पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चीन गए मंत्री बोले लिंचिंग से भारत की छवि बिगड़ी

शॉर्ट हेडलाइन

बीजिंग। लिंचिंग की घटनाएं भारत की छवि खराब करती हैं। केंद्रीय पर्यटन राज्‍य मंत्री केजे अल्‍फोंस ने यह बात कही है। वह पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस समय चीन में हैं। बीफ बैन से पर्यटन को नुकसान की बात पर अल्‍फोंस ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ा है। उन्‍होंने उस सर्वे को भी खारिज किया, जिसमें भारत को महिलाओं के लिए असुरक्षित बताया गया है। केजे अल्‍फोंस ने कहा, 'लिंचिंग नहीं होनी चाहिए...सिंपल...और प्रधानमंत्री ने ऐसे लोगों को क्रिमिनल करार दिया है। उन्‍होंने राज्‍यों को इसके खिलाफ एक्‍शन लेने को भी कहा है, क्‍योंकि लॉ एंड ऑर्डर राज्‍य का मसला है।'

Lynching bad for India reputation, says Tourism Minister K J Alphons in China

अल्‍फोंस से जब पत्रकारों ने सवाल पूछा कि क्‍या लिंचिंग की घटनाओं से भारत में पर्यटन पर बुरा असर पड़ा है? इसके जवाब में अल्‍फोंस ने कहा, 'नहीं इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं देश की छवि के लिए खराब हैं। हम ऐसा नहीं कह सकते कि ऐसी घटनाएं देश की छवि के लिए अच्‍छी हैं।' बीफ बैन से पर्यटन पर बुरा असर पड़ने के सवाल पर अल्‍फोंस ने कहा, 'नहीं ऐसा नहीं है। देखिए हमारे यहां केरल, गोवा और नॉर्थ-ईस्‍ट में बीफ खाया जाता है। ये सभी राज्‍य बड़े टूरिस्‍ट डेस्टिनेशन हैं। तो लोग वहां जाएंगे जहां उन्‍हें बेहतर लगेगा। मेरा मानना है कि हमें लोगों की भावनाओं का ख्‍याल रखना चाहिए, यह मौलिक बात है।'

पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अल्‍फोंस इस समय चीन दौरे पर हैं। चीन में पर्यटन के लिहाज से भारत के लिए काफी संभावनाएं हैं। पिछले साल करीब 14.4 रोड़ चीनी नागरिक देश के बाहर घूमने गए, लेकिन भारत में सिर्फ 3 लाख चीनी ही आ सके। अल्‍फोंस ने कहा कि भारत का लक्ष्‍य है अगले तीन साल में चीनी पर्यटकों की संख्‍या को करीब डेढ़ करोड़ तक ले जाना।

यूएई की मदद को लेकर भी दिया था पार्टी लाइन से हटकर बयान

संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) की ओर से बाढ़ प्रभावित केरल के लिए 700 करोड़ रुपए की सहायता राशि की बात सामने आने पर भी केजे अल्‍फोंस ने पार्टी लाइन से हटकर बात कही थी। उन्‍होंने केंद्र सरकार से यूएई की मदद स्‍वीकार करने की बात कही थी। उधर, केंद्र पहले ही साफ कर चुका है कि 2004 में मनमोहन सिंह के समय भारत ने एक नीतिगत फैसला लिया था कि आपदा के समय दूसरे देशों की सहायता स्‍वीकार नहीं करेंगे। इस पर केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस ने अपील करते हुए कहा कि 14 साल पुरानी इस परंपरा में 'एक बार अपवाद' को लागू कर विदेशी सहायता को मंजूर किया जाए।

केरल राहत शिविर की तस्‍वीर पोस्‍ट करने पर हुआ विवाद

केजे अल्‍फोंस कुछ दिनों पहले केरल गए थे, जहां उन्‍होंन बाढ़ पीडि़तों के लिए बनाए राहत शिविरों का जायजा लिया था। इसी दौरान उन्‍होंने एक फोटो ट्विटर पर शेयर की। तस्‍वीर में अल्‍फोंस राहत शिविर में जमीन पर बिछे एक गद्दे पर सोते नजर आ रहे हैं। इस तस्‍वीर को लेकर उन्‍हें काफी ट्रॉल किया गया। लोगों ने उन्‍हें नसीहत दे डाली कि ये पब्लिसिटी का टाइम नहीं है।

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस को कह डाला 'गंदा शहर'

पर्यटन मंत्री केजे अल्‍फोंस जून में पीएम नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र बनारस गए थे। इस दौरान उन्‍होंने वाराणसी को 'गंदा शहर' कह दिया था। अल्‍फोंस ने कहा कि वाराणसी जैसे शहर में बड़े पैमाने पर पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है, लेकिन गंदगी के चलते ऐसा हो नहीं पा रहा है।' अल्‍फोंस ने कहा कि इस समय सालभर में सिर्फ 5 लाख पर्यटक बनारस और सारनाथ आ रहे हैं। आने वाले दो वर्षों में हमें इस संख्‍या को 10 लाख तक ले जाना है।

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