VIDEO: समुद्र के अंदर पत्थर से किसने बनाए मंदिर और पिरामिड? 36 साल में भी जवाब नहीं खोज पाए इंसान

नई दिल्ली: जापान के योनागुनी स्मारक की खोज दशकों पहले हो गई थी, लेकिन पानी के अंदर डूबे इस शहर के राज अभी तक नहीं खुल पाए हैं। जिस वजह से शोधकर्ताओं की टीम इस पर लगातार रिसर्च कर रही। ये स्मारक समुद्र के अंदर डूबी अटलांटिस सभ्यता की तरह बहुत ज्यादा दिलचस्प है, साथ ही इसके अंदर कई राज भी छिपे हुए हैं, जिस पर से पर्दा हटना बाकी है। (तस्वीरें- यूट्यूब वीडियो का स्क्रीनशॉट)

समुद्र के अंदर मिले पिरामिड

समुद्र के अंदर मिले पिरामिड

स्थानीय खोताखोरों की टीम ने इस स्मारक की खोज 1986 में की थी। उस दौरान गोताखोरों ने सतह से 25 मीटर नीचे सीधे किनारों के साथ एक नक्काशीदार सीढ़ियां देखीं। वो आयताकार और पिरामिड जैसी थी। माना जाता है कि पानी के अंदर बने ये पिरामिड 10 हजार साल से ज्यादा पुराने हैं, लेकिन वो वहां कैसे पहुंचे, ये किसी को नहीं पता।

मानव निर्मित होने के सबूत

मानव निर्मित होने के सबूत

हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि ये एक लंबे समय से खोई हुई प्रशांत सभ्यता के अवशेष है। हो सकता है इसे जापान के प्रागैतिहासिक जोमोन लोगों ने 12 हजार ईसा पूर्व बनाया हो। इसी वजह से इसे जापान का अटलांटिस कहते हैं। खास बात ये है कि इस स्मारक की चट्टान पर कुछ ऐसे चित्र बनाए गए हैं, जिससे साफ होता है कि ये मानव निर्मित है।

छोटे शिविर और बर्तन भी मिले

छोटे शिविर और बर्तन भी मिले

रयुकियस विश्वविद्यालय की समुद्री भूविज्ञानी मसाकी किमुरा दो दशकों से इस अंडर वॉटर शहर की जांच कर रही हैं। उनकी टीम ने इन संरचनाओं की स्टडी करने और उनके मानचित्रण के लिए कई बार गोते लगाए। जिससे ये साफ हुआ कि ये किसी खोए हुए शहर के अवशेष हैं। उनको इस शहर में छोटे शिविर, मिट्टी के बर्तन, पत्थर के औजार और फायरप्लेस भी मिले हैं।

क्या एलियंस ने बनाया?

क्या एलियंस ने बनाया?

मामले में किमुरा ने कहा कि सबसे बड़ी संरचना एक जटिल, अखंड, सीढ़ीदार पिरामिड की तरह दिखती है, जो 25 मीटर अंदर है। इससे जुड़े बहुत से राज अभी खुलने बाकी है। वहीं दूसरी ओर कुछ सिद्धांतकरों का मानना है कि ये अंडरवॉटर सिटी एलियंस द्वारा निर्मित हैं। हालांकि इसके बारे में भी कोई ठोस सबूत नहीं है।

5 मंदिर जैसी संरचना भी

5 मंदिर जैसी संरचना भी

किमुरा ने दावा किया है कि उन्होंने एक महल के खंडहर, मेहराबदार प्रवेश द्वार, पांच मंदिर, कम से कम एक बड़े स्टेडियम और संकरे मार्ग की पहचान की है। स्मारक का कोई भी हिस्सा चट्टान के अलग-अलग ब्लॉकों से निर्मित नहीं है। इसके अंदर के बलुआ पत्थर प्राकृतिक लहर और ज्वारीय प्रक्रिया की वजह से हट गए, जबकि छत जैसी संरचनाएं बनी रहीं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+