26/11 मुंबई हमले में शामिल आतंकवादी की PAK जेल में मौत, हाफिज सईद का कमांडर था अब्दुल सलाम भुट्टावी
अब्दुल सलाम भुट्टावी को UNSC ने भी आतंकवादी घोषित कर रखा था और साल 2020 में एफएटीएफ से बचने के लिए उसे साढ़े 16 साल की सजा सुनाई गई थी।

Abdul Salam Bhuttavi: लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी अब्दुल सलाम भुट्टावी, जिसने 2008 के मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी, उसकी मौत पाकिस्तान के जेल में हो गई है। (फोटो- हाफिज सईद, लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख)
अब्दुल सलाम भुट्टावी एक खतरनाक आतंकवादी था और उसने मुंबई हमला करने वाले आतंकवादियों को ट्रेन करने में काफी अहम भूमिका निभाई थी और वो भारत के लिए एक वांटेड आतंकवादी था, जो फिलहाल आतंकी वित्तपोषण के लिए पाकिस्तान की जेल में बंद था।
आतंकवादी भुट्टावी को साल 2012 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक आतंकवादी के रूप में नामित किया था। जिसके कई साल बाद पाकिस्तान ने FATF की कार्रवाई से बचने के लिए आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोप में गिरफ्तार किया था।
सुनाई गई थी साढ़े 16 साल की सजा
बाद में उसे लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के बहनोई अब्दुल रहमान मक्की के साथ एक आतंक वित्तपोषण मामले में दोषी ठहराया गया था। अगस्त 2020 में भुट्टावी को साढ़े 16 साल की सजा सुनाई गई थी और उसके बाद से वो पाकिस्तान की जेल में ही बंद था।
अब्दुल सलाम भुट्टावी की मौत की घोषणा सोमवार शाम को उसके संगठन से जुड़े लोगों ने की है।
अब्दुल सलाम भुट्टावी साल 2002 और 2008 में लश्कर-ए-तैयबा का कार्यवाहक प्रमुख भी रह चुका है, जब हाफिज सईद को पाकिस्तानी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था।
भुट्टावी की मौत की घोषणा करते हुए उसके संगठन की तरफ से कहा गया है, कि सोमवार दोपहर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शेखपुरा जेल में दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। लश्कर के फ्रंट संगठनों ने कथित तौर पर 78 साल के भुट्टावी के अंतिम संस्कार को दिखाने वाला एक वीडियो भी जारी किया है और बताया जा रहा है, कि उसका अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह लाहौर के पास मुरीदके में में स्थित 'मरकज' में किया गया है।
भारतीय खुफिया अधिकारियों ने भी मौत की पुष्टि की है, लेकिन उसकी मौत के संबंध में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
लश्कर का खतरनाक आतंकी था भुट्टावी
नवंबर 2008 में तीन दिनों में लश्कर-ए-तैयबा की एक 10-सदस्यीय टीम ने मुंबई में कई स्थानों को निशाना बनाया था, जिसमें अमेरिका और ब्रिटेन जैसे कई देशों के नागरिकों सहित कुल 166 लोग मारे गए थे और दर्जनों अन्य घायल हो गए थे।
इस आतंकी हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय दबाव में आकर पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, ऑपरेशन कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित इन आतंकियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में कोई प्रगति नहीं हुई।
हालांकि, सितंबर 2011 में अमेरिका के राजकोष विभाग ने भुट्टावी पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें कहा गया था, कि वो पिछले 20 सालों से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन उगाहने, लश्कर-ए-तैयबा में आतंकियों की भर्ती करने और उन्हें ट्रेनिंग देने का काम कर रहा है।
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जमात-उद-दावा का जिक्र करते हुए अमेरिकी वित्त विभाग ने उस समय एक बयान में कहा था, कि "भुट्टावी ने मजहबी भाषण और शहादत के गुणों पर भड़काने वाले भाषण देकर 2008 में मुंबई पर हमला करने के लिए आतंकियों को तैयार किया था। इसके अलावा, भुट्टावी ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अभियानों को अधिकृत करने के लिए फतवा भी जारी किया था।












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