Ali Khamenei funeral: अली खामेनेई की आखिरी विदाई में रो पड़े तीनों बेटे, लेकिन जनाजे से क्यों गायब रहे मोजतबा?
Ali Khamenei funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तस्वीरें और वीडियो दुनिया भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। तेहरान में आयोजित अंतिम नमाज और अंतिम विदाई समारोह में राष्ट्रपति, शीर्ष धार्मिक नेता, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और खामेनेई परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान उनके उत्तराधिकारी और मौजूदा सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की गैरमौजूदगी ने खींचा।
सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रखा गया। इसी बीच अमेरिका, इजरायल और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी घटनाओं ने इस अंतिम संस्कार को वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम से भी जोड़ दिया।

तेहरान में अंतिम नमाज, शीर्ष धार्मिक नेता ने कराई रस्म
तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों की अंतिम नमाज पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अदा की गई। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्ला जाफर सोभानी ने नमाज-ए-जनाजा पढ़ाई। इस दौरान हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और पूरे माहौल में गम और श्रद्धा का माहौल दिखाई दिया। राजधानी की कई प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
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राष्ट्रपति से लेकर सेना के शीर्ष अधिकारी तक रहे मौजूद
अंतिम संस्कार में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसनी एजेई ने हिस्सा लिया। इसके अलावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और कुद्स फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में मौजूद रहे। कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी और आईआरजीसी कमांडर अहमद वहीदी की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि ईरान की राजनीतिक, धार्मिक और सैन्य नेतृत्व ने एकजुट होकर पूर्व सुप्रीम लीडर को अंतिम विदाई दी।
तीन बेटे पहुंचे, लेकिन मोजतबा खामेनेई नहीं आए सामने
समारोह में अली खामेनेई के बेटे मसूद, मेयसाम और मुस्तफा सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, तीनों ने अंतिम नमाज और अन्य धार्मिक रस्मों में हिस्सा लिया। हालांकि, मौजूदा सुप्रीम लीडर और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई कहीं नजर नहीं आए। उनकी गैरमौजूदगी ने पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी चर्चा का रूप ले लिया। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार सवाल उठाते रहे कि देश के सर्वोच्च नेता अंतिम संस्कार में क्यों नहीं पहुंचे।
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सुरक्षा खतरे के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहे मोज्तबा
रिपोर्टों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई की गैरमौजूदगी के पीछे सुरक्षा कारण बताए जा रहे हैं। कहा गया कि इजरायल की ओर से संभावित खतरे और उन्हें निशाना बनाए जाने की आशंका के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को जोखिम भरा माना। इसी वजह से उन्हें अंतिम संस्कार में खुलकर शामिल नहीं किया गया। ईरान के सुरक्षा प्रतिष्ठान ने संवेदनशील हालात को देखते हुए सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का फैसला किया।
ट्रंप के बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल
अंतिम संस्कार के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सुर्खियों में रहा। Axios से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उनके और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के रिश्ते अच्छे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि "नेतन्याहू जानते हैं कि बॉस कौन है।" ऐसे समय में आया यह बयान पश्चिम एशिया की राजनीति में नई चर्चा का कारण बन गया। ईरान और इजरायल के बीच पहले से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी को भी गंभीरता से देखा जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों ने बदला रास्ता, बढ़ी चिंता
अंतिम संस्कार के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं भी सामने आईं। जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी विंडवर्ड के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे चार व्यापारिक जहाजों ने अपना निर्धारित मार्ग बदल दिया। दो जहाज वापस लौट गए, जबकि दो अन्य ने ओमान के दक्षिणी समुद्री मार्ग की बजाय ईरान के निकट वाले मध्य समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा जोखिमों के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार भी सतर्कता बरत रहा है।












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