डिफॉल्ट नहीं होगा अमेरिका! बाइडेन और मैक्कार्थी के बीच कर्ज सीमा दो साल तक बढ़ाने पर बनी सहमति
। बता दें कि अमेरिकी सरकार पर कर्ज लेने की सीमा 31.46 ट्रिलियन डॉलर तय है। अमेरिका ने कर्ज को लेकर एक सीमा तय कर रखी है, जिसमें वह एक तय रकम से अधिक का कर्ज नहीं ले सकता है।

अमेरिका में डेट सीलिंग का हल निकल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और यूएस हाउस स्पीकर केविन मैक्कार्थी सैद्धांतिक रूप से ऋण सीमा बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर सहमत हो गए हैं। इसकी सीमा 2 साल की होगी।
अमेरिकी सरकार के लिए वर्तमान में ऋण सीमा 31.4 ट्रिलियन डॉलर है। इस दो साल की अवधि में कुछ सरकारी खर्चों में भारी कटौती और कैपिंग का प्रावधान किया गया है।
आपको बता दें कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी के मेंमर बहुमत में हैं। रिपब्लिकन सांसदों ने उधार लेने की सीमा को बढ़ाने की जगह बड़े बजट में कटौती की मांग की थी।
बाइडेन-मैक्कार्थी के बीच हुआ ये ताजा समझौता पारित होता है तो संघीय खर्च पर प्रभावी रोक संभव है। केविन मैक्कार्थी ने कहा है कि उम्मीद है कि यह राजकोषीय गतिरोध को तोड़ने में सक्षम होगा और देश को आर्थिक संकट से छुटकारा मिलेगा।
इस समझौते को इस संकट की घड़ी में बड़ी सफलता माना जा रहा है। पांच जून से पहले इस समझौते का प्रतिनिधि सभा में पारित होना जरूरी है। अगर ये कदम नहीं उठाया जाता तो दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी पर मंदी की चपेट में आने का खतरा था।
अमेरिका पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की धुरी है इसलिए इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता। हाल के दिनों में व्हाइट हाउस और कांग्रेस में रिपब्लिकंस की बातचीत सकारात्मक दिशा में जा रही थी। इससे संकेत मिल रहे थे कि इस मुद्दे का हल शीघ्र ही निकलेगा।
इस दौरान सरकारी खर्चों में कटौती की जाएगी। इस डील के साथ सरकार ने कर्ज लेने की सीमा इतनी बढ़ाई है कि अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कोई दिक्कत न हो। इससे पहले शनिवार को डील के लिए बाइडेन और मैक्कार्थी के बीच करीब 90 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई।
कैपिटल ऑफिस के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाउस स्पीकर केविन मैक्कार्थी ने कहा कि हमने एक ऐतिहासिक समझौता किया है। इससे सरकार के खर्चों में कटौती होगी और देश की जनता को गरीबी से बाहर आने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे सरकार की मनमानियों पर लगाम लगेगी और जनता पर कोई नया टैक्स नहीं थोपा जाएगा।
इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हाउस स्पीकर कैविन मैक्कार्थी से सोमवार रात लंबी बातचीत की थी। इस बैठक में दोनों के बीच 'डेट् सीलिंग' को बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई थी। हालांकि इस बैठक में कोई समझौता नहीं निकल पाया और बाइडेन को नाकामी हाथ लगी।
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