IDF ने महिला सैनिक की हत्या करने वाले 16 साल के फिलिस्तीनी लड़के को घुसकर मारा, इलाके में तनाव
एक इजराइली-अमेरिकी महिला सैनिक, जिसने कथित तौर पर 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमास के हमले के खिलाफ अपने इलाके की रक्षा की थी, उसे बीते सोमवार एक 16 वर्षीय लड़के ने चाकू मारकर हत्या कर दी।
इजराइली महिला सैनिक का नाम एलीशेवा रोज इडा लुबिन था। उसकी उम्र 20 साल थी। वह मूल रूप से अमेरिका के जॉर्जिया की रहने वाली थीं। जिस वक्त हमला हुआ, लुबिन दो अन्य सैनिकों के साथ यरुशलम में पेट्रोलिंग कर रही थीं।

6 नवंबर को हुए हमले में इस हमले में महिला सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गईं थी। बाद में उसने गहरे घावों के कारण दम तोड़ दिया। इस दौरान एक दूसरे अधिकारी को मामूली चोटें आईं। तीसरे सैनिक ने आरोपी लड़के को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भाग गया। इसके बाद दोनों घायल सैनिकों को फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां महिला सैनिक को मृत घोषित कर दिया गया।
हालांकि इजराइली रक्षा बलों ने एक शरणार्थी शिविर पर छापा मारते हुए महिला सैनिक पर हमला करने वाले उस लड़के को ढूंढ निकाला और मार डाला। इस दौरान इजराइली सैनिकों और स्थानीय फ़िलिस्तीनियों के बीच झड़पें भी हुईं।
इस दौरान आरोपी ने भी सैनिकों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में सेना ने आरोपी लड़के को मार गिराया। जिसके बाद यहां हिंसा तेज हो गई।
आईडीएफ ने एक्स पर लिखा, "यरूशलेम में कल चाकू से हमला करने वाले आतंकवादी के घर को ध्वस्त करने की तैयारी में मैपिंग की गई थी।" गतिविधि के दौरान, संदिग्धों ने जवाब देने वाले बलों पर पत्थर फेंके और मोलोटोव कॉकटेल फेंके।"
इस बीच गाजा में हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब तक के आंकड़े बताए हैं। अधिकारियों के मुताबिक संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10569 हो गई है। मरने वालों में 4324 बच्चे शामिल हैं। ये संख्या सात अक्टूबर से जारी संघर्ष में अब तक मारे गए लोगों की है।
7 अक्टूबर को हमास ने इसराइल पर हमला किया था। इसराइली सेना के मुताबिक इस हमले में करीब 1400 लोगों की मौत हुई थी और हमास के लड़ाके 200 से ज़्यादा लोगों को बंधक बनाकर साथ ले गए थे।












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