Lebanon Israel conflict: सीजफायर धुआं-धुआं! हिज्बुल्ला के हमले से दहला इजराइल
Lebanon Israel conflict: लेबनान और इजराइल के बीच शांति की कोशिशों को गहरा झटका लगा है। हाल ही में हुआ 10 दिनों का संघर्ष विराम (सीजफायर) टूटने की कगार पर है। शुक्रवार सुबह हिज्बुल्ला ने इजराइली सेना पर रॉकेट और ड्रोन से हमला किया, जिसे युद्धविराम लागू होने के बाद पहला बड़ा हमला माना जा रहा है।
हिज्बुल्ला का दावा है कि यह कार्रवाई इजराइल द्वारा दक्षिणी लेबनान में किए गए उल्लंघनों का जवाब है। वहीं, इजराइल ने जवाबी बमबारी करते हुए लेबनानी रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया है। इस तनाव ने क्षेत्र में एक बार फिर बड़े युद्ध की आशंका पैदा कर दी है।

Hezbollah rocket Attack: हिज्बुल्ला का हमला और इजराइल की जवाबी कार्रवाई
हिज्बुल्ला ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उसने इजराइली सेना की चौकियों पर ड्रोन और रॉकेट दागे हैं। उनका आरोप है कि इजराइल ने युद्धविराम की शर्तों को ताक पर रखकर लेबनानी नागरिकों के घरों और गांवों को निशाना बनाया था। इसके जवाब में इजराइली वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान के बिन्त जेबील और खियाम जैसे शहरों पर भारी बमबारी की है। दोनों तरफ से बढ़ते इन हमलों ने उस शांति समझौते को कमजोर कर दिया है, जिसकी उम्मीद दुनिया भर को थी।
ये भी पढे़ं: Hormuz Conflict: होर्मुज में ईरान का खूनी तांडव, IRGC ने जहाज को गोलियों से छलनी किया, बाल-बाल बची क्रू की जान
बफर जोन और इजराइल की नई रक्षा रेखा
इजराइल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए दक्षिणी लेबनान में एक 'बफर जोन' बनाए रखना चाहता है। इजराइली सेना ने एक नया नक्शा जारी किया है, जिसे वे अपनी 'अग्रणी रक्षा रेखा' कह रहे हैं। यह इलाका लेबनान की सीमा के अंदर कई मील तक फैला हुआ है। इस क्षेत्र में आने वाले कई गांवों के निवासियों को इजराइल ने वापस लौटने से मना कर दिया है। लेबनान इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मान रहा है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
ये भी पढे़ं: OI Explained: 8 प्वॉइंट में समझें, पाकिस्तान क्यों करा रहा पीस-टॉक? लड़ते रहे US-Iran तो होगा भयंकर नुकसान
अमेरिका-ईरान समझौते में लेबनान का पेंच
लेबनान का मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच हुए व्यापक युद्धविराम में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरा है। ईरान और मध्यस्थ देश पाकिस्तान का तर्क था कि लेबनान भी इस शांति समझौते का हिस्सा है। शुरुआत में अमेरिका और इजराइल ने इससे इनकार किया था, लेकिन ईरान के कड़े रुख के बाद वे वार्ता के लिए तैयार हुए। हालांकि, इजराइल द्वारा लेबनान पर हमले जारी रखने के कारण यह पूरा समझौता अब खतरे में दिखाई दे रहा है और कूटनीतिक कोशिशें विफल होती दिख रही हैं।
कागजों में सीजफायर, जमीन पर हिंसा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के अनुरोध पर एक अनिश्चितकालीन युद्धविराम की घोषणा की थी। ट्रंप का कहना है कि जब तक ईरान की ओर से कोई ठोस और सकारात्मक प्रस्ताव नहीं मिलता, तब तक यह स्थिति बनी रहेगी। पाकिस्तान इस पूरे मामले में एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभरा है, जो ईरान और अमेरिका के बीच की दूरी को कम करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन जमीन पर जारी हिंसा ने इन बड़े नेताओं के दावों और समझौतों पर इजराइल और लेबनान के संदर्भ में सवालिया निशान लगा दिया है।












Click it and Unblock the Notifications