पाकिस्तान में CPEC प्रोजेक्ट पर लग सकता है ताला, जापानी नागरिकों पर हमले के बीच देश छोड़ सकते हैं चीनी नागरिक
Pakistan News: पाकिस्तान में जिस तरह से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है, उससे यही लगता है, कि जिन्ना के देश में आतंकवादियों की हुकूमत चल रही है। पाकिस्तान में पहले चीनी नागरिकों पर हमले किए जाते रहे हैं, लेकिन अब जापानी नागरिकों को भी आतंकी हमले का शिकार बनाया गया है।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत की राजधानी कराची में शुक्रवार को एक आत्मघाती बम हमले में आतंकवादियों ने जापानी नागरिकों के वाहन को निशाना बनाया है, हालांकि इस हमले में सभी जापानी नागरिक बाल बाल बच गये हैं।

कराची में जापानी नागरिकों पर हमला
स्थानीय पुलिस ने कहा है, कि कराची में मोटरसाइकिल पर सवार आतंकवादियों ने जापानी नागरिकों को ले जा रही वैन में टक्कर मारने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा गार्डों ने एक आतंकवादी को गोली मार दी, जबकि दूसरे ने खुद को उड़ा लिया।
सरकार को उखाड़ फेंकने और इस्लामी शासन का सख्त ब्रांड स्थापित करने की कोशिश कर रहे इस्लामी आतंकवादियों ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान पाकिस्तान में कई खूनी हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें कुछ अलगाववादी समूहों ने चीनी सहित विदेशियों को निशाना बनाया है।
कराची के डीआईजी अजफर महेसर ने कहा, कि जापानी नागरिक कथित तौर पर लांधी में मुर्तजा चोरांगी के पास पाकिस्तान सुजुकी मोटर्स में काम करते थे और घटना के वक्त क्लिफ्टन के ज़मज़मा में अपने घर से निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र की ओर जा रहे थे। तभी आतंकवादियों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया। हालांकि, हमले में सभी जापानी नागरिक सुरक्षित हैं, जबकि दो राहगीर घायल हो गये हैं।
काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के DIG आसिफ ऐजाज़ शेख ने कहा, कि जापानी नागरिक दो सुरक्षा गार्डों के साथ एक वैन में यात्रा कर रहे थे, तभी आतंकवादियों ने वैन को टक्कर मारने की कोशिश की।
जबकि, डीआइजी ने कहा, कि "अभी तक किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।" उन्होंने कहा, कि जापानी नागरिकों को ले जाने वाला वाहन बुलेट-प्रूफ था। जिन्ना अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि तीन घायलों, दो सुरक्षा गार्ड और एक राहगीर को चिकित्सा सुविधा में लाया गया, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।
शहबाज शरीफ ने की आलोचना
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस आतंकी हमले की निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा है, कि "पुलिस की समय पर कार्रवाई ने हमें किसी भी बड़े जीवन के नुकसान से बचा लिया... हम तब तक आराम नहीं करेंगे, जब तक आतंकवाद पर काबू नहीं पा लिया जाता। हम कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने की हर नापाक हरकत को नाकाम कर देंगे।"
वहीं, सिंध के मुख्यमंत्री (सीएम) मुराद अली शाह ने पुलिस महानिरीक्षक को हमले की जांच के बाद एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है, जिसमें आतंकवादी कौन थे, वे कहां से आए थे, उनके मददगारों को लेकर सभी जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, सिंध सरकार ने सभी विदेशी नागरिकों को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने की घोषणा की है।
चीनी इंजीनियरों पर होते रहे हैं हमले
करीब एक महीने पहले पाकिस्तान में चीनी इंजीनियरों पर भी आतंकी हमला हुआ था, जब अशांत क्षेत्र माने जाने वाले खैबर पख्तूनख्वा के शांगला इलाके में एक आत्मघाती बम विस्फोट की घटना में पांच चीनी श्रमिकों और उनके पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत हो गई थी। हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन से चीनी इंजीनियरों के एक काफिले को टक्कर मार दी थी, जो इस्लामाबाद से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दासू में अपने शिविर की ओर जा रहे थे।
आत्मघाती बम हमले में मारे गए पांच चीनी कर्मियों के शवों को सोमवार को एक विशेष पाकिस्तानी सैन्य विमान से वुहान ले जाया गया। वहीं, आतंकवादियों के बढ़ते हमले ने 60 अरब डॉलर के सीपीईसी प्रोजेक्ट को खतरे में डाल दिया है।
पाकिस्तान के सुरक्षा विश्लेषक मुहम्मद अमीर राणा के अनुसार, पाकिस्तान में चीनी श्रमिकों पर हुए घातक हमले ने चीनी नागरिकों को बुरी तरह से डरा दिया है और आत्मविश्वास कमजोर हो गया है। कई चीनी नागरिक अब सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने डॉन में लिखा है, कि "हमले ने महत्वपूर्ण चिंता पैदा कर दी है। इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बाधित करने के अलावा, आतंकियों ने पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों के आत्मविश्वास को हिला दिया है। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कुछ लोग सुरक्षा चिंताओं के कारण देश छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।"












Click it and Unblock the Notifications