फिलिस्तीन पर इजरायल का भारी हमला, गाजा पट्टी कब्जाने की कोशिश, मुस्लिम देशों का सिर्फ नाम का समर्थन!

हमास ने गाजा पट्टी से करीब 1750 रॉकेट इजरायल पर दागे थे, जिससे इजरायल तिलमिला गया था, जिसके बाद इजरायल लगातार हमास के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

येरूशलम, मई 14: इजरायल जिस मौके की तलाश में था, उसे वो मौका हमास ने दे दिया और इसका खामियाजा पूरे फिलिस्तीन को भुगतना पड़ रहा है। हमास ने एक साथ सैकड़ों रॉकेट इजरायल के ऊपर फायर करके इजरायल को जवाबी कार्रवाई करने का बहाना दे दिया है और अब इजरायली सैनिक गाजा को कब्जाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। इजरायली प्रधानमंत्री ने पहले ही बयान दे दिया है कि इजरालय की कार्रवााई अभी रूकने वाली नहीं है, ऐसे में सवाल यही है क्या एक या दो दिनों में गाजा पट्टी भी फिलिस्तीन के हाथों से छिन जाएगा? ऐसा इसलिए क्योंकि हजारों की संख्या में इजरायली सैनिक गाजा पट्टी की सीमा पर जमा हो चुके हैं और हमास को निशाना बना रहे हैं। पहले रिपोर्ट आई थी कि इजरायली सैनिक गाजा के अंदर दाखिल हो चुके हैं, जिससे बाद में इजरायस ने इनकार किया था। लेकिन माना जा रहा है कि बहुत जल्द इजरायली सैनिक गाजा पट्टी में दाखिल हो सकते हैं।

गाजा पट्टी कब्जाने की कोशिश!

गाजा पट्टी कब्जाने की कोशिश!

हमास ने गाजा पट्टी से करीब 1750 रॉकेट इजरायल पर दागे थे, जिससे इजरायल तिलमिला गया था, जिसके बाद इजरायल लगातार हमास के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। सीएनन की रिपोर्ट के मुताबिक पहले खबर आई थी कि इजरायली सैनिक भारी बमबारी और गोलीबारी करते हुए गाजा पट्टी में घुस गये हैं, जिसे बाद में इजरायल ने नकार दिया था। इजरायल डिफेंस फोर्स ने अपनी ट्वीट में कहा था कि 'इजरायली सैनिक और इजरायली एयरफोर्स अभी गाजा पट्टी पर हमला कर रहे हैं अभी तक इजरायल की आर्मी गाजा पट्टी में दाखिल नहीं हुई है।' हालांकि, सीएनन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 'गाजा पट्टी पर इजरायल ने शुक्रवार सुबह सुबह भारी बम बरसाए हैं और कई हवाई हमले किए हैं, जिसके बाद गाजा पट्टी के सैकड़ों लोग अपने घरों को छोड़कर बाहर निकल रहे हैं।' वहीं, यूनाइटेड नेशंस के अधिकारियों ने भी कहा है कि 'गाजा में रहने वाले दर्जनों परिवार अपने घरों को छोड़कर पलायन कर रहे हैं। भारी संख्या में लोग अलग अलग रिफ्यूजी कैंप्स में शरण ले रहे हैं। स्कूलों को अस्थाई शरणार्थीकैंप बनाया जा रहा है। यूएन ने भी कुछ आपातकालीन शरणार्थीकैंप बनाए हैं।'

और हमले करेगा इजरायल

और हमले करेगा इजरायल

वहीं, आज सुबह इजरायल के रक्षामंत्री बेनी गेंन्ज ने कहा है कि 'इजरायल अभी और हमले करेगा। हमास को नेस्तनाबूत करके ही इजरायल दम लेगा। इजरायल के पास अभी कई और टार्गेट हैं। और गाजा पर अभी कितने मिलिट्री एक्शन होंगे, इसकी कोई सीमा रेखा नहीं है'। वहीं, सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक हमास के चरमपंथी और इजरायली आर्मी लगातार एक दूसरे को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इजरायल ने अपने 7 हजार सैनिकों को स्टैंडबाय में रखा है। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक हमास ने अभी तक इजरायल के ऊपर 1750 कासिम रॉकेट दागे हैं, जिनमें से ज्यादातार रॉकेट्स को तो इजरायल ने तबाह कर दिया लेकिन कई रॉकेट्स इजरायल के शहरों पर गिरे भी हैं, जिससे इजरायल में भारी नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद इजरायल की कार्रवाई के दौरान फिलिस्तीन के 28 मासूम बच्चे और 15 महिलाएं मारी गई हैं।

हमास का डबल गेम

हमास का डबल गेम

दरअसल, चरमपंथी संगठन हमास ने अपने ठिकाने भारी आबादी वाले इलाकों में बनाए हैं, और हमास ने आबादी वाले इलाकों में रॉकेट लॉन्चर तैनात किए हैं, और इन ठिकानों को इजरायल निशाना बनाने की कोशिश करता है, जिसमें मासूम लोग मारे जा रहे हैं। ऐसे में कई जानकारों का कहना है कि हमास जानबूझकर आबाजी वाले इलाके से इजरायल को टार्गेट कर रहा है, ताकि इजरायल की जवाबी कार्रवाई में फिलिस्तीन के बेगुनाह लोग मारे जाएं और हमास के साथ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सहानुभूति आए। इसे आप इस तरह से भी समझ सकते हैं, जैसे भारत और पाकिस्तान की स्थिति। भारत और पाकिस्तान भी कश्मीर मुद्दे पर कई बार लड़ चुके हैं लेकिन दोनों देशों ने आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया है। ना भारत ने पाकिस्तान के आबादी वाले क्षेत्र में हमला किया है और ना पाकिस्तान ने भारत के आबादी वाले क्षेत्र में हमला किया है। हां, पाकिस्तानी आतंकियों की बात अलग है। लेकिन, इजरायल और फिलिस्तीन का मामला इससे अलग है।

सिर्फ नाम का मुस्लिम देशों का समर्थन?

सिर्फ नाम का मुस्लिम देशों का समर्थन?

करीब 5 दिनों से इजरायल और फिलिस्तीन के बीच खूनी संघर्ष चल रहा है लेकिन फिलिस्तीन को सिर्फ नाम का मुस्लिम देशों का समर्थन मिला है। हालांकि, कहने के लिए इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी ने इजरायल के खिलाफ एक बयान जरूर जारी किया है, जिसमें इजरायल की निंदा की गई है, लेकिन इससे ज्यादा ओआईसी कुछ नहीं कर पाया है। पाकिस्तान ने ओआईसी में इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था, जिसका ओआईसी में एकमत सर्थन किया गया। लेकिन, रिपोर्ट्स के मुताबिक ओआईसी खुद अब बिखरा बिखरा नजर आ रहा है और ओआईसी के अंदर अलग अलग गुट बनने लगे हैं और कई मुस्लिम देश अब खुलकर इजरायल के खिलाफ आना नहीं चाहते हैं, क्योंकि उन्हें इजरायल से हथियार चाहिए। खासकर जब से पाकिस्तान ने तुर्की और ईरान के साथ मिलकर अलग ग्रुप बनाने की कोशिश की, तब से ओआईसी और ज्यादा राजनीति की शिकार हो चुकी है। खासकर तुर्की चाहता है कि वो सऊदी अरब के वर्चस्व को खत्म कर वो खुद मुस्लिम देशों का नया खलीफा बने, लिहाजा सऊदी अरब तुर्की और पाकिस्तान से नाराज है। और यही वजह है कि आप देख रहे होंगे कि फिलिस्तीन को लेकर मुस्लिम देशों की तरफ से सिर्फ बयान जारी हो रहे हैं, और इजरायल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

इजरायल में दंगे जारी

इजरायल में दंगे जारी

रिपोर्ट ये भी है कि लेबनान की तरफ से भी इजरायल पर रॉकेट दागे गये थे लेकिन वो सभी रॉकेट भूमध्य सागर में गिर गये। इसी बीच इजरायल के कई शहरों में यहूदियों और मुस्लिमों के बीच दंगे शुरू हो गये हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस दंगे के दौरान सैकड़ों गाड़ियों को जलाया गया है। आज इजरायल का स्थापना दिवस भी है, लेकिन स्थापना दिवस के मौके पर इजरायल में भारी अशांति फैली हुई है। वहीं, रिपोर्ट ये भी है कि मिस्र का एक प्रतिनिधिमंडल इजरायल भी पहुंचा है जो इजरायल के अधिकारियों से शांति स्थापना और सीजफायर के लिए बातचीत करेगा। वहीं, माना जा रहा है कि इस बार की लड़ाई में भी इजरायल फिलिस्तीन के बड़े हिस्से पर अपना कब्जा बढ़ा सकता है। वहीं, संभावना इस बात की ज्यादा लगाई जा रही है कि इजरायली सैनिक एक या दो दिनों में कहीं गाजा पट्टी पर कब्जा ना कर लें।

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