भारत के खास दोस्त ने 3 डॉल्फिन को बनाया 'किलर कमांडो', नाव से जा रहे आतंकियों के छक्के छुड़ाए
नई दिल्ली: दुनिया के सभी देश अब पारंपरिक हथियारों को छोड़कर युद्ध के नए तरीकों पर काम कर रहे हैं। पिछले साल चीन ने एक लड़ाकू रोबोट तैयार किया, जो दिखने में एकदम शार्क मछली की तरह लग रही थी। अब भारत का करीबी दोस्त इजरायल चीन से एक कदम आगे निकल गया है। उसने तीन डॉल्फिन मछलियों को ट्रेन्ड कर किलर कमांडो बना दिया। कुछ महीनों पहले तीनों ने एक आतंकी दस्ते की हालत खराब कर दी।

भाग निकले आतंकी
आतंकी संगठन हमास ने सोमवार को दावा किया कि इजरायली सुरक्षा बलों ने फिलिस्तीन के लिए जंग लड़ रहे आतंकियों का पीछा करने के लिए कमांडो डॉल्फिन का इस्तेमाल किया। वो पूरी तरह से इंसानों को मारने वाले उपकरण से लैस थीं। वैसे आतंकी उनका सामना करने की बजाए भागने में कामयाब रहे। अल-कसम ब्रिगेड के नौसेना कमांडो के प्रवक्ता ने फोटो जारी कर इसका खुलासा भी किया है।

2015 में भी हुआ था सामना
आतंकी संगठन हमास के मुताबिक मई में हुए संघर्ष में इजरायल द्वारा एक हमास आतंकी को मारा गया था। उस आतंकी का आमना-सामना किलर डॉल्फिन से हुआ था। उसके ऊपर खास तरह के उपकरण थे। हालांकि उनको उस उपकरण की ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई। इससे पहले अगस्त 2015 में संगठन ने दावा किया था कि उसके आतंकियों का सामना एक अज्ञात जलीय जीव से हुआ था, जो कैमरे, रिपोट और हथियार से लैस थी। वो फायर करने के लिए पूरी तरह से तैयार थी।

हमास ने किलर डॉल्फिन का पकड़ा
वैसे रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि हमास 2015 में इजरायली किलर डॉल्फिन को पकड़ने में कामयाब रहा था लेकिन उसने अभी तक ये नहीं बताया कि उसके साथ क्या किया गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि इजरायली सेना ने तीन डॉल्फिन को पकड़ा था। उसके बाद उन्हें ट्रेनिंग दी और उनके ऊपर खास उपकरण लगाकर उन्हें छोड़ दिया।

डॉल्फिन को ही क्यों चुना?
वैसे तो मछलियों की हजारों प्रजातियां हैं, लेकिन इजरायल ने सिर्फ डॉल्फिन को ही क्यों चुना? इसके पीछे भी खास वजह है। सालों पहले एक शोध हुआ था, जिसमें ये बात सामने आई कि पृथ्वी पर दो ही सबसे ज्यादा बुद्धिमान प्रजातियां हैं। एक इंसान और दूसरा डॉल्फिन। बाद में अन्य रिपोर्ट्स में बताया गया कि डॉल्फिन का दिमाग इंसानों से भी ज्यादा काम करता है।












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