इजराइली हमले ने ईरानी मिसाइल इंडस्ट्री की तोड़ी कमर, क्या होता है 'सॉलिड फ्यूल मिक्सर', जो हुआ तबाह?
Israel-Iran War: इजराइली हमले ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम की कमर तोड़ दी है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली हमले में ईरान का 'सॉलिड फ्यूल मिक्सर' प्लांट तबाह हो गया है। शनिवार देर रात इजराइल ने ईरान में एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर एयरस्ट्राइक किए थे।
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल ने अपने हमले में इस्लामिक गणराज्य ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई के तहत लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन बनाने में किया जाता था, उस प्लांट को तबाह कर दिया है, जिससे तेहरान की अपनी इन्वेंट्री को फिर से भरने की क्षमता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है।

'सॉलिड फ्यूल मिक्सर' प्लांट पर हमला
जिन लक्ष्यों पर हमला किया गया, वे सोफिस्टिकेटेड उपकरण थे, जिन्हें ईरान अपने दम पर नहीं बना सकता था और उन्हें चीन से खरीदना पड़ा था। वाल्ला की रिपोर्ट में तीन अज्ञात इजरायली स्रोतों का हवाला देते हुए कहा गया है, कि ये लक्ष्य ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण घटक थे।
इजराइली सूत्रों ने यह भी बताया है, कि चार S-300 एयर डिफेंस सिस्टम बैटरियों पर हमला किया गया, जो रणनीतिक स्थानों पर मुस्तैद थीं और ऑपरेशन के दौरान तेहरान में परमाणु और ऊर्जा सुविधाओं की रक्षा करती थीं। ड्रोन के उत्पादन के लिए एक कारखाने और परचिन सैन्य परिसर में एक सुविधा पर भी हमला किया गया, जिसमें से बाद में परमाणु हथियारों के लिए अनुसंधान और विकास गतिविधियां देखी गईं।
ईरानी मिसाइल कार्यक्रम की रीढ़ की हड्डी टूटी
अरबी स्वतंत्र ऑनलाइन समाचार पत्र एलाफ ने बताया है, कि इजराइल ने ईरान में एक गुप्त बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री को निशाना बनाया, जिसमें खेइबर और हज कासेम मिसाइलों को चलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले भारी ईंधन मिक्सर प्लांट को नष्ट कर दिया गया। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है, कि जिन S-300 एयर डिफेंस बैटरियों पर हमला किया गया, वे रूस निर्मित थीं और सीरिया और इराक में इन प्रणालियों और अन्य को खिलाने वाले रडार को नष्ट कर दिया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री पूरी तरह से नष्ट हो गई। एक सूत्र ने एलाफ को बताया है, कि यह "ईरान के मिसाइल उद्योग की रीढ़" थी और इजराइल ने "इसे सेवा से बाहर कर दिया है।" रिपोर्ट में यह भी बताया कि नष्ट किए गए प्रत्येक भारी ईंधन मिक्सर की कीमत कम से कम दो मिलियन डॉलर थी और इस प्रकार के लगभग बीस मिक्सर नष्ट हो गए हैं।
वाल्ला ने ये भी बताया है, कि ऐसे उपकरणों को फिर से चालू करने में कम से कम एक साल का समय लगेगा। ईरानी मिसाइल उद्योग के जानकार सूत्रों ने एलाफ को बताया, कि नष्ट हो चुके कारखाने को पुनः चालू करने में कम से कम दो वर्ष का समय लगेगा।












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