अल-अक्सा मस्जिद में नहीं घुसने देंगे… रमजान के महीने में नो एंट्री, नेतन्याहू ने मान ली बेन ग्विर की मांग?
इजराइल सरकार ने रमजान के दौरान मस्जिद अल-अक्सा में फिलिस्तीनियों की एंट्री को सीमित करने का फैसला किया है। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को सुदूर दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्विर का पक्ष लेते हुए इस फैसले पर सहमति जताई है।
हाल ही में इजराइल के दक्षिणपंथी नेता और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-ग्विर ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रमजान के महीने में 70 साल से कम उम्र वाले फिलिस्तीनियों को मस्जिद अल-अक्सा में घुसने पर रोक लगाने की सिफारिश की थी।

टाइम्स ऑफ इजराइल ने बताया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेन ग्विर की इस मांग को अपना लिया है। हालांकि चैनल 12, 13, हारेत्ज और अन्य आउटलेट्स ने बताया कि यह निर्णय सुरक्षा प्रतिष्ठान के कुछ हिस्सों की सिफारिशों से अलग है। एक सरकारी सूत्र ने चैनल 12 न्यूज को बताया कि निर्णय अंतिम नहीं था, और अभी भी इस पर विचार किया जा रहा है।
टेम्पल माउंट को यहूदी धर्म का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है क्योंकि यह दो बाइबिल मंदिरों का स्थान है। जबकि इसी माउंट पर बसा अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र स्थल है। ऐसे में ये जगह अक्सर इजराइली बलों और फिलिस्तीनियों के बीच झड़प का गवाह बनती है। रमजान के दिनों में ये संघर्ष काफी तेज हो जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू ने रविवार की कैबिनेट बैठक में सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मंत्रियों को उन फिलिस्तीनी नागरिकों के लिए आयु मानदंड पेश करें जो रमजान के दौरान अल-अक्सा परिसर में प्रार्थना करना चाहते हैं।
रिपोर्टों में कहा गया है कि शिन बेट सुरक्षा एजेंसी ने सीमाओं के पक्ष में बेन ग्विर की स्थिति का विरोध करते हुए कहा कि अरब इजरायलियों पर कोई अंकुश नहीं लगाया जाना चाहिए। हालाँकि, पुलिस ने कथित तौर पर इस कदम का समर्थन किया।
येनेट समाचार में कहा गया है कि बेन ग्विर केवल 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टेम्पल माउंट पर जाने की अनुमति देना चाहते हैं। वहीं, चैनल 12 के अनुसार सरकार संभवतः 60 वर्ष से ऊपर और 10 साल से नीचे के उम्र के बच्चों को जाने की अनुमति देगी। हारेत्ज की रिपोर्ट के अनुसार, सटीक संख्या पुलिस की सिफारिशों के अनुसार तय होने की उम्मीद है।
हारेत्ज़ के अनुसार, शिन बेट का मानना है कि परिसर में थोड़ी संख्या में उपासकों को अनुमति देने से पुलिस के साथ झड़पों को रोकने में मदद मिलेगी। बेन ग्विर की इस मांग पर अभी निर्णय नहीं हुआ है कि वेस्ट बैंक से किसी भी फ़िलिस्तीनी को प्रवेश की अनुमति न दी जाए।
ग्विर ने ये भी मांग की थी कि यदि कोई शख्स अल-अक्सा में फिलिस्तीनी झंडा लेकर घुसता है या फिर किसी भी प्रकार का हिंसक नारा लगाता है तो पुलिस बल मस्जिद में घुसकर एक्शन लेंगे। हालांकि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बेन ग्विर इस मांग को खारिज कर दिया है।
द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट में बताया गया है कि बेन-गविर की मांग पर बाइडेन प्रशासन ने अपनी चिंता जाहिर की है। बाइडेन प्रशासन का कहना है कि मंत्री रमजान के महीने में ये कदम तनाव पैदा कर सकते हैं और ये कदम मिडिल ईस्ट में बढ़ते गुस्से को और भड़का सकता है।












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