Khamenei Death: खामेनेई ने मौत से पहले लिख दिया था अमेरिका-इजराइल की तबाही का ब्लूप्रिंट, ईरानी अफसर का खुलासा
Khamenei Secret Master Plan: ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण संघर्ष अब चरम पर पहुंच गया है, लेकिन युद्ध की तीव्रता घटने के बजाय और बढ़ती जा रही है। अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद भी ईरानी सेना का आक्रामक रुख थमने का नाम नहीं ले रहा। इजराइल केडिमोना और अराद जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहरों पर मिसाइल हमलों और अमेरिकी सैन्य बेस डिएगो गार्सिया तक ईरान की पहुंच ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है।
स्पष्ट है कि यह सैन्य पलटवार आकस्मिक नहीं, बल्कि खामेनेई की उस 'सीक्रेट फाइल' का हिस्सा है, जिसे उन्होंने दूरगामी रणनीति के तहत अपनी मृत्यु से पूर्व ही तैयार कर लिया था।

खामेनेई की 'विरासत': मौत से पहले तैयार हुआ कोड
ईरान के एक उच्चाधिकारी के हालिया खुलासे ने युद्ध के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। यह स्पष्ट हो गया है कि वर्तमान सैन्य कार्रवाई कोई तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि अयातुल्ला खामेनेई द्वारा रचित एक 'मास्टर प्लान' का हिस्सा है। अपनी सुरक्षा पर मंडराते खतरे को भांपते हुए खामेनेई ने महीनों पहले एक ऐसी अभेद्य रणनीति तैयार की थी, जो नेतृत्व विहीन होने की स्थिति में भी स्वतः सक्रिय हो जाती।
इस योजना के तहत ईरानी सेना को स्पष्ट निर्देश थे कि यदि शीर्ष नेतृत्व खत्म होता है, तो बिना किसी नए आदेश की प्रतीक्षा किए इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों पर कैसे प्रहार करना है। आज ईरानी सेना उसी 'सीक्रेट कोड' का पालन कर रही है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि खामेनेई की 'सीक्रेट फाइल' में अभी और कितने घातक अध्याय शेष हैं।
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Iran Missile Attack on Israel: डिएगो गार्सिया पर हमला और 'रणनीतिक धैर्य'
ईरान की इस योजना का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा 4000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी और ब्रिटिश एयरबेस पर हमला था। अधिकारी के मुताबिक, ईरान 'रणनीतिक धैर्य' की नीति अपना रहा है। उनका लक्ष्य सिर्फ हमला करना नहीं, बल्कि दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह बेकार करना है। ईरान का दावा है कि उसने अब दुश्मन के हवाई क्षेत्र पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है, जिससे भविष्य में होने वाले हमले और भी सटीक और घातक हो सकते हैं।
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Israel Iran War: इजराइल के शहरों में कोहराम और ट्रंप की चिंता
रविवार को इजराइल के दक्षिणी शहरों, डिमोना और अराद पर हुई मिसाइल बारिश ने बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता बढ़ा दी है। इन हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और कई मौतों का दावा किया गया है। ईरानी अफसर का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। इस चरणबद्ध योजना का उद्देश्य अमेरिका और इजराइल को ऐसा ऐतिहासिक सबक सिखाना है कि वे भविष्य में दोबारा आक्रामकता दिखाने की हिम्मत न जुटा सकें।
अभी बाकी है 'सरप्राइज', नहीं होगा युद्धविराम
ईरानी नेतृत्व का कहना है कि उनकी सैन्य क्षमताओं का एक बड़ा हिस्सा अभी भी दुनिया के सामने नहीं आया है। तेहरान फिलहाल किसी भी तरह के युद्धविराम के मूड में नहीं दिख रहा है। उनका इरादा तब तक लड़ने का है जब तक हमलावर पूरी तरह पीछे नहीं हट जाते। इसके अलावा, ईरान अपने 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' यानी सहयोगी गुटों को भी इस जीत का हिस्सा बनाना चाहता है। आने वाले दिनों में ईरान कुछ ऐसे हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है, जो युद्ध की दिशा पूरी तरह बदल देंगे।












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