गरीब देशों के पास वैक्सीन की पहली खुराक नहीं, बाइडेन ने तीसरी बार ली वैक्सीन, हो रही आलोचना
अमेरिका में वैक्सीन का बूस्टर डोज दिया जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन वैक्सीन की दोनों खुराक पहले ही ले चुके हैं।
वॉशिंगटन, सितंबर 28: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पहले अपनी उम्र के बारे में थोड़ी सी मजाक की, फिर अपने शर्ट का बांह ऊपर किया, कोरोना वायरस वैक्सीन की बूस्टर डोज ली, और फिर लोगों को कोरोना वायरस की वैक्सीन लेने की सलाह दी। अमेरिका में अभी तक इस महामारी की वजह से 6 लाख 88 हजार लोगों की मौत हो चुकी है और अब देश में कोरोना वायपस वैक्सीन का बूस्टर डोज की भी शुरूआत हो गई है, जिसको लेकर उनकी आलोचना की जा रही है। कई एनजीओ ने अपील की है, कि अमेरिका को बूस्टर प्रोग्राम रोककर पहले उन देशों तक वैक्सीन पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए, जो गरीब हैं और जिनके पास वैक्सीन खरीदने के पैसे नहीं हैं।

बूस्टर डोज के लिए गाइडलाइंस
अमेरिका में रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र और खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के अमेरिकियों के लिए फाइजर वैक्सीन की तीसरी खुराक की सिफारिश की थी। जिसके बाद ऐसे लोग, जो कोरोना वायरस हाई रिस्क जोन में काम करते हैं, जैसे मेडिकल स्टाफ, पुलिस के जवान, उन्हें वैक्सीन की बूस्टर डोज लेने की इजाजत दे दी है। कोरोना वायरस वैक्सीन की बूस्टर डोज लेने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा किस अमेरिका में जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन नहीं ली है, वो जल्द से जल्द वैक्सीन लें और देश को इस महामारी से निजात दिलाने में मदद करें।

बूस्टर डोज है जरूरी- बाइडेन
जो बाइडेन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि, ''मैं एक बात बहुत साफ कर देना चाहता हूं, कि बूस्टर डोज महत्वपूर्ण है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात जो हमें करने की जरूरत है, वह है अधिक लोगों को टीका लगवाना। उन्होंने कहा कि, ''उनके पहले या दूसरे शॉट के बाद उन्हें कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ, और तीसरे शॉट के बाद भी वो सुरक्षित रहेंगे, उन्हें इस बात की उम्मीद है''।
वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके थे बाइडेन
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, जिनकी उम्र 78 साल है, उम्होंने पिछले साल 21 दिसंबर को पहली वैक्सीन का डोज लिया था और 11 जनवरी को उन्होंने दूसरी बार टीका लगवाया था। वहीं, बाइडेन की पत्नी, जिल बाइडेन, जिनकी उम्र 70 वर्ष है, वो भी कोरोना वायरस वैक्सीन की दोनों खुराक पहले ही ले चुकी हैं और अब वो भी वैक्सीन की बूस्टर डोज लेंगी। आपको बता दें कि, अमेरिका में डेल्टा वेरिएंट ने काफी कहर बरपाया है और कई राज्यों में सैकड़ों लोगों की मौत कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट की वजह से हुई है। वहीं, इजरायल ने रिसर्च के बाद कहा है कि डेल्टा वेरिएंट से बचने में बूस्टर डोज काफी मददगार है और वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके लोगों पर भी डेल्टा वेरिएंट कम असर करता है, लिहाजा लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराक जरूर लेनी चाहिए।

कई देशों के पास पहला खुराक तक नहीं
एक तरफ अमेरिका में लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन की तीसरी खुराक लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ कई गरीब देशों के पास अपने नागरिकों को कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली खुराक तक देने के लिए ना तो पैसे हैं और ना ही उनके पास वैक्सीन उपलब्ध है। अमेरिका में वैक्सीन की बूस्टर डोज की शुरूआत की कई एनजीओ और डब्ल्यूएचओ ने आलोचना की है और अमेरिका को बूस्टर डोज प्रोग्राम रोककर गरीब देशों तक वैक्सीन की सुविधा पहुंचाने की अपील की है। लेकिन, अमेरिका को इन बातों से फर्क नहीं पड़ा।

26 लाख अमेरिकियों को बूस्टर डोज
अमेरिका की सीडीसी के अनुसार, अगस्त के मध्य से कम से कम 26 लाख 60 हजार अमेरिकी फाइजर वैक्सीन की बूस्टर खुराक ले चुके हैं। वहीं, अमेरिका में अभी तक 10 करोड़ लोगों फाइजर वैक्सीन की दोनों खुराक दी जा चुकी है। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के कम से कम 6 महीने बाद ही वैक्सीन का बूस्टर डोज लें।












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