जापान ने भारत का नाम लेकर चीन की दी सीधी चेतावनी, फुमियो किशिदा का अमेरिका में बड़ा ऐलान
जापान ने दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अपने संविधान में शांति को शामिल किया था, लेकिन अब फिर से जापान ने अपनी सेना के निर्माण की घोषणा कर दी है। चीन अब खुद मिसाइलों का निर्माण करेगा।

Japan-India-China: चीन के साथ चल रहे विवाद के बीच जापान ने भारत का नाम लेकर ड्रैगन को सीधी चेतावनी दी है और इसके साथ ही अब ऐसा लग रहा है, कि जापान ने चीन के साथ भविष्य में किसी भी तनाव का सामना करने का ऐलान कर दिया है। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और तनाव को लेकर काफी अहम बयान दिया है और उन्होंने अपने संबोधन में मौजूदा वर्ल्ड में भारत के महत्व को दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने भारत के जी20 अध्यक्षता संभालने और चीन से उत्पन्न चुनौतियों को भी उजागर किया है।

जापानी प्रधानमंत्री की बड़ी बातें
जापान के प्रधानमंत्री ने किसी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चीन को दुनिया के लिए खतरा उस वक्त बताया है, जब जापान ने पिछले महीने अपनी नई रक्षा नीति का ऐलान कर दिया है और 400 अरब डॉलर से ज्यादा का बजट अपनी सेना का निर्माण करने और हथियारों का निर्माण करने के लिए जारी किया है। जापान ने तीन प्रमुख रक्षा योजना दस्तावेजों को जारी किया है, जिनमें नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटजी, नेशनल डिफेंस स्ट्रेटजी और डिफेंस बिल्डअप प्रोग्राम को तैयार किया है। वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि चीन ने दूसरे विश्वयुद्ध के बाद 'सो चुके' जापान को जगाकर बहुत बड़ी गलती कर दी है, क्योंकि अगर जापान ने हथियारों का निर्माण शुरू किया, तो फिर वो कैसे विध्वंसक हथियारों का निर्माण करेगा, उसकी कल्पना करना काफी मुश्किल है।

भारत पर क्या बोले जापान के पीएम?
अमेरिकी यूनिवर्सिटी में दिए गये अपने भाषण में जापान के प्रधानमंत्री किशिदा ने भारत के साथ जापान के संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला, खास तौर पर अब, जबकि भारत ने जी20 की अध्यक्षता संभाल ली है। उन्होंने कहा कि, "भारत इस साल जी20 का अध्यक्ष बना है और भारत एक साझा बुनियादी मूल्यों और रणनीतिक हितों वाला साझेदार है।" उन्होंने कहा कि, "भारत अब जल्द ही चीन की आबादी को पार कर जाएगा और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में खड़ा है, और "जापान-भारत विशेष रणनीतिक वैश्विक साझेदारी" को बढ़ाने और नई दिल्ली के साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक बनाने के लिए काम करने का वादा किया हुआ है। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि, "जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने सहयोग को बढ़ाने और क्वाड को और मजबूत करने का संकल्प लिया है।" आपको बता दें कि, क्वाड में भारत के अलावा जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका हैं।
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चीन को लेकर क्या बोले जापानी प्रधानमंत्री?
जापान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी यूनिवर्सिटी में बोलते हुए अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में चीन की स्थिति पर चिंता जताई है। जापानी पीएम किशिदा ने चीन से उत्पन्न होने वाली चुनौती और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की स्थिति पर बीजिंग के साथ एक आम समझ बनाने की आवश्यकता पर भी विस्तार से बात की। पिछले नवंबर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी बैठक का जिक्र करते हुए, किशिदा ने कहा, कि उन्होंने "सेनकाकू द्वीप समूह और चीन की सैन्य गतिविधियों सहित पूर्वी चीन सागर में स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त की थी"। उन्होंने कहा कि, "... हम दृढ़ता से अपनी स्थिति बनाए रखेंगे और चीन का जो भी कदम होगा, उसका जिम्मेदारी से जवाब देंगे साथ ही बातचीत जारी रखेंगे..."। उन्होंने कहा कि, "मेरा मानना है, कि दोनों पक्षों को इस तरह के रचनात्मक और स्थिर संबंध बनाने के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है।"












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