Joe Biden Covid: जो बाइडेन कोविड पॉजिटिव: 80 साल की उम्र वाले लोगों के लिए ये वायरस कितना खतरनाक?
Joe Biden Covid Impact: इस बार का अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव अगर वास्तविक नहीं होकर कोई हॉलीवुड थ्रिलर होती, तो एक के बाद एक नाटकीय मोड़ और आश्चर्यों से भरे इसके मोड़ होते और ताज़ा मोड़ यह है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन कोविड से संक्रमित हैं और घर पर ही आइसोलेट हैं।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए गर्मी काफी बढ़ चुकी है और डोनाल्ड ट्रंप को रिपब्लिकन पार्टी ने राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित कर दिया है, लेकिन डेमोक्रेटिक जो बाइडेन की उम्मीदवार पर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है।

अब सवाल उठ रहे हैं, कि क्या 81 साल की उम्र में कोविड संक्रमित होना बाइडेन के चुनावी कैम्पेन को रोक देगा? सवाल ये भी हैं, कि आखिर इस उम्र में कोविड पॉजिडिव होने पर क्या असर हो सकते हैं? आइये समझने की कोशिश करते हैं।
बाइडेन को लेकर डॉक्टरों का क्या कहना है?
राष्ट्रपति बाइडेन के डॉक्टर का कहना है, कि उनके लक्षण हल्के हैं। उनकी नाक बह रही है, उन्हें खांसी हो रहे हैं और सामान्य रूप से वो अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं। हालांकि उनका तापमान, ऑक्सीजन का स्तर और सांस लेने की रफ्तार सामान्य बताई गई है।
जो बाइडेन, जिन्हें पहले दो बार कोविड हो चुका है, उन्होंने कोविड टीका और बूस्टर शॉट लगवाया हुआ है और एंटीवायरल दवा पैक्सलोविड की पहली खुराक ले ली है।
2024 में कोविड संक्रमण कितना अलग?
सौभाग्य से अब हम 2020 से निकलकर 2024 में आ चुके हैं और अगर हम 2020 में होते, तो इस उम्र में कोविड संक्रमित होने का मतलब था, कि पूरे परिवार में हड़कंप मचना।
2020 का साल, कोविड वैक्सीन के इजाद होने से पहले का समय था, और कोविड का इलाज खोजे जाने से पहले का समय था। इसके अलावा उस वक्त हम कोविड संक्रमण के बारे में कुछ नहीं जानते थे, लेकिन आज कोविड संकट को लेकर हमारे पास वैक्सीन, इलाज के साथ साथ काफी जानकारियां हैं।
2020 में 80 साल की उम्र में SARS-CoV-2 वायरस (कोविड का कारण बनने वाला वायरस) से संक्रमित होने का मतलब जान पर बन आना था। महामारी की शुरुआत में यह बात बहुत स्पष्ट थी, कि उम्र बढ़ने के साथ गंभीर बीमारी होने और मरने की संभावना बढ़ जाती है। शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है, कि अगर कोई 80 साल से ज्यादा उम्र का है, तो बीमारी से मरने की संभावना लगभग 15% थी। लेकिन अब हालात बदल गये हैं।
तो चलिए 2020 से निकलकर 2024 में आते हैं और देखते हैं, कि हमारी मेडिकल साइंस ने इन चार सालों में कितनी तरक्की कर ली है।
कोविड अभी भी एक ऐसी बीमारी है,स जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। खासकर अगर किसी को मधुमेह है, हृदय रोग है, या कोई क्रिटिकल बीमारी है, तो ऐसे लोगों के लिए यह अभी भी काफी खतरनाक है।
लेकिन कोविड से मौत की संभावना अब पहले के मुकाबले काफी कम हो चुकी है।

हर्ड इम्युनिटी और वैक्सीनेशन
आज की तारीख में कोविड वायरस के खिलाफ लोगों में हर्ड इम्युनिटी यानि प्रतिरक्षा का विकास हो गया है, जिसकी वजह से अब शरीर खुद ज्यादातर मामलों में कोविड वायरस का मुकाबला करने में सक्षम हो गया है और ज्यादातर लोगों पर कोविड का प्रभाव ज्यादा से ज्यादा जुकाम होने तक सिमट गया है।
हर्ड इम्युनिटी की वजह शरीर का खुद का डेवलपमेंट या फिर वैक्सीनेशन हो सकता है। वजह चाहे कुछ भी हो, लेकिन सामान्य संक्रमितों के गंभीर होने का खतरा अब नहीं है।
हालांकि, अभी तक पता नहीं चल पाया है, कि हर्ड इम्युनिटी शरीर में कब तक रहने वाली है और अगर वायरस म्यूटेट होता है, तो शरीर उसका मुकाबला करने में सक्षम होगा या नहीं, लिहाजा मेडिकल एक्सपर्ट्स का सलाह नियमित रूप से बूस्टर टीके लगवाने की होती है। हालांकि, पिछले चार सालों में लोगों ने इस वायरस को कंट्रोल करना सीख लिया है, जिसका मतलब है, कि संक्रमण से उत्पन्न खतरा काफी कम हो गया है।
एंटीवायरल दवाओं का दिखा असर
अब हमारे पास एंटीवायरल दवाएं भी हैं। और यदि लक्षण दिखने के फौरन बाद पैक्सलोविड लिया जाए, तो यह कोविड से गंभीर बीमारी होने की संभावना को काफी कम देता है।
एक स्टडी में पाया गया है, कि यदि संक्रमण के फौरन बाद पैक्सलोविड लिया जाए तो इससे गंभीर बीमारी या मृत्यु की संभावना 89% तक कम हो जाती है। इसलिए गंभीर बीमारी के उच्च जोखिम वाले लोगों को डॉक्टर ये दवा लेने के लिए काफी रिकमेंड करते हैं और इस वक्त जो बाइडेन भी पैक्सलोविड दवा ले रहे हैं।
बाइडेन की चिकित्सा देखभाल
इसमें कोई संदेह नहीं है, कि बाइडेन के पास दुनिया की सबसे बेहतरीन मेडिकल सुविधा होंगी। फिर भी मीडिया कवरेज से पता चलता है, वो बेहतरीन मेडिकल टीम की निगरानी में हैं, कि अगर उनकी तबीयत थोड़ी भी बिगड़ती है, तो फौरन उनका सर्वोत्तम इलाज किया जा सके।
चूंकी बाइडेन तीसरी बार कोविड संक्रमित हुए हैं, इसलिए पैक्सलोविड को रिबाउंड लक्षणों से भी जोड़ा गया है। यह तब होता है, जब कोई व्यक्ति संक्रमण से ठीक हो जाता है, लेकिन उसके लक्षण फिर से प्रकट होते हैं। बाइडेन ने 2022 में इसका अनुभव किया।
तो 81 साल की उम्र में बाइडेन पर क्या हो सकता है असर?
बाइडेन को साधारण व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन कुछ पुरानी बातों की बुनियाद पर उनकी स्थिति का आकलन किया जा सकता है। याद कीजिए कि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अप्रैल 2020 में कोविड संक्रमण के कारण आईसीयू में भर्ती हुए थे, जबकि उस समय उनकी उम्र 55 वर्ष थी।
यह उम्र अब बाइडेन की उम्र से काफी कम है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी अक्टूबर 2020 में कोविड का बहुत गंभीर मामला सामने आया था, उस समय उनकी उम्र 74 वर्ष थी। लिहाजा, डॉक्टरों का कहना है, कि बाइडेन को लेकर चिंता नहीं होना चाहिए।












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