Maldives: मालदीव की संसद में जमकर हाथापाई, स्पीकर के साथ बदसलूकी, क्या भारत से है कोई कनेक्शन?
मालदीव में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की तानाशाही शुरू होने से राजनीतिक गतिरोध तेज हो गया है। मालदीव की मुख्य विपक्षी पार्टी ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के मंत्रिमंडल के चार सदस्यों की मंजूरी रोक दी है। इस घटना के बाद मुइज्जू सरकार ने विपक्षी दलों को संसद में घुसने से रोक दिया है।
सोशल मीडिया पर मालदीव पार्लियामेंट से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें विपक्षी दलों के सांसदों को सदन के दरवाजे के पास देखा जा सकता है। इसमें मालदीव की पूर्व डिप्टी स्पीकर इवा अब्दुल्ला भी शामिल हैं।

आपको बता दें कि आज मालदीव में मुइज्जू के मत्रिमंडल पर संसद में मतदान होना था। चूंकि देश में विपक्षी पार्टियों के गठबंधन जिनका सदन में बहुमत भी हैं, उन्होंने फैसला किया कि वे डॉ. मोहम्मद मुइज्जू के मंत्रिमंडल के चार सदस्यों की मंजूरी रोक देंगे। इसके लिए मालदीव की संसद में रविवार को दोपहर 1 बजे मतदान होना था।
लेकिन उस समय सत्तारूढ़ दल से जुड़े सांसदों ने कार्यवाही बाधित कर दी और स्पीकर के कक्ष में प्रवेश कर गए। इस दौरान सत्ताधारी पार्टी के सांसदों ने सदन में ताला भी लगा दिया और कार्यवाही रोकने की कोशिश करते हुए वोटिंग कार्ड भी छीन लिये।
जबकि मतदान रोक दिया गया है, सरकार समर्थक समर्थक और अधिकारी वर्तमान में संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, कैबिनेट मंत्रियों की मंजूरी की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल उन्हें वोटिंग में भाग लेने से रोक रहा है।
बता दें कि मालदीव में मोहम्मद मुइज़ु को पिछले साल मालदीव का नया राष्ट्रपति चुना गया था। अब विपक्ष का आरोप है कि उनके कुछ मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
किन मंत्रियों को विपक्ष करना चाहता है बाहर?
अटॉर्नी जनरल अहमद उशम, आवास, भूमि और शहरी विकास मंत्री डॉ. अली हैदर, इस्लामी मामलों के मंत्री डॉ. मोहम्मद शहीम अली सईद और आर्थिक विकास और व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद को मंजूरी देने के लिए मतदान नहीं करने का फैसला किया है।
एक अन्य विपक्षी दल डेमोक्रेट्स ने यह भी कहा है कि वे कैबिनेट के चार सदस्यों को मंजूरी देने के लिए मतदान नहीं करेंगे। हालांकि, उनकी सूची में इस्लामी मामलों के मंत्री सईद शामिल नहीं हैं, इसके बजाय वो विदेश मामलों के मंत्री मूसा ज़मीर को मंत्रीमंडल से बाहर करना चाहता है।
सत्ताधारी प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव (PPM) और पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (PNC) गठबंधन ने विपक्ष के इस रवैये पर चिंता जताई है। इसे लेकर उन्होंने कहा कि मंजूरी से इनकार करना सरकार के कामकाज में बाधा डालने का प्रयास है।
मालदी में वर्तमान संसद संरचना:
एमडीपी: 43 सांसद
डेमोक्रेट: 13 सांसद
संसद में दोनों विपक्षी दलों का बहुमत है। 87 में से 56 सांसद विपक्ष के हैं। ऐसे में इसकी बहुत कम संभावना है कि पार्टियों द्वारा ब्लैक लिस्ट में डाले गए मंत्रियों को मंजूरी मिल पाएगी।












Click it and Unblock the Notifications