पुतिन और किम जोंग उन की रूस में हो सकती है मुलाकात, किस खतरनाक डील से घबराया अमेरिका?
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए रूस जाने वाले हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस यात्रा के दौरान किम जोग, पुतिन से यूक्रेन जंग में हथियारों की आपूर्ति और सैन्य सहयोग पर बात करेंगे।
एक अमेरिकी अधिकारी ने ब्रिटिश वेबसाइट द गार्जियन को नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अपेक्षित बैठक का विवरण अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उत्तर कोरिया से इसकी निकटता को देखते हुए, यह रूसी बंदरगाह शहर व्लादिवोस्तोक में होने की संभावना है।

यह नियोजित यात्रा उन अटकलों के बीच हुई है कि रूस ने प्रस्ताव दिया है कि उत्तर कोरिया चीन के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में भाग ले। आपको बता दें कि व्लादिवोस्तोक शहर, द. कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से लगभग 700 किमी दूर है। रूस जाने के लिए किम जोंग उन राजधानी प्योंगयांग से व्लादिवोस्तोक के लिए बख्तरबंद ट्रेन से यात्रा करेंगे।
न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा रिपोर्ट की गई सैन्य खुफिया जानकारी के अनुसार, किम बेहद कम अवसरों पर राजधानी प्योंगयांग छोड़ते हैं। जब भी वे कभी कोई यात्रा करते हैं तो इसके लिए वे ट्रेन का ही उपयोग करते हैं। माना जाता है कि किम को हवाई यात्रा से डर लगता है इसलिए वे इससे परहेज करते हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नेताओं को ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम व्लादिवोस्तोक में 10 से 13 सितंबर तक चलने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेना है। इसके अलावा किम की पियर 33 की यात्रा की भी योजना है, जहां रूस के प्रशांत बेड़े के नौसैनिक जहाज रुकते हैं।
रूसी नेता पुतिन और किम जोंग उन के बीच पहली बार 2019 में मुलाकात हुई थी। अब दूसरी बार इन नेताओं के मिलने के पीछे की वजह यूक्रेन युद्ध का लंबा खिंच जाना है। पुतिन उत्तर कोरियाई तोपखाने के गोले और एंटीटैंक मिसाइलों को हासिल करना चाहते हैं।
वहीं, इसके बदले में किम जोंग उन रूस से सैटेलाइन और न्यूक्लियर सबमरीन के लिए टेक्नोलॉजी चाहते हैं। इसके अलावा किम जोंग उन अपने देश के लिए खाद्य सहायता भी चाहते हैं। उत्तर कोरिया पांच साल से कम उम्र के बच्चों में लंबे समय से भोजन की कमी और कुपोषण की उच्च दर से जूझ रहा है।
वहीं, रूस की बात करें तो वह दुनिया में सबसे ज्यादा अनाज उगाने वाले देशों में से एक है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों देश अपनी समस्यों का समाधान एक दूसरे से निकाल सकते हैं। ऐसे में ये अमेरिका के लिए चिंता की बात मानी जा रही है।
अगर ये डील पूरी हो जाती है तो अमेरिका द्वारा उत्तर कोरिया को अलग-थलग करने की योजना पर पानी फिर सकता है। वहीं, रूस यूक्रेन युद्ध को और लंबे अर्से तक खींच सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता, एड्रिएन वॉटसन ने इससे पहले दावा किया था कि रूसी रक्षा मंत्री, सर्गेई शोइगू ने यूक्रेन में युद्ध के लिए अतिरिक्त हथियार हासिल करने के लिए उत्तर कोरिया की यात्रा की थी।
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता, जॉन किर्बी ने पिछले सप्ताह कहा था कि अमेरिका चिंतित है कि दोनों देशों के बीच हथियार वार्ता सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है।
अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और जापान ने कहा है कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच कोई भी हथियार सौदा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन होगा।












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