'कनाडा या अमेरिका आकर दिखाओ', खालिस्तानी पन्नू ने NSA अजीत डोभाल को क्यों दी गीदड़भभकी?
NSA Ajit Doval warning Pannu: कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को चुनौती देते हुए वीडियो संदेश जारी किया। यह धमकी पूर्व खालिस्तानी कार्यकर्ता इंद्रजीत सिंह गोसल की जमानत के तुरंत बाद आई।
गोसल को कनाडा में अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन एक हफ़्ते से भी कम समय में उन्हें जमानत मिल गई। पन्नू ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि डोभाल या भारत सरकार उन्हें कनाडा, अमेरिका या यूरोप में गिरफ्तार करने क्यों नहीं आते।

गुरपतवंत सिंह पन्नू ने क्या कहा?
गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो संदेश में सीधे भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और भारत सरकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वे कनाडा, अमेरिका या किसी यूरोपीय देश में आकर उन्हें गिरफ्तार करने या प्रत्यर्पण करने की कोशिश क्यों नहीं करते। पन्नू ने स्पष्ट किया कि वह इंतजार कर रहे हैं और अपनी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
साथ ही, उन्होंने इंद्रजीत सिंह गोसल का समर्थन जताया और अगले खालिस्तान जनमत संग्रह का आयोजन कनाडा के ओटावा में करने की बात कही। पन्नू की यह धमकी उस FIR के कुछ ही दिन बाद आई थी, जिसमें उन पर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को बढ़ावा देने और इस साल स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी को झंडा फहराने से रोकने का आरोप है।
क्या है मामला?
19 सितंबर को कनाडा के ओशावा क्षेत्र में खालिस्तानी नेता इंद्रजीत सिंह गोसल को अवैध हथियार रखने और हथियारों के लापरवाही से उपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनके साथ दो अन्य लोग भी शामिल थे। 23 वर्षीय अरमान सिंह (टोरंटो) और 41 वर्षीय जगदीप सिंह (न्यूयॉर्क)। गोसल पर आरोप थे कि उन्होंने बिना लाइसेंस हथियार रखा और छुपाकर रखा। गिरफ्तारी से पहले गोसल को खालिस्तान समर्थक गतिविधियों में हरदीप सिंह निज्जर के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में माना जा रहा था। एक हफ़्ते के भीतर जमानत मिलने के बाद गोसल ने SFJ (Sikhs for Justice) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के समर्थन में वीडियो संदेश जारी किया।
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गुरपतवंत सिंह पन्नू पर दर्ज हुई है FIR
पन्नू की यह धमकी उस FIR के कुछ ही दिनों बाद आई, जो राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ दर्ज की थी। इसमें उन पर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी को झंडा फहराने से रोकने के लिए 11 करोड़ रुपये की पेशकश करने का आरोप है। गोसल की गिरफ्तारी और जमानत का समय भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद विरोधी रणनीतियों पर सवाल उठा रहा है। इस गिरफ्तारी के कुछ ही दिन बाद पन्नू का संदेश दोनों देशों के लिए गंभीर सुरक्षा चिंता का संकेत है। एनएसए अजीत डोभाल और कनाडाई समकक्ष नथाली ड्रौइन के बीच हाल ही में हुई उच्च-स्तरीय बैठक में आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी।
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