‘मैं एक अश्वेत गे महिला’, सिर्फ व्हाइट हाउस प्रवक्ता ही नहीं, दुनिया के ये शक्तिशाली नेता भी हैं समलैंगिक
कराइन जीन-पियरे ने संवाददाताओं से कहा कि, ‘मैं स्पष्ट रूप से इस बात को समझती हूं, कि मैं जहां खड़ी हूं, वो देश के प्रथम व्यक्ति को प्रतिनिधित्व करता है। मैं एक अश्वेत समलैंगिक अप्रवासी महिला हूं...
नई दिल्ली, मई 17: व्हाइट हाउस ने पहली बार इतिहास रचते हुए एक अश्वेत महिला को मुख्य प्रवक्ता बनाया है और कराइन जीन-पियरे ने सोमवार को व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी के तौर पर अपना कार्यभाल संभाल लिया है। कराइन जीन-पियरे ने उन दकियानिसी मान्यताओं को तोड़ दिया है, जो अभी भी विश्व में व्याप्त है और पहली समलैंगिक महिला बन गई हैं, जो समलैंगिक हैं। कराइन जीन-पियरे ने सोमवार को व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव के रूप में अपनी पहली ब्रीफिंग आयोजित की और खुद की पहचान करवाते तौर पर उन्होंने कहा... 'मैं एक अश्वेत गे महिला...'।

कराइन जीन-पियरे ने क्या कहा?
कराइन जीन-पियरे ने संवाददाताओं से कहा कि, 'मैं स्पष्ट रूप से इस बात को समझती हूं, कि मैं जहां खड़ी हूं, वो देश के प्रथम व्यक्ति को प्रतिनिधित्व करता है। मैं एक अश्वेत समलैंगिक अप्रवासी महिला हूं, इस पद पद धारण करने वाली पहली महिलाओं में से पहली, जो समलैंगिक है।" 47 साल की जीन-पियरे, पहली अश्वेत महिला हैं और खुले तौर पर LGBTQ समुदाय से हैं जिन्होंने इस पद को संभाला है। हाईटियन माता-पिता की बेटी कराइन मार्टीनिक में पैदा हुई और न्यूयॉर्क में पली-बढ़ी। जीन-पियरे ने शुक्रवार को जेन साकी के इस्तीफे तक व्हाइट हाउस के पूर्व प्रेस सचिव जेन साकी के प्रमुख डिप्टी के रूप में कार्य किया था। उन्होंने कहा कि, "मैं आज यहां नहीं होती अगर मुझसे पहले वो लोग नहीं होते, जिन्होंने पीढ़ियों से इस धारणा को तोड़ने के लिए लड़ा है। और मैं उन्हीं की वजह से यहां मौजूद हूं और इसीलिए मेरा प्रतिनिधित्व मायने रखता है।" जीन-पियरे इस पद को संभालने वाली सातवीं महिला होंगी।

विश्व के शक्तिशाली गे नेता
कराइन जीन-पियरे का व्हाइट हाउस का मुख्य प्रवक्ता बनना यकीनन ऐतिहासिक है, क्योंकि, कुछ दशक पहले तक किसी राजनेता या सत्ता के किसी भी अधिकारी के लिए सार्वजनिक रूप से खुद को समलैंगिक बताना अकल्पनीय था। अब, जबकि दुनिया के कई हिस्सों में अभी भी काफी पूर्वाग्रह है, तो पिछले कुछ सालों में ऐसे कई ताकतवर नेता आए हैं, जिन्होंने खुद को सार्वजनिक तौर पर ना सिर्फ समलैंगिक बताया, बल्कि उनके प्रगतिशील समाजों ने उन्हें अपनाया भी। इतिहास में किसी भी समय की तुलना में आज अधिक राजनेता, निर्वाचित अधिकारी और यहां तक कि राष्ट्राध्यक्षों ने एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय की अपनी सदस्यता को खुले तौर पर और सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। आइये जानते हैं, कुछ उन शक्तिशाली नेताओं के बारे में, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है, को वो समलैंगिक हैं।

पीट बटिगिएग, यूएस, परिवहन सचिव
साल 2020 में अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के बड़े नेता और पार्टी के अंदर राष्ट्रपति उम्मीदवार की रेस में खड़े होने वाले ताकतवर डेमोक्रेटिक नेता पीट बटिगिएग एक समलैंगिक नेता हैं। लेकिन, अपनी दमदार शख्सियत की वजह से आज अमेरिका के परिवहन मंत्री हैं और उन्होंने राष्ट्रपति उम्मीदवारी हासिल करने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर जो बाइडेन को काफी कठिन चुनौती दी थी। पीट बटिगिएग ने सार्वजनिक तौर पर कहा था, कि वो समलैंगिक हैं। हालांकि, जो बाइडेन राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने और बाद में राष्ट्रपति चुनाव में ही जीत हासिल करने में कामयाब रहे। लेकिन, राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने पीट बटिगिएग को देश का परिवहन मंत्री बनाया।

जेन्स स्पैन, जर्मनी के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री
जेन्स स्पैन जर्मनी के सबसे हाई-प्रोफाइल राजनेताओं में से एक हैं और यूरोप में सबसे अधिक आबादी वाले देश में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। स्पैन ने कोरोनोवायरस संकट रिस्पांस के लिए काफी सुर्खियां बटोरीं। जेन्स स्पैनस, कितने ताकतवर हैं, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं, कि उन्होंने जर्मनी के सबसे लोकप्रिय नेताओं को लेकर हुए सर्वे में पूर्व चांसलर एंजला मर्केल को हरा दिया था और जेन्स स्पैन को आने वाले वक्त में जर्मनी के चांसलर के तौर पर देखा जा रहा है। जेन्स स्पैन ने साल 2017 में अपने बॉयफ्रेंड डैनियल फनके के साथ 2017 में शादी की थी, जो पेशे से एक पत्रकार हैं।

ग्रांट रॉबर्टसन, न्यूजीलैंड के उप प्रधानमंत्री
जब जैसिंडा अर्डर्न ने न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री बनने के लिए दूसरी बार फिर से चुनाव जीता, तो उन्होंने ग्रांट रॉबर्टसन को अपना डिप्टी प्रधानमंत्री नियुक्त किया। जैसिंडा अर्डर्न के कैबिनेट को काफी विविध कैबिनेट के रूप में वर्णित किया गया है, जिसमें ग्रांट रॉबर्टसन भी शामिल हैं, दो सार्वजनिक तौर पर खुद को समलैंगिक बता चुके हैं।

जेवियर बेटटेल, प्रधानमंत्री, लक्जमबर्ग
जेवियर बेटटेल, विश्व के पहले ऐसे नेता हैं, जिन्होंने खुद को सार्वजनिक तौर पर समलैंगिक बताने के बाद भी लगातार दूसरी बार जनता का भरपूर समर्थन हासिल किया और चुनाव जीता। उन्होंने साल 2018 में लगातार दूसरी बार चुनावी जीत हासिल की थी और दोबारा प्रधानमंत्री बने थे। जेवियर बेटटेल विश्व इतिहास के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपने समलैंगिक होने की बात स्वीकार की थी। बेटटेल ने 2015 में आर्किटेक्ट गौथियर डेस्टेनय से शादी की, जिस साल लक्ज़मबर्ग ने समलैंगिक विवाह को वैध बनाया गया था।

एना ब्रनाबिक, सर्बिया की प्रधानमंत्री
सर्बिया की प्रधानमंत्री एना ब्रनाबिक, विश्व इतिहास की पहली ऐसी महिला नेता हैं, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया था, कि वो समलैंगिक हैं। और उसके बाद वो चुनाव में गईं थीं और जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन देकर प्रधानमंत्री बनाया था। इसके अलावा, 2017 में उसने बेलग्रेड की गौरव परेड में भाग लिया, जिससे वह ऐसा करने वाली बाल्कन राज्य की पहली प्रमुख बनी। साल 2019 में उनकी पार्टनर ने एक बेटे को जन्म दिया है।












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