साउथ अफ्रीका का वो किंग, जिनके सामने हजारों कुंवारी लड़कियां करती थीं अर्द्धनग्न डांस…जिनके थे 28 बच्चे
साउथ अफ्रीका के जुलु के किंग गुडविल ज्वेलिथिनी का 72 साल की उम्र में निधन हो गया है। लेकिन, उनकी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से आज याद किए जा रहे हैं।
जुलू: साउथ अफ्रीका के जुलु के किंग गुडविल ज्वेलिथिनी का 72 साल की उम्र में निधन हो गया है। वो काफी लंबे वक्त से अस्पताल में भर्ती थे। राजा के चाहने वालों ने उन्हें आखिरी बार 'Bayede' कहकर उन्हें आखिरी बार विदाई दी। लेकिन, अपने पीछे गुडविल ज्वेलिथिनी कई ऐसी कहानियां छोड़ गये हैं, जिन्हें आज याद किया जा रहा है। बेहद छोटे से देश के राजा होने के बाद भी पूरी दुनिया के नेताओं के बीच उनका प्रभाव था और लोग उनसे सम्मान के साथ मिलते थे। जुलु के आठनें राजा गुडविल ज्वेलिथिनी ने पचास सालों से ज्यादा वक्त तक राज किया लेकिन उन्होंने देश की परंपरा और प्रतिष्ठा के साथ कभी समझौता नहीं किया। और शायद यही वजह थी कि आज दुनिया के बड़े बड़े देशों के नेता भी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

एक शानदार शख्सियत
जुलु के राजा गुडविल ज्वेलिथिनी का प्रभाव उनकी प्रजा पर काफी ज्यादा था। जुलु की आबादी करीब सवा करोड़ है लेकिन राजा के कई विवादित फैसलों के बाद भी उनकी प्रजा उनका काफी सम्मान करती थी। जुलु की सीमा के बाहर भी उनका प्रभुत्व काफी ज्यादा माना जाता था। किंग गुडविल ज्वेलिथिनी ने 6 शादियां की थीं जिनमें उन्हें 28 बच्चे हुए। आखिरी शादी उन्होंने 65 साल की उम्र में स्वाजीलैंड की क्वीन जालो माफू से की थी। हालांकि, राजा के विरोधी अकसर उनके ऊपर पुरानी और रूढ़ीवादी परंपरा को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते रहते थे। राजा गुडविल ज्वेलिथिनी के ऊपर व्हाइट सुपरमेसी को भी बढ़ाने का आरोप लगता रहा। इसके साथ ही उनके ऊपर यह भी आरोप लगे कि गरीबी से जूझ रहे जुलु देश में वो शानो-शौकत के साथ अपनी जिंदगी बिताया करते थे। 1948 में जन्म राजा गुडविल ज्वेलिथिनी ने 1971 में आधिकारिक तौर पर राजा की गद्दी को संभाला था।

शुरू की थी अजोबोगरीब परंपरा
राजा गुडविल ज्वेलिथिनी के ऊपर जुलु में अजोबोगरीब परंपराओं को शुरूआत करने के भी आरोप लगे। उन्होंने जुलु में सलाना रीड डांस फेस्टिवल की शुरूआत करने का फैसला लिया। इस परंपरा के तहत राजा गुडविल ज्वेलिथिनी के सामने हजारों की तादाद में कुंवारी लड़कियां डांस करती थीं। इस डांस को लेकर भी अलग नियम था। डांस में भाग लेने वाली कुंवारी लड़कियां अर्धनग्न होती थीं और राजा के सामने अपनी वर्जीनिटी का जश्न मनाती थीं। राजा का कहना था कि उन्होंने इस परंपरा की शुरूआत HIV को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए किया है। 1984 में कुंवारी लड़कियों के अर्द्धनग्न होकर डांस करने की इस परंपरा की शुरूआत की गई थी। राजा का कहना था कि जमीन की तरफ वापस आने से कई तरह की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

शासन का तरीका
राजा गुडविल ज्वेलिथिनी का कहना था कि पारंपरिक राजाओं के ऊपर अच्छा शासन चलाने की और भी ज्यादा जिम्मेदरी होती है। 2019 में अपने एक भाषण में उन्होंने कहा था कि हर समस्या का समाधान सिर्फ चुने हुए नेता या फिर विचारक ही नहीं कर सकते हैं, कुछ फैसले पारंपरिक तरीकों से भी होते हैं और अफ्रीका महाद्वीर के लिए पारंपरिक राजा ही आधार स्तंभ हैं और उन्हें दरकिनार नहीं किया जा सकता है। राजा गुडविल ज्वेलिथिनी पारंपरिक तरीकों के जरिए शासन चलाने पर ज्यादा जोर दिया करते थे, जिसके तहत देश के अंदर रहने वाले सभी लोगों का साथ आना जरूरी था। हालांकि, उनके आलोचक भी इस बात को स्वीकार करते थे कि पारंपरिक तरीकों से राज चलाते हुए उन्होंने अपनी प्रजा को एकसाथ रखने में कामयाबी हासिल की थी।

दुनिया पर प्रभाव
राजा गुडविल ज्वेलिथिनी का सिर्फ अफ्रीका महाद्वीप पर ही नहीं, बल्कि दुनिया के करीब करीब सभी देशों पर उनका प्रभाव था। उनके जीवन और लोगों के ऊपर उनके प्रभाव को देखते हुए दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफॉसा ने उन्हें श्रद्धांजलि में "बहुत ज्यादा प्यार करने वाले दूरदर्शी" नेता के तौर पर याद किया है। उन्होंने अपने जीवनकाल में ब्रिटिश महारानी समेत अमेरिका के कई राष्ट्रपतियों से मुलाकात की और उन्हें अपनी नीतियों और पारंपरिक विचारों से प्रभावित किया। इसके साथ ही राजा गुडविल को समलैंगिता से भारी नफरत था। वो समलैंगिक लोगों को धरती का कीड़ा मानते थे।












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