पाकिस्तानी सेना पर TTP का भीषण हमला, 12 सैनिकों की मौत, 75 सैनिकों को बनाया बंधक
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी की TTP ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ खुली जंग छेड़ दी है। ताजा जानकारी के मुताबिक टीटीपी ने खैबर पख्तूनख्वा इलाके के चित्राल में कम से कम 75 सैनिकों को बंधक बना लिया है।
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग के अपडेट के अनुसार, माना जाता है कि टीटीपी की हिरासत में 75 में से कम से कम 12 सैनिक मारे गए हैं। पाकिस्तानी सेना ने बदले में कम से कम 16 आतंकवादियों को मार गिराया गया है।

सेना ने कहा कि यह घटना तब हुई जब तालिबान आतंकवादियों ने अशांत उत्तर-पश्चिमी खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के चित्राल जिले में दो सीमा चौकियों पर हमला किया। दोनों सैन्य जांच चौकियां पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के करीब स्थित हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तालिबान ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास बंकर बनाने का काम शुरू किया था। ऊंची पहाड़ी पर बनाए जा रहे इस बंकर का काम पाकिस्तान सेना ने रोकने की कोशिश की थी। पाक ने इसके लिए अंतराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया।
इस मामले को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अधिकारियों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। पाकिस्तानी अधिकारी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि बुधवार को अचानक अफगानिस्तान के सैनिकों ने सीमा पर गोलीबारी शुरू कर दी।
सेना की मीडिया विंग ने कहा कि "नवीनतम हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक बड़े समूह" ने चित्राल जिले के कलश के सामान्य क्षेत्र में अफगानिस्तान सीमा के करीब स्थित दो सैन्य चौकियों पर हमला किया और वहां तैनात 75 सैनिकों को पकड़ लिया।
टीटीपी के इस हमले में कम से कम 40 सैनिक घायल बताए जा रहे हैं। इस बीच तालिबान के प्रवक्ता ने पाकिस्तान के दावे का खंडन किया है और कहा है कि चित्राल पर हमला अफगानिस्तान से नहीं किया गया था।
आपको बता दें कि अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ही दोनों मुल्कों के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हैं। इससे पहले भी दोनों देशों में मुठभेड़ की खबरें आती रही हैं।
फरवरी 2023 में भी दोनों के बीच तोरखम बॉर्डर सील हुआ था। हालांकि यह विवाद पाक और अफगान संबंधों में भारी गिरावट के बाद हुआ था। तोरखम सीमा पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों के लिए प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। हर साल लाखों लोग इसका उपयोग करते हैं।
आपको बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक सीमा के जरिए अलग होते हैं। इसे डूरंड लाइन कहा जाता है। पाकिस्तान इसे बाउंड्री लाइन मानता है, लेकिन तालिबान का साफ कहना है कि पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा राज्य उसका ही हिस्सा है। पाकिस्तानी सेना ने यहां कांटेदार तार से फेंसिंग की है।












Click it and Unblock the Notifications