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चीन के ब्लैक मार्केट में मुसलमानों के लीवर और गुर्दों की बिक्री, करोड़ों डॉलर का कारोबार, डर से सब चुप

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को मिली शिकायत में कहा गया है कि, लिवरी-किडनी की बिक्री में चीन के डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग के प्रोफेशनल्स शामिल होते हैं।

बीजिंग, अक्टूबर 30: उइगर मुसलमानों के साथ चीन हर तरह की ज्यादती कर रहा है, लेकिन मजाल है कि विश्व के एक भी मुस्लिम देश चीन के खिलाफ चूं भी करें। दुनियाभर के मुसलमानों का रहनुमा बनने का दिखावा करने वाला पाकिस्तान खुद चीन का बंधुआ बना है तो मुसलमानों का नया खलीफा बनने की कोशिश करने वाला तुर्की भी अपने मुंह में दही जमाए बैठा हुआ है। जबकि दूसरी तरफ चीन में उइगर मुसलमानों के साथ शी जिनपिंग क्रूरता की हर हदों को पार कर रहे हैं। ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि, उइगर मुसलमानों के शरीर के अंग, जैसे लीवर और गुर्दे चीन के ब्लैक मार्केट में खुलेआम बिक रहे हैं।

मुसलमानों के बिकते अंग

मुसलमानों के बिकते अंग

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीजिंग अपने कमजोर अल्पसंख्यकों के अंगों को जबरन काटकर काला बाजार में बेचकर अरबों डॉलर कमा रहा है। यह एक बेहद खतरनाक आरोप चीन पर लगाए गये हैं और अगर इये आरोप सच हैं, तो फिर इससे बड़ी नृशंसता मानव समाज के साथ कुछ और हो ही नहीं सकती है और अगर माना जा रहा है कि चीन के खिलाफ अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश जरूर आवाज उठाएगें, भले ही मुस्लिम देश चुप्पी का चूरन चाटकर बैठे रहें।

ऑस्ट्रेलियन अखबार का दावा

ऑस्ट्रेलियन अखबार का दावा

एएनआई समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के ब्लैक मार्केट में उइगर मुसलमानों के अंगों की कालाबाजारी को लेकर ये सनसनीखेज रिपोर्ट ऑस्ट्रेलियन न्यूजपेपर हेराल्ड सन में प्रकाशित की गई है। ये अखबार ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर से निकलता है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अखबार में चीन में मुसलमानों के साथ होने वाले अत्याचार को लेकर कई भीषण दावे किए गये हैं। एएनआई के मुताबिक, इस रिपोर्ट में कहा गया है कि, ''एक स्वस्थ इंसान का लीवर चीन के ब्लैक मार्केट में करीब एक लाख 60 हजार अमेरिकी डॉलर में बिकता है और चीन में हर साल कम से कम एक अरब अमेरिकी डॉलर का कारोबार लीवर और गुर्दों को बेचकर किया जा रहा है''।

डिटेंशन सेंटर में काटे जाते है अंग

डिटेंशन सेंटर में काटे जाते है अंग

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब चीन के डिटेंशन सेंटरों में मुसलमानों के अंग काटने को लेकर रिपोर्ट आई हो। इस साल की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यूएनएचआरसी) ने कहा कि ''चीन में नजरबंद करके रखे गये उइगर मुसलमान, फालुन गोंग, तिब्बतियों, और ईसाइयों के अंगों को काटकर उन्हें बेचा जा रहा है''। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने चीन में मानव अंगों की ब्लैक मार्केट में बिक्री को 'बेहद चिंता' की बात बताय था। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा कि, उन्हें विश्वसनीय जानकारी मिली है कि जातीय, भाषाई या धार्मिक अल्पसंख्यकों के आधार पर जो लोग बंदी बनाए गये हैं, उनकी इजाजत के बगैर उनका ब्लड टेस्ट किया जाता है, उनका अल्ट्रासाउंड किया जाता है, उनका एक्सरे किया जाता है और इसका मकसद उनके अंगों की जांच करना होता है। जबकि अन्य कैदियों के ऐसे टेस्ट नहीं किए जाते हैं।

अंगों की बिक्री और नसबंदी

अंगों की बिक्री और नसबंदी

अपनी हालिया रिपोर्ट में ऑस्ट्रेलियन अखबार हेराल्ड सन डेली विस्तार से बताया है, कि चीन जुल्म करने में कितना आगे निकल चुका है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, चीन में अल्पसंख्यकों के अंगों को जबरदस्ती काटा जाता है, उन्हें बेचा जाता है, उनका नसबंदी किया जाता है, खासकर उइगर मुसलमानों की संख्या इनमें सबसे ज्यादा होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, अंग प्रत्यारोपण करने वाले अस्पताल कथित तौर पर डिटेंशन सेंटर से बहुत दूर नहीं पाए जाते हैं। इससे पता चला कि अस्पतालों में किए गए ऑपरेशनों की संख्या और कम वेटिंग लिस्ट से संकेत मिलता है कि बड़े पैमाने पर बहुत लंबे समय से "जबरन अंग कटाई" की जा रही है।

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    मुसलमानों की तस्करी

    मुसलमानों की तस्करी

    ऑस्ट्रेलियन अखबार ने ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट (एएसपीआई) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि, 2017 से 2019 के बीच देश भर के कारखानों में लगभग 80 हजार उइगर मुसलमानों की तस्करी की गई। एएसपीआई की रिपोर्ट में कहा गया है, "घर से दूर कारखानों में वे आम तौर पर अलग-अलग डॉर्मिटरी में रहते हैं, काम के घंटों के बाहर संगठित मंदारिन और वैचारिक प्रशिक्षण से गुजरते हैं, उनकी हर वक्त निगरानी की जाती है और उन्हें नमाज पढ़ने से लेकर किसी भी इस्लामिक विचार को मानने की इजाजत नहीं होती है''।

    मुसलमानों की संपत्ति जब्त

    मुसलमानों की संपत्ति जब्त

    ताइवान से प्रकाशित एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, चीन में अल्पसंख्यक उइगर मुसलामों की संपत्ति कभी भी जब्त कर ली जाती है और हाल के सालों में उइगर मुसलमानों से करीब 84 अरब डॉलर की संपत्ति जब्ज कर ली गई है, इनमें से ज्यादातर संपत्ति रियल स्टेट से जुड़ी थीं। इस साल की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र के पास जो आरोप दर्ज कराए गये हैं, उनमें कहा गया है कि, कैदियों से निकाले गए सबसे आम अंग कथित तौर पर दिल, गुर्दे, लीवर और कॉर्निया के अलावा शरीर के दूसरे अंग भी शामिल होते है। यूएनएचसीआर ने नोट किया कि, "चीन में मानव अंगों की कटाई में बकायदा डॉक्टर, स्वास्थ्य सेक्टर के प्रोफेशनल्स, जिनमें सर्जन, एनेस्थेटिस्ट और अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल होते हैं।"

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