2 ईरानी एजेंट्स ने 3 कमरों में लगाए बम, विदेश से किया गया विस्फोट, जानिए मोसाद ने इस्माइल हानिया को कैसे मारा?
Ismail Haniyeh: इजराइली जासूसी एजेंसी मोसाद, जो विश्व की सबसे खतरनाक विदेशी खुफिया एजेंसियों में से एक है, उसने कथित तौर पर हमास प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या के ईरान के एजेंट्स को सुपारी दी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मोसाद ने इस्माइल हानिया को मारने के लिए विस्फोटक लगाने के लिए ईरानी एजेंटों को काम पर रखा था। तेहरान में इस्माइल हानिया की हत्या ने मध्य पूर्व को झकझोर कर रख दिया है और क्षेत्र में अराजकता और भय माहौल है और ईरान ने धमकी दी है, वो इजराइल के खिलाफ बदले की कार्रवाई करेगा।

एजेंट्स ने कैसे इस्माइल हानिया को मारा?
यूके स्थित द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंटों को एक इमारत के तीन अलग-अलग कमरों में विस्फोटक लगाने के लिए काम पर रखा गया था, जहां हानिया रह रहा था। उसे मारने का प्लान तब बनाया गया था, जब हमास नेता मई में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने तेहरान गया था।
हालांकि, इमारत के बाहर मौजूद भारी भीड़ की वजह से मिशन के फेल होने की ज्यादा संभावना को देखते हुए प्लान को रद्द कर दिया गया। टेलीग्राफ ने दो ईरानी अधिकारियों के हवाले से ये रिपोर्ट प्रकाशित की है।
टेलीग्राफ ने बताया है, कि इसके बाद एजेंटों ने उत्तरी तेहरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प (IRGC) गेस्टहाउस के तीन कमरों में विस्फोटक उपकरण रखे, जहां हानिया रह सकता था। रिपोर्ट के मुताबिक, बम प्लांट करने के बाद ये एजेंट फौरन वहां से निकल गये, क्योंकि उन्होंने उच्च जोखिम वाले ऑपरेशन को अंजाम दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये एजेंट्स अपने मिशन को अंजाम देने के बाद ईरान से बाहर निकल चुके हैं। लेकिन, ईरान के अंदर उनका एक सोर्स मौजूद था। बुधवार को सुबह 2 बजे, उन्होंने विदेश से हानिया के कमरे में लगाए गए विस्फोटकों को विस्फोट कर दिया, जिससे हमास प्रमुख और उनके एक अंगरक्षक की मौत हो गई।
इस्माइल हानिया, ईरान के नये राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए तेहरान आया था। आईआरजीसी के एक अधिकारी ने तेहरान से टेलीग्राफ को बताया है, कि "वे अब इस बात को लेकर निश्चित हैं, कि मोसाद ने अंसार अल-महदी सुरक्षा इकाई से एजेंटों को काम पर रखा था।"
ईरान की सुरक्षा और खुफिया एजेंसी की नाकामी
ईरानी अधिकारी ने कहा है, कि हमले के बाद दो कमरों में दो और विस्फोटक उपकरण पाए गए, जबकि IRFC के एक दूसरे अधिकारी ने इस घटना को ईरान के लिए "अपमान" और एक बड़ा सुरक्षा उल्लंघन बताया है। अब IRGC में आंतरिक आरोप-प्रत्यारोप का खेल चल रहा है, जिसमें विभिन्न क्षेत्र एक-दूसरे पर हमले को रोकने में नाकामी का आरोप लगा रहे हैं।
अधिकारी ने कहा, कि IRGC कुद्स बल के कमांडर इस्माइल कानी लोगों को बर्खास्त करने, उन्हें गिरफ्तार करने और फांसी पर चढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अधिकारी के मुताबिक, "इस उल्लंघन ने सभी को अपमानित किया है... सर्वोच्च नेता ने पिछले दो दिनों में कई बार सभी कमांडरों को बुलाया है, वे जवाब चाहते हैं। उनके लिए, सुरक्षा उल्लंघन को संबोधित करना अब बदला लेने से ज्यादा महत्वपूर्ण है।"
हानिया पर हुए इस हमले ने फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन की कमर तोड़ दी है और ईरान की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की की 'भयावह नाकामी' को उजागर कर दिया है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने पहले कहा था, कि उसे हानिया की हत्या की कोशिश के बारे में पता नहीं था और न ही वह इस हमले के लिए जिम्मेदार है।
हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से बताया है, कि इजरायली अधिकारियों ने हमले के तुरंत बाद अमेरिका और अन्य पश्चिमी सरकारों को ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी थी।
अन्य अधिकारियों ने कहा, कि ऐसा हमला, जो ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों से बच गया, तेहरान की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी थी और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प के लिए "बहुत बड़ी शर्मिंदगी" है क्योंकि हमला देश में बड़े बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ है। कहा जा रहा है, कि इस ऑपरेशन का प्लान काफी पहले से बनाया जा रहा होगा, लेकिन ईरानी खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

पद संभालते ही ईरान के नये राष्ट्रपति मुश्किल में
ईरानी राजधानी में इस्माइल हानिया की हत्या ने ईरान के भीतर इजरायल की पहुंच और प्रभाव के बारे में आशंकाओं को और बढ़ा दिया है, साथ ही यह घटना राष्ट्रपति पेजेशकियन के पदभार ग्रहण करने के पहले दिन हुआ है। पेजेशकियन के एक करीबी सहयोगी ने टेलीग्राफ को कहा है, कि सुरक्षा चूक नए राष्ट्रपति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए IRGC की तरफ से जानबूझकर की गई कोशिश हो सकती है।
अधिकारी ने बताया, कि "कोई भी दिमाग यह स्वीकार नहीं कर सकता, कि हानिया की हत्या दुर्घटनावश हुई है, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ इसे पेजेशकियन के पदभार ग्रहण करने के पहले दिन ही अंजान दिया गया। इस घटना की वजह से पदभार ग्रहण करने के पहले कुछ दिनों में ही इजरायल के साथ युद्ध करना पड़ सकता है और यह सब IRGC की वजह से है।"
अधिकारी ने कहा, कि IRGS पेजेशकियन की सुधारवादी नीतियों से असहमत रहा है।
तीन ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने बुधवार को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक के बाद, हानिया की मौत के प्रतिशोध में इजरायल पर "सीधे हमले" का आदेश दिया था। दो ईरानी सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया, कि हानिया की हत्या से ईरान के शीर्ष नेतृत्व में खलबली मच गई है, जो अब इस बात को लेकर बहुत चिंतित हैं, कि हो सकता है कि उनके सुरक्षा बलों में इजरायल ने घुसपैठ कर ली हो।












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