महिला मंत्री की 'पतियों' को सलाह- 'जिद्दी पत्नियों के साथ ना सोएं', जानिए मलेशिया की मंत्री ने और क्या सब कहा
कुआलालंपुर, 17 फरवरी: मलेशिया में महिला मामलों की एक महिला मंत्री ने महिलाओं को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसपर काफी विवाद हो रहा है और उनसे तत्काल इस्तीफे का मांग की जा रही है। महिला अधिकारों की आवाज उठाने वाले संगठनों का कहना है कि महिला मंत्री होते हुए भी सिती जैलाह मोहम्मद यूसॉफ घरेलू हिंसा को बढ़ावा दे रही हैं, जो कि बहुत ही घृणित बात है। दरअसल, सिती जैलाह ने एक वीडियो जारी करके महिलाओं और पुरुषों को पति-पत्नी के तौर पर एक-दूसरे के साथ व्यवहार करने को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं, जिसमें काफी बातें बहुत ही आपत्तिजनक हैं। अब इसी को लेकर मलेशिया में राजनीतिक फसाद शुरू हो गया है।

मलेशिया की महिला मंत्री के बयान पर बवाल
मलेशिया के एक महिला मंत्री ने महिलाओं को लेकर पुरुषों को जो सलाह दी है, उसपर बहुत विवाद छिड़ गया है। उन्होंने 'जिद्दी और उच्छृंखल' बर्ताव करने वाली पत्नियों को कथित तौर पर 'ठीक' करने के लिए पुरुषों को यह सलाह दी है। उन्होंने महिलाओं के लिए भी कुछ सलाह दिए हैं, लेकिन उनकी दलीलें महिला अधिकारों की वकालत करने वालों को नागवार गुजर रही है और वह उनकी जमकर आलोचनाएं कर रही हैं। उन्होंने ये आपत्तिजनक टिप्पणियां इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करके दी हैं। सिती जैलाह मोहम्मद यूसॉफ मलेशिया की महिला, परिवार और सामुदायिक विकास उपमंत्री हैं।

'पतियों' को सलाह- 'जिद्दी पत्नियों के साथ ना सोएं'
स्पूतनिक की एक रिपोर्ट के मुताबिक जैलाह मोहम्मद ने जो वीडियो डाला है उसका टाइटल 'मदर्स टिप्स' है। इसमें वह पुरुषों से कह रही हैं कि पहले वे अपनी 'जिद्दी' पत्नियों से बात करके उन्हें 'अनुशासन' में रहने को कहें। लेकिन, यदि इससे भी यदि उनकी 'उच्छृंखल' पत्नियां नहीं सुधरती हैं तो तीन दिन तक वो उनके साथ ना सोएं। लेकिन, अगर तीन दिन तक अलग-अलग सोने के बाद भी उनकी पत्नी का व्यवहार नहीं बदलता है तो थोड़ी सख्ती दिखाएं और हल्की 'पिटाई' करें। ताकि उन्हें अहसास हो कि वो अपनी पत्नी में क्या बदलाव चाहते हैं।

पत्नियों को लेकर भी मंत्री ने दी है खास सलाह
इतना ही नहीं, सिती जैलाह मोहम्मद ने महिलाओं को भी पति से व्यवहार करने को लेकर कुछ सलाह दिए हैं। इसके बारे में उनका कहना है कि महिलाएं पतियों का दिल जीतने के लिए सिर्फ तभी उनसे बात करें जब उन्हें उनसे इसकी इजाजत मिले। मलेशिया की महिला मंत्री का कहना है कि महिलाओं को तब अपने पतियों से बात करनी चाहिए, 'जब वे शांत हों' और 'खाना खा चुके हों, दुआ कर चुके हों और निश्चिंत हों।' लेकिन, उनकी ये सलाह कई महिला संगठनों और इंटरनेट यूजर्स को नागवार गुजरी है।
महिला संगठनों ने की मंत्री के इस्तीफे की मांग
ज्वाइंट ऐक्शन ग्रुप फॉर जेंडर इक्वलिटी (जेएजी) ने 'घरेलू हिंसा को सामान्य' बनाने की मंत्री के इस बयान की आलोचना करते हुए उनके महिला मामलों की उपमंत्री पद से इस्तीफा मांगा है। बयान में कहा है,'एक मंत्री के रूप में जो कि लैंगिक समानता और महिलाओं के संरक्षण और सुरक्षा के अधिकारों को बनाए रखने के लिए है, यह घृणित है। महिलाओं को उनके समानता के अधिकार, सम्मान के अधिकार और अपमानजनक बर्ताव से मुक्त होने के अधिकार से वंचित करता है। यह सरासर गलत है और नाकाम लीडरशिप को दर्शाता है।' इस बयान में पुलिस रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि साल 2020 और 2021 के बीच घरेलू हिंसा के 9,015 मामले दर्ज हुए थे, जबकि असली आंकड़े इससे कहीं ज्यादा होंगे। (सिती जैलाह मोहम्मद यूसॉफ की तस्वीर @sitizailahmohdyusoff के वीडियो के सौजन्य से, बाकी-सांकेतिक)












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