिडा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पाइना बाइफिडा ऐसी स्थिति है जब गर्भावस्था के दौरान बच्चे की रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) ठीक से विकसित नहीं हो पाती। रीढ़ की हड्डी में एक दरार बन जाती है। इसका असर ये होता है कि जन्म के बाद पीड़ित बच्चे को चलने-फिरने और सीधे खड़े होने तक में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं इस बीमारी की वजह से बच्चा दिमागी रूप से भी कमजोर हो सकता है। अनुमान के मुताबिक हर साल करीब 200 बच्चे स्पाइना बाइफिडा के साथ जन्म लेते हैं। हालांकि इनमें ज्यादातर मामलों में बच्चे के जन्म के बाद सर्जरी होती है।












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