Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

इसलिए मनाया जाता है अप्रैल फूल डे

पहली अप्रैल को शायद आप दोस्तों या परिवार में किसी को बेवकूफ बनाने के लिए सोच रहे होंगे. ऐसा इसलिए कि अप्रैल फूल का दिन है आज. इस दिन हम सभी एक दूसरे का मज़ाक बनाते हैं.

अप्रैल फूल
BBC
अप्रैल फूल

पहली अप्रैल को शायद आप दोस्तों या परिवार में किसी को बेवकूफ बनाने के लिए सोच रहे होंगे. ऐसा इसलिए कि अप्रैल फूल का दिन है आज. इस दिन हम सभी एक दूसरे का मज़ाक बनाते हैं.

ब्रिटेन में यह 19वीं सदी से ही मनाया जा रहा है. यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल में इतिहासकार एंड्रिया लिवेसी ने अप्रैल फूल के इतिहास के बारे में बीबीसी को बताया. अप्रैल फूल डे में बच्चों को ज़्यादा बेवकूफ बनाया जाता है.

अप्रैल फूल: पांच धमाकेदार गच्चे..

अप्रैल फूल
BBC
अप्रैल फूल

आख़िर क्यों नाया जाता है अप्रैल फूल डे?

एंड्रिया ने बताया कि इस बात से हर कोई सहमत नहीं है कि यह उत्सव कहां से आया.

उन्होंने कहा, ''आश्चर्यजनक रूप से अप्रैल फूल डे की शुरुआत कहां से हुई इसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है. बड़ी संख्या में लोगों का इस पर मतभेद है. इसकी उत्पति को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं.'' ऐसे में हम इन्हीं बातों पर एक नज़र डालते हैं.

अप्रैल फूल बनाया, तो उनको ग़ुस्सा आया..

पहली थ्योरी

कई लोगों का मानना है कि 14वीं सदी में इंग्लिश कवि जियोफी चौसर ने एक कहानी कही थी. इसमें एक लोमड़ी मुर्गे के साथ शरारत करती है. पहली अप्रैल को शरारत के मामले में इसे पहला संदर्भ माना जाता है.

हालांकि कवि ने सीधे पर पहली अप्रैल का ज़िक्र नहीं किया है. कविता में 32 दिनों की बात है. मार्च महीने की शुरुआत से पहली अप्रैल तक का ज़िक्र है.

अप्रैल फूल
BBC
अप्रैल फूल

हालांकि जो इस पर भरोसा नहीं करते हैं उनका कहना है कि कवि ने लोगों के मज़े लेने के लिए भ्रम में डालने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया था.

दूसरी थ्योरी

कई लोगों का मानना है कि इस परंपरा की शुरुआत कैलेंडर में वाकयों के कारण हुई.

रोमन काल के त्योहारों को याद किया जाता है. यह नए साल के उत्सव के साथ ही शुरू हो जाता था. मार्च में वसंत होता है इसलिए लोगों को लगता है कि शरारत करने की परंपरा इसी वक़्त शुरू हुई. वसंत के आगमन और फूलों के लगाने के बाद से नए साल की तैयारी शुरू हो जाती थी.

अप्रैल फूल
BBC
अप्रैल फूल

कैलैंडर के तर्क को आगे बढ़ाते हुए एक और बात कही जाती है कि नए साल का जश्न जनवरी की शुरुआत से मार्च के आख़िर तक चलता था. जो मार्च तक नया साल मनाते थे उन्हें बेवकूफ समझा जाता था और लोग उनका मज़ाक बनाते थे.

एंड्रिया का कहना है, ''फ्रांस और हॉलैंड में पहली अप्रैल का ठोस रिकॉर्ड 1500 के दशक में मिलता है. लोगों का मानना है कि यह उत्तरी यूरोप की परंपरा थी जो ब्रिटेन तक आई. यूरोप के कुछ इलाक़ों में इसे अप्रैल फिश डे के रूप में मनाया जाता है.

तीसरी थ्योरी

ऐसा इसलिए कि फ्रांसीसी नदियों में एक अप्रैल के आसपास काफी मछली पाई जाती है. फिश को ही फूलिश डे के रूप में देखा जाने लगा. इसी वजह से एक अप्रैल लोकप्रिय हुआ.

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+