इस्राएल में बना फेशियल रिकग्निशन तकनीक से लैस बॉडी कैमरा

Provided by Deutsche Welle

जेरूसलम, 26 जनवरी। पूर्व कर्नल तिरजा का कहना है कि उनकी कंपनी योजमोट लिमिटेड का उद्देश्य शरीर में पहने जाने वाले कैमरे का उत्पादन करना है, जो पुलिस को भीड़ को स्कैन करने और वास्तविक समय में संदिग्धों का पता लगाने में सक्षम बनाना है, भले ही उनके चेहरे अस्पष्ट हों.

ऐसे कैमरे आमतौर पर पुलिस अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं. यह कैमरा पुलिसवालों की वर्दी पर लगा होता है, जो किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया को रिकॉर्ड करता है ताकि बाद में इस वीडियो की मदद से सबूतों की जांच की जा सके.

सुरक्षा प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा चेहरे की पहचान तकनीक के उपयोग की दुनिया भर में आलोचना होती आई है. अमेरिकी तकनीकी कंपनियां पुलिस को यह तकनीक मुहैया कराने से हिचक रही हैं क्योंकि इससे निजता को खतरा हो सकता है. हालांकि तिरजा जैसे अन्य लोग इस तकनीक की मदद से अपराधियों और लापता व्यक्तियों को ट्रैक करने की क्षमता पर जोर देते हैं. वे कहते हैं, "पुलिस को समय पर पता चल जाए कि वे किसका सामना कर रहे हैं."

फेशियल रिकग्निशन तकनीक उद्योग

63 साल के तिरजा ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि उन्हें तेल अवीव स्थित कंपनी कोरसाइट एआई द्वारा जल्द ही विकसित बॉडी कैमरा तकनीक का उपयोग करने की उम्मीद है. इन कैमरों की मदद से भीड़ में वांछित लोगों की पहचान की जा सकती है, चाहे किसी ने मास्क पहना हो या चेहरे पर मेकअप किया हो. इस तकनीक से इंसानों को दशकों पुरानी तस्वीरों से पहचाना जा सकता है.

तिरजा का कहना है कि उनकी कंपनी योजमोट और कोरसाइट के बीच अभी तक कोई साझेदारी समझौता नहीं हुआ है.

कोरसाइट के सीईओ रॉब वाट्स ने बिना किसी विवरण या समझौते की पुष्टि किए कहा कि उनकी कंपनी दुनिया भर के 230 'समूहों' के साथ काम कर रही है. जिन्होंने कैमरों में चेहरे की पहचान करने वाले सॉफ्टवेयर को शामिल किया है.

वाट्स के मुताबिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल विभिन्न कार्यों के लिए किया जा सकता है, जैसे ग्राहकों का एक डेटाबेस बनाना, जिसे कंपनी के कर्मचारी कार्यालय भवन में प्रवेश कर सकते हैं, या लोग टिकट के साथ स्टेडियम में प्रवेश कर सकते हैं. पुलिस संदिग्धों और भगोड़ों की तलाश कर सकती है.

विवाद भी कम नहीं

मार्केट रिसर्च फर्म मोर्डोर इंटेलिजेंस के मुताबिक 2020 में फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री का मूल्य लगभग 3.7 अरब डॉलर था, जो 2026 तक 11.6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.

इस्राएली की निगरानी तकनीक का एक लंबा विवादित इतिहास है. एनएसओ समूह का गठन पूर्व इस्राएली सैन्य खुफिया अधिकारियों ने किया था. इसी समूह ने पेगासस स्पाइवेयर विकसित किया, जिसका उपयोग मोबाइल फोन की जासूसी करने के लिए किया जा सकता है. अमेरिकी अधिकारियों ने नवंबर में एनएसओ को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. पत्रकारों और आलोचकों के मोबाइल फोन पर स्पाइवेयर मिलने के बाद एप्पल और फेसबुक ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था.

एए/सीके (एएफपी)

Source: DW

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