20 साल पीछे लौटा कंधार, महिलाओं के लिए तालिबान का नया फरमान
काबुल, 29 अगस्त: महिलाओं पर तालिबान की क्रूरता शुरू होने की खबरें हाल में कुछ जगहों से छिटपुट तौर पर आनी शुरू हो गई थीं। अब जानकारी मिल रही है कि कंधार में तालिबान के आतंकवादियों ने संगीत और टीवी-रेडियो चैनलों पर महिलाओं की आवाजें प्रसारित करने पर पाबंदी लगा दी है। तालिबान की दहशत के चलते मीडिया हाउस ने अपनी महिला कर्मचारियों से काम पर नहीं आने को कह दिया है। दो दशक पहले तालिबान के इसी चरित्र को देखकर दुनिया परेशान थी और लगता है कि वही पुराना दौर फिर से शुरू हो चुका है। जबकि तालिबान और उसके पाकिस्तान जैसे समर्थक हाल में कहन लगे थे कि यह आतंकवादी संगठन अब बदल चुका है।
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रेडियो-टीवी पर म्यूजिक और महिलाओं पर पाबंदी
कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक काबुल पर कब्जे के दो हफ्ते होने से पहले ही तालिबान ने अपने वादों से मुकरना शुरू कर दिया है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंधार में तालिबान ने म्यूजिक, टीवी और रेडियो चैनलों पर महिलाओं की आवाज प्रसारित करने पर बैन लगा दिया है। तालिबान ने कंधार में टीवी और रेडियों चैनलों को हुक्म दिया है कि वह म्यूजिक और महिला आवाजों को एयर करना बंद कर दें। इस बात का खुलासा तब हुआ है, जब हाल में कुछ मीडिया संगठनों ने महिला कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है। काबुल की कुछ लोकल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वहां भी कुछ महिला स्टाफ को अपने काम से घर लौट जाने को कह दिया गया है।

तालिबान ने वादे से मुकरना शुरू कर दिया!
यह तालिबान के उस वादे के ठीक उलट है, जिसमें उसने महिलाओं को न सिर्फ काम करने की इजाजत देने की बात कही थी, बल्कि (इस्लामिक कानूनों के तहत) पढ़ाई करने देने का भी विश्वास दिलाया था। लोकल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब स्थानीय महिलाओं ने अपनी रोजमर्रे की जिंदगी में तालिबान की वजह से मुश्किलों का सामना करना शुरू कर दिया है। दो दशक पहले जब अफगान पर तालिबान की हुकूमत थी, तो यह संगठन महिलाओं को सिर ढक कर रखने के लिए मजबूर करने और परिवार के किसी पुरुष सदस्य के साथ ही बाहर निकलने देने के फरमान को लेकर ही कुख्यात हुआ था। (ऊपर की दोनों तस्वीरें- सांकेतिक)

तालिबान ने महिलाओं से सरकार में शामिल होने को कहा था
बता दें कि 15 अगस्त को काबुल पर फतह करने के बाद तालिबान ने 17 अगस्त को पूरे अफगानिस्तान में एक आम माफी का ऐलान किया था और महिलाओं से यहां तक कहा था कि उसकी सरकार में शामिल हों। हालांकि, तब भी यही माना जा रहा था कि तालिबान ऐसा कहकर यह बताना चाह रहा है कि वह अब सुधर चुका है। तालिबान ने ऐसा तब कहा था,जब काबुल एयरपोर्ट से ऐसी तस्वीरें और वीडियो वायरल हुई थीं, जिसमें लोग हवाई जहाज से भागने के लिए बेसब्र नजर आ रहे थे और विशाल फ्लाइंग मशीन में लोग लटकते हुए दिखाई दे रहे थे।

दो दशक पहले इन्हीं फरमानों के चलते हुए कुख्यात
गौरतलब है कि तालिबान के दो दशक पहले वाला चेहरा दुनिया आजतक नहीं भूली है। यही वजह है कि अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों के हथियार डालने के बाद सबसे ज्यादा महिलाएं ही घबराईं हुईं थी और वह घबराहट में देश छोड़ना चाहती थीं। और अब उनकी आशंकाएं सही साबित हो रही हैं और पहले से ऐसी रिपोर्ट भी आ चुकी हैं कि आतंकवादी घर-घर जाकर शादी लायक और विधवा औरतों की या तो लिस्ट तैयार कर रहे हैं या फिर जबरन अगवा कर रहे हैं।












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