हमास को लेकर चौधरी बनने चले थे जस्टिन ट्रूडो, बेंजामिन नेतन्याहू ने कनाडाई PM को दुनिया के सामने फटकारा
Israel-Canada: कनाडा के प्रधानमंत्री थाली के बैंगन हो गये हैं, जिसका कोई ठिकाना नहीं है और अलग अलग वैश्विक नेता, कनाडाई प्रधानमंत्री को वक्त वक्त पर जलील करते रहते हैं। खालिस्तानी आतंकियों को पनाह देकर भारत के हाथों बेइज्जत होने के बाद अब इजराइली प्रधानमंत्री ने जस्टिन ट्रूडो को सार्वजनिक तौर पर ना सिर्फ जलील किया है, बल्कि फटकार भी लगाई है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जिन शब्दों के साथ जस्टिन ट्रूडो को फटकारा है, उससे एक बात और तय हो गया, कि कनाडा के इजराइल के साथ भी संबंध खराब ही हो गये।

नेतन्याहू की तीखी प्रतिक्रिया
गाजा में "महिलाओं, बच्चों और शिशुओं की हत्या" पर कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, कि "जस्टिन ट्रूडो, यह हमास है, न कि इजराइल, जिसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"
7 अक्टूबर के हमलों का जिक्र करते हुए, जिसमें 1,200 इजरायली मारे गए थे, प्रधान मंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जस्टिन ट्रूडो को जवाब देते हुए लिखा है, कि "यह इजरायल नहीं है, जो जानबूझकर नागरिकों को निशाना बना रहा है, बल्कि हमास है, जिसने प्रलय के बाद से यहूदियों पर किए गए सबसे भयानक हमले में नागरिकों के सिर काटे, उन्हें जलाए और उनका नरसंहार किया।"
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, कि "इजराइल, आम नागरिकों को नुकसान से दूर रखने के लिए सब कुछ कर रहा है, लेकिन हमास उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए हर कोशिश कर रहा है।"
उन्होंने कहा, कि जब इजराइल गाजा में नागरिकों को मानवीय गलियारे और सुरक्षित क्षेत्र प्रदान करता है, तो हमास बंदूक की नोक पर उन्हें बाहर निकलने से रोकता है।
इजराइली प्रधान मंत्री ने जस्टिन ट्रूडो को औकात दिखाते हुए आगे कहा, कि "यह हमास है, इजरायल नहीं जिसे दोहरे युद्ध अपराध, नागरिकों के पीछे छुपकर नागरिकों को निशाना बनाने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। सभ्यता की ताकतों को हमास की बर्बरता को हराने में इजरायल का समर्थन करना चाहिए।"
चौधरी बन रहे थे जस्टिन ट्रूडो
बेंजामिन नेतन्याहू का ये ट्वीट काफी सख्त लहजे में है और माना जा रहा है, कि उन्होंने कनाडाई प्रधानमंत्री को अपना मुंह बंद रखने के लिए कहा है। क्योंकि, जस्टिन ट्रूडो ने इजराइल को हमास को लेकर ज्ञान देने की कोशिश की थी।
हमास नियंत्रित गाजा पट्टी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है, कि इजराइली हमले में गाजा पट्टी में 11 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 15 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।
हालांकि, हमास के दावे की पुष्टि करने में हम असमर्थ हैं, लेकिन बिजली कटौती के कारण अस्पतालों में इनक्यूबेटरों के काम करना बंद करने के बाद, नवजात शिशुओं को गर्म रखने के लिए उन्हें एक साथ रखे जाने की दिल दहला देने वाली तस्वीरों ने दुनिया का ध्यान वहां उभर रहे मानवीय संकट की ओर खींचा है।
गाजा के अल शिफा अस्पताल में 39 समय से पहले पैदा हुए बच्चों में से तीन की मृत्यु हो गई, जब जनरेटर चलाने वाले इनक्यूबेटरों में ईंधन खत्म हो गया।
जस्टिन ट्रूडो ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, कि "मैं इजराइल सरकार से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह करता हूं। दुनिया टीवी पर, सोशल मीडिया पर देख रही है, हम डॉक्टरों, परिवार के सदस्यों, जीवित बचे लोगों, उन बच्चों की गवाही सुन रहे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है।"
कनाडाई प्रांत ब्रिटिश कोलंबिया में उन्होने कहा था, कि "दुनिया महिलाओं, बच्चों और शिशुओं की हत्या देख रही है। इसे रोकना होगा।"
हमास के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से इज़रायल पर ये उनकी सबसे कड़ी टिप्पणियों में से एक थी। कनाडाई प्रधान मंत्री ने यह भी कहा, कि हमास को फिलिस्तीनियों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए और अपने पास मौजूद 200 से ज्यादा इजरायली बंधकों को रिहा करना चाहिए।
एक्सपर्ट्स का कहना है, कि जस्टिन ट्रूडो के मन में अचानक हमास के लिए सहानुभूति उस वक्त पनपी है, जब उन्हें वोट बैंक का ख्याल आया। कनाडा में एक बड़ी संख्या मुस्लिमों की भी है और गाजा पट्टी में इजराइली हमले के खिलाफ मुस्लिम समाज कनाडा में फिलीस्तीन के समर्थन में रैलियां निकाल रहा है। लिहाजा, जस्टिन ट्रूडो को वोट बैंक गंवाने का डर सता रहा है।
जस्टिन ट्रूडो, जिन्होंने वोट बैंक के लिए कनाडा को दुनियाभर के आतंकियों और चरमपंथियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है, वो अब हमास के प्रति नरम रूख अपना रहे हैं और इसी बात को लेकर बेंजामिन नेतनयाहू ने जस्टिन ट्रूडो को फटकार लगाई है।












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