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Khamenei Death: खामेनेई ने मौत से पहले ही लिख दिया था अमेरिका-इजराइल की बर्बादी का प्लान, ईरानी अफसर का दावा

Khamenei Secret Master Plan: ईरान और इजराइल के बीच छिड़ा युद्ध अब 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी ईरानी सेना जिस तरह से पलटवार कर रही है, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।

हाल ही में इजराइल के डिमोना और अराद शहरों पर हुए भीषण मिसाइल हमलों और अमेरिका के डिएगो गार्सिया बेस तक पहुंच ने यह साबित कर दिया है कि ईरान एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम कर रहा है। दरअसल, यह सब खामेनेई की उस 'सीक्रेट फाइल' का हिस्सा है, जिसे उन्होंने अपनी मौत से महीनों पहले तैयार किया था।

Khamenei Death

खामेनेई की 'विरासत': मौत से पहले तैयार हुआ कोड

ईरान के एक शीर्ष अधिकारी ने खुलासा किया है कि वर्तमान में हो रहे हमले कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं हैं। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अपनी जान का खतरा भांपते हुए महीनों पहले ही एक 'मास्टर प्लान' तैयार कर लिया था। इस योजना में स्पष्ट निर्देश थे कि अगर टॉप लीडरशिप खत्म हो जाती है, तो सेना को बिना किसी नए आदेश का इंतजार किए इजराइल और अमेरिका के खिलाफ कैसे मोर्चा खोलना है। यही वजह है कि नेतृत्व खोने के बाद भी ईरानी सेना पहले से तय 'कोड' के अनुसार हमला कर रही है।

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Iran Missile Attack on Israel: डिएगो गार्सिया पर हमला और 'रणनीतिक धैर्य'

ईरान की इस योजना का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा 4000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी और ब्रिटिश एयरबेस पर हमला था। अधिकारी के मुताबिक, ईरान 'रणनीतिक धैर्य' की नीति अपना रहा है। उनका लक्ष्य सिर्फ हमला करना नहीं, बल्कि दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह बेकार करना है। ईरान का दावा है कि उसने अब दुश्मन के हवाई क्षेत्र पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है, जिससे भविष्य में होने वाले हमले और भी सटीक और घातक हो सकते हैं।

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Israel Iran War: इजराइल के शहरों में कोहराम और ट्रंप की चिंता

रविवार को इजराइल के दक्षिणी शहरों, डिमोना और अराद पर हुई मिसाइल बारिश ने बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता बढ़ा दी है। इन हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और कई मौतों का दावा किया गया है। ईरानी अफसर का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। इस चरणबद्ध योजना का उद्देश्य अमेरिका और इजराइल को ऐसा ऐतिहासिक सबक सिखाना है कि वे भविष्य में दोबारा आक्रामकता दिखाने की हिम्मत न जुटा सकें।

अभी बाकी है 'सरप्राइज', नहीं होगा युद्धविराम

ईरानी नेतृत्व का कहना है कि उनकी सैन्य क्षमताओं का एक बड़ा हिस्सा अभी भी दुनिया के सामने नहीं आया है। तेहरान फिलहाल किसी भी तरह के युद्धविराम के मूड में नहीं दिख रहा है। उनका इरादा तब तक लड़ने का है जब तक हमलावर पूरी तरह पीछे नहीं हट जाते। इसके अलावा, ईरान अपने 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' यानी सहयोगी गुटों को भी इस जीत का हिस्सा बनाना चाहता है। आने वाले दिनों में ईरान कुछ ऐसे हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है, जो युद्ध की दिशा पूरी तरह बदल देंगे।

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