‘Ram Mandir Chanda Chori पर होसबाले से सहमत’, RSS प्रमुख Mohan Bhagwat का बड़ा बयान
Mohan Bhagwat On Ram Mandir Chanda Chori: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (5 जुलाई) को राम मंदिर के दान-पात्र चोरी मामले पर संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले के बयान से पूर्ण सहमति जताई। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में भागवत ने साफ कहा कि होसबाले जी का जारी किया गया बयान देखिए... मेरी प्रतिक्रिया भी वही है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अयोध्या के राम मंदिर में दान-पात्रों से चोरी की घटना ने करोड़ों रामभक्तों की आस्था को गहरा आघात पहुंचाया है। आइए इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि दत्तात्रेय होसबाले ने क्या कहा?

Ram Mandir Chanda Chori: आस्था के केंद्र पर हमला
श्री राम जन्मभूमि पर बना भव्य राम मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष, लाखों कारसेवकों के बलिदान और करोड़ों रामभक्तों के त्याग का परिणाम है। यह मंदिर अब सिर्फ हिंदू समाज के लिए श्रद्धा का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
इसी मंदिर के दान-पात्रों में रखी गई भक्तों की निष्ठा और आर्थिक समर्पण की राशि की चोरी की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया। दान-पात्रों से चोरी की खबर सामने आने के बाद रामभक्तों में आक्रोश फैल गया। लाखों-करोड़ों रुपये की राशि का गबन कैसे हो सकता है? सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई? क्या अंदरूनी मिलीभगत थी? ये सवाल आज हर रामभक्त के मन में हैं।
Dattatreya Hosabale ने क्या कहा था?
आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार (3 जुलाई) को जारी बयान में इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा कि इससे पूरे समाज की भावनाओं और आस्था को गहरा ठेस पहुंची है। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
होसबाले ने खासतौर पर इस ओर इशारा किया कि 'हिंदू-विरोधी और देश-विरोधी ताकतें' इस घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म और राम मंदिर को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि इस मुश्किल समय में सब्र और संयम बनाए रखें तथा साजिशों को नाकाम करें।
मोहन भागवत का बड़ा समर्थन: 'मेरी प्रतिक्रिया भी वही है'
मोहन भागवत ने होसबाले के बयान को दोहराते हुए पूर्ण सहमति जताई। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि होसबाले का बयान देख लीजिए, उनकी भी यही प्रतिक्रिया है।
भागवत का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि RSS प्रमुख शायद ही इस तरह के विवादास्पद मुद्दों पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हैं। उनका बयान साफ संदेश देता है कि संघ इस चोरी को हल्के में नहीं ले रहा है और न ही इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल होने देगा।
राम मंदिर का महत्व: सिर्फ मंदिर नहीं, आस्था का प्रतीक
राम मंदिर 500 वर्षों के संघर्ष का फल है। 6 दिसंबर 1992 के बाद से लेकर 22 जनवरी 2024 के प्राण-प्रतिष्ठा तक का सफर त्याग, बलिदान और कानूनी लड़ाई से भरा है। ऐसे में मंदिर में चोरी की घटना न सिर्फ आर्थिक नुकसान है, बल्कि भावनात्मक आघात भी है।
भक्त जो श्रद्धा से चंदा देते हैं, वे सोचते हैं कि उनका समर्पण रामलला के चरणों में पहुंच रहा है। इस विश्वास को तोड़ना गंभीर अपराध है।
RSS का स्टैंड: संयम और न्याय की अपील
भागवत और होसबाले दोनों ने संयम बनाए रखने की अपील की है। यह RSS की परंपरा रही है कि मुश्किल समय में समाज को एकजुट रखना और साजिशों से निपटना। संघ चाहता है कि दोषी पकड़े जाएं और कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।













Click it and Unblock the Notifications