VIDEO: हर तरफ आग ही आग! इजरायल में ऐसा खौफ पहले कभी नहीं देखा! 17 साल के लड़के ने बताई कयामत की रात की आपबीती
Iran Israel War: इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब सीधे और भीषण टकराव में बदल चुका है। शनिवार की रात इजराइल के दक्षिणी आकाश में जो नजारा दिखा, उसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। ईरान ने अपने नतांज (Natanz) परमाणु केंद्र पर हुए हमले का बदला लेते हुए इज़राइल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइलों की बौछार कर दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि विशालकाय 'फायरबॉल्स' (आग के गोले) तेज रफ्तार से आसमान से नीचे गिर रहे हैं। ये ईरान की वो मिसाइलें थीं जो इजरायल के एयर डिफेंस को भेदने में कामयाब रहीं। वीडियो में धमाकों की गूंज और गिरती हुई मिसाइलों से आसमान के लाल होने की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं।

कई इमारतें मलबे और धूल के ढेर में तब्दील
चश्मदीदों द्वारा घर के अंदर से बनाए गए वीडियो में धमाके के इम्पैक्ट से खिड़कियों के शीशे टूटते और दरवाजे उखड़कर गिरते हुए नजर आ रहे हैं। कई इमारतों को सीधा निशाना बनाया गया, जिससे वे मलबे और धूल के ढेर में तब्दील हो गईं।
न्यूक्लियर सेंटर से मात्र 20KM दूर गिरी मिसाइल
इस हमले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मिसाइलें डिमोना (Dimona) शहर के पास गिरी हैं। डिमोना वह स्थान है जहां 1958 से इज़राइल का मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र (Negev Nuclear Research Center) स्थित है।
- रणनीतिक महत्व: डिमोना परमाणु केंद्र से इन मिसाइलों की दूरी महज 20 किलोमीटर थी।
- IAEA की रिपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने राहत की खबर देते हुए कहा है कि फिलहाल किसी भी परमाणु बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है और इलाके में रेडिएशन का स्तर भी सामान्य है।
भारी संख्या में लोग घायल
अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में भारी जानी-मानी नुकसान हुआ है। प्रथम प्रतिक्रिया दल (First Responders) ने बताया:
- अराद (Arad): यहां 84 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 की हालत अत्यंत गंभीर है।
- डिमोना: यहां 33 लोग घायल हुए हैं। घायलों में एक 10 साल का मासूम बच्चा भी शामिल है, जो मिसाइल के छर्रे (Shrapnel) लगने से बुरी तरह जख्मी हो गया है। साथ ही एक 40 वर्षीय महिला की हालत भी नाजुक बनी हुई है।
इमरजेंसी क्रू भेजने के निर्देश
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद अराद और डिमोना में अतिरिक्त इमरजेंसी क्रू भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह एक बेहद कठिन शाम थी, लेकिन हम शांत नहीं बैठेंगे। ईरान पर हमले जारी रहेंगे।'
दूसरी ओर, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने 'X' पर पोस्ट कर इज़राइल की सुरक्षा व्यवस्था पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर इजरायल डिमोना जैसे भारी सुरक्षा वाले क्षेत्र में मिसाइलों को इंटरसेप्ट नहीं कर पा रहा, तो यह युद्ध के एक नए और घातक चरण में प्रवेश करने का संकेत है।
17 साल के लड़के ने बताई आपबीती
17 साल के इडो फ्रेंकी (Ido Franky) के लिए शनिवार की वह रात किसी डरावने सपने जैसी थी, जिसे वह ताउम्र नहीं भूल पाएगा। अराद (Arad) शहर में जब अचानक एयर रेड सायरन गूंजने लगे, तो इडो और उसका परिवार अपनी जान बचाने के लिए शेल्टर की ओर भागा।
इडो ने AFP को उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया, 'अचानक आसमान से 'बूम-बूम' के इतने भीषण धमाके सुनाई दिए, जैसे पहले कभी नहीं सुने थे। उन्होंने बताया कि डर के मारे मेरी मां बुरी तरह चीख रही थी। मिसाइल का अटैक इतना जबरदस्त था कि पूरा इलाका धमाकों से दहल उठा और पास की कई इमारतें मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। इडो ने कांपते हुए कहा कि उसके शहर ने आज से पहले इतनी भयानक तबाही कभी नहीं देखी थी, जहाँ आसमान से बरसते 'आग के गोलों' ने हर तरफ सिर्फ दहशत और बर्बादी फैला दी।












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