Khamenei Successor: अहमद वाहिदी कौन? वो ईरानी जनरल, जो ट्रंप और नेतन्याहू के लिए बने काल
Khamenei Successor Ahmad Vahidi: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे भीषण युद्ध ने मध्य पूर्व की तस्वीर बदल दी है। सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और सीनियर मिलिट्री कमांडरों की मौत के बाद ईरान के सत्ता गलियारों में भारी उथल-पुथल मची है।
इस संकट के बीच अहमद वाहिदी एक ऐसे पावरफुल चेहरे के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने पूरी कमान अपने हाथों में ले ली है। वह न केवल IRGC के नए चीफ हैं, बल्कि ईरान की आक्रामक नीति के मुख्य रणनीतिकार भी बन चुके हैं। वाहिदी का उदय ट्रंप और नेतन्याहू के लिए एक नई और बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

Ahmad Vahidi IRGC Chief: कौन हैं अहमद वाहिदी?
अहमद वाहिदी ईरान की उस 'ओल्ड गार्ड' पीढ़ी से आते हैं, जिसने 1979 की क्रांति की नींव रखी थी। वह IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के संस्थापक सदस्यों में से हैं और इसकी विदेशी इकाई 'कुद्स फोर्स' के पहले कमांडरों में गिने जाते हैं। वाहिदी केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं, बल्कि अनुभवी राजनेता भी रहे हैं, जिन्होंने रक्षा मंत्री और गृह मंत्री जैसे अहम पदों पर काम किया है।
Iran Vs Israel War: अमेरिका और इजराइल के लिए बड़ा खतरा
वाहिदी का नाम इजराइल और पश्चिमी देशों की 'हिट लिस्ट' में दशकों से है। 1994 में अर्जेंटीना के एक यहूदी केंद्र पर हुए बम धमाके (AMIA हमले) में कथित भूमिका के लिए वह इंटरपोल की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हैं। 90 के दशक में ईरान के विदेशी ऑपरेशनों के पीछे उन्हीं का दिमाग माना जाता था। ट्रंप और नेतन्याहू के लिए वह एक ऐसे दुश्मन हैं, जो समझौते के बजाय सीधे टकराव में यकीन रखते हैं।
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Middle East Conflict Update Hindi: कमान संभालते ही आक्रामक तेवर
मेजर-जनरल मोहम्मद पाकपुर की मौत के बाद वाहिदी को IRGC का नया कमांडर-इन-चीफ बनाया गया है। पद संभालते ही उन्होंने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। जहां राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान युद्ध के आर्थिक नुकसान को देखते हुए नरमी बरतने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं वाहिदी ने खाड़ी देशों और इजराइल पर हमलों को और तेज करने का रुख अपनाया है।
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सत्ता का नया केंद्र: 'सुपर पावर' वाहिदी
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में नेतृत्व का खालीपन भरने के लिए वाहिदी ने सेना पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह राष्ट्रपति मसूद की बातों को नजरअंदाज कर सीधे सैन्य फैसले ले रहे हैं। वह ईरान के 'आधुनिक सैन्य सिद्धांत' के रचयिता हैं और उनका लक्ष्य इस युद्ध को तब तक खींचना है, जब तक दुश्मन थक न जाए। आज वह ईरान के सबसे ताकतवर और अड़ियल नेता बन चुके हैं।












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