भारत सबसे करीबी सहयोगी.. मालदीव टूरिज्म इंडस्ट्री ने बड़बोले नेताओं को हड़काया, जुबान संभालकर रखने की नसीहत
India-Maldives Row: मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री (एमएटीआई) ने भारत और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ उप मंत्रियों द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा की है और भारत को "हमारे करीबी सहयोगियों में से एक" करार दिया है।
बयान में कहा गया है, कि भारत अतीत में विभिन्न संकटों के प्रति हमेशा सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला देश रहा है। पिछले हफ्ते पीएम मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के कुछ दिनों बाद मालदीव के उप मंत्री समेत कुछ अन्य मंत्रियों ने अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद भारत और मालदीव के संबंध खराब होने की दिशा में चल पड़े हैं।

टूरिज्म एसोसिएशन ने क्या कहा?
टूरिज्म एसोसिएशन (MATI) ने बयान जारी करते हुए कहा है, कि "मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ उप मंत्रियों द्वारा भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ भारत के लोगों के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता है। भारत हमारे निकटतम पड़ोसियों में से एक है और सहयोगी है।"
MATI ने सोमवार को एक बयान में कहा, "भारत हमेशा हमारे पूरे इतिहास में, विभिन्न संकटों के लिए सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला देश रहा है और हम सरकार के साथ-साथ, भारत के लोगों द्वारा हमारे साथ बनाए गए घनिष्ठ संबंधों के लिए बेहद आभारी हैं।"
बयान में यह भी कहा गया है, कि भारत, मालदीव के पर्यटन उद्योग में "निरंतर और महत्वपूर्ण" योगदानकर्ता रहा है।
पर्यटन उद्योग ने आगे कहा, कि "एक योगदानकर्ता, जिसने हमारी सीमाओं को फिर से खोलने के ठीक बाद, COVID-19 के दौरान हमारे रिकवरी के कामों में काफी ज्यादा सहायता की है। तब से, भारत मालदीव के लिए शीर्ष बाजारों में से एक बना हुआ है।"
बयान में आगे कहा गया है, कि "यह हमारी सच्ची इच्छा है कि हमारे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंध आने वाली पीढ़ियों तक बने रहें और इसलिए, हम ऐसे कार्यों या भाषण से बचते हैं, जो हमारे अच्छे संबंधों पर कोई नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।"
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
मालदीव के मंत्रियों की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई है। भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफार्मों में से एक EaseMyTrip ने मौजूदा विवाद के बीच मालदीव के लिए उड़ान बुकिंग निलंबित कर दी है।
कई हस्तियों ने मालदीव के मंत्रियों की तरफ से की गई टिप्पणियों की निंदा की और लक्षद्वीप और अन्य भारतीय द्वीपों का दौरा करने की वकालत की, जहां मनोरम दृश्य भी हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने नागरिकों से आग्रह किया, कि वे पर्यटक के रूप में मालदीव जाने का बहिष्कार करें और इसके बजाय भारतीय द्वीपों का दौरा करें। मालदीव की कई फ्लाइट टिकटें कथित तौर पर रद्द कर दी गईं हैं।
पिछले हफ्ते मालदीव के उप मंत्री और अन्य मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जिन्होंने भारत पर नस्लवादी टिप्पणी की थी, साथ ही पीएम मोदी की लक्षद्वीप यात्रा और भारत के द्वीप केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उनके प्रयास का भी मजाक उड़ाया था।
मालदीव सरकार ने नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों से खुद को यह कहते हुए दूर कर लिया कि "राय व्यक्तिगत हैं और मालदीव सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं"।
भारत ने इस मुद्दे को माले के समक्ष उठाया और कल मालदीव के दूत इब्राहिम शाहीब को भी तलब किया था।












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