लंदन से सैन फ्रैंसिस्को तक खालिस्तान समर्थकों का उत्पात, भारत ने लिया एक्शन तो झुकी विदेशी सरकारें
Khalistan Protest: बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन के पहले ही लंदन पुलिस ने पूरी तैयारी कर रखी थी। वहीं, सैन फ्रांसिस्को पुलिस विभाग ने भी कड़ी सुरक्षा बनाए रखी और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स भी लगाए।

Image: PTI
खालिस्तानी नेता अमृतपाल सिंह पर कार्रवाई का विरोध कर रहे खालिस्तान समर्थकों ने एक बार फिर से अमेरिका के सैन फ्रैसिस्को में विरोध प्रदर्शन किया। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 200 से अधिक प्रदर्शनकारी सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर खालिस्तानी झंडे लेकर इकट्ठा हुए। हालांकि इस दौरान पुलिस पहले से तैयार नजर आई। इस दौरान सैन फ्रांसिस्को पुलिस विभाग ने कड़ी सुरक्षा बनाए रखी और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स भी लगाए।
रविवार को भी किया था प्रदर्शन
आपको बता दें कि इससे पहले रविवार को खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर वहां तोड़फोड़ की थी। इस दौरान उन्होंने भारतीय दूतावास में आग लगाने की भी कोशिश की थी। इसके बाद अमेरिका ने कुछ खालिस्तान समर्थक तत्वों द्वारा सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया।
कड़े रुख के बाद मजबूर हुई यूके सरकार
आपको बता दें कि खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह पर कार्रवाई के विरोध में कुछ दिनों से अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक प्रदर्शन कर रहे हैं। ब्रिटेन में बुधवार को भी लंदन उच्चायोग के बाहर कई खालिस्तानी समर्थक इकठ्ठा हुए थे। हालांकि इस बार भारत के कड़े रुख को देखते हुए लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। ब्रिटिश सरकार ने भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा में पुलिस की 24 बसों को तैनात किया था। इसके साथ ही घुड़सवार पुलिस दस्ते भी मौके पर तैयार नजर आए।
पुलिसकर्मियों पर फेंकी स्याही
उच्चायोग के पास मौजूद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ये खालिस्तानी समर्थक भारतीय उच्चायोग के पास नहीं पहुंच पाए। इससे नाराज होकर इन्होंने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और सुरक्षाकर्मियों पर स्याही फेंकी। लंदन में भारतीय उच्चायोग के पास मौजूद मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि देर शाम तक, लगभग 2,000 प्रदर्शनकारी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उन्होंने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ने की कोशिश की और पानी की बोतलों, स्याही और पाउडर कलर्स से पुलिस को निशाना बनाया।
प्रदर्शनकारियों संग नरमी बरतना पड़ा महंगा
आपको बता दें कि भारत सरकार के आग्रह के बाद भी ब्रिटिश सरकार खालिस्तानी समर्थकों से निपटने में ढिलाई बरतती नजर आई थी। इसके बाद भारत ने नई दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायोग के बाहर ट्रैफिक बैरिकेड्स को हटा दिया था। भारत सरकार के 'जैसे को तैसा' वाले रुख को देखते हुए लंदन में भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ब्रिटिश सरकार मजबूर हो गई। हालांकि इन बैरिकेड्स को हटाने के पीछे भारतीय अधिकारियों ने तर्क दिया था कि वे आम जनों के रास्ते में बाधा पैदा कर रहे थे।












Click it and Unblock the Notifications