गाजा में मदद पहुंचाने वालों पर इजराइल ने बरसाए बम, भारतीय मूल की एक महिला समेत 6 मरे, नेतन्याहू पर बरसे बाइडेन
Israeli strike in Gaza: गाजा पट्टी में इजराइल ने इस बार मदद पहुंचाने वाले इंटरनेशनल वर्कर्स पर बमबारी कर दी है, जिसमें भारतीय मूल की एक महिला समेत 6 लोगों की मौत हो गई है। महिला का नाम जोमी फ्रैंककॉम था, जो भारतीय मूल की ऑस्ट्रेलियन निवासी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला जोमी फ्रैंककॉम वर्ल्ड सेंट्रल किचन के लिए काम करती थी और गाजा पट्टी में पीड़ितों को खाना और बाकी मदद मुहैया करवा रही थी और वो एक फिलीस्तीनी ड्राइवर के साथ मदद के लिए कार से सफर कर रही थी, जब ये हमला हुआ।

भारतीय मूल की महिला की मौत
ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथनी अल्बानीज ने पुष्टि की है, कि मारे गए लोगों में 43 साल की फ्रैंककॉम भी शामिल थी और उन्होंने इस हमले के लिए इजरायली सरकार से पूर्ण जवाबदेही की मांग की है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने कहा है, कि " वो गाजा पट्टी में अभाव से जूझ रहे पीड़ितों कतो दान के माध्यम से मदद कर रही थी और वो वहां पर स्वेच्छा से काम कर रही थी और ये घटना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।"
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा है, कि "हम इसके लिए पूर्व जवाबदेही की मांग करते हैं और मानते हैं, कि ये एक ऐसी त्रासदी है, जो कभी नहीं होनी चाहिए थी।"
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जोमी फ्रैंककॉम की मां भारत के मिजोरम की रहने वाली हैं, जबकि उनके पिता ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं। बताया जा रहा है, कि वो एक काफिले के साथ यात्रा कर रही थीं, जब सोमवार देर रात हमला किया गया और वो भी हमले की चपेट में आ गईं।
वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्वीकार किया है, कि इजराइली सुरक्षा बलों ने इस हमले को अंजाम दिया है, जिसमें सात सहायताकर्मी मारे गये हैं।
उन्होंने मंगलवार को एक बयान में कहा, कि "दुर्भाग्य से पिछले दिन गाजा पट्टी में निर्दोष लोगों पर हमारी सेना की तरफ से अजनाने में हमला किया गया।" इसके साथ ही, उन्होंने कहा, कि अधिकारी "ऐसा दोबारा न हो इसके लिए सब कुछ करेंगे"।
सेलिब्रिटी शेफ जोस एंड्रेस द्वारा स्थापित फूड चैरिटी ने कहा है, कि वह इस क्षेत्र में अपने ऑपरेशन को तत्काल सस्पेंड कर रही है।
बयान में कहा गया है, कि "आईडीएफ के साथ स्ट्राइक को लेकर कॉर्डिनेट किया गया था, बावजूद इसके काफिले पर हमला किया गया, जब काफिला दीर अल-बलाह गोदाम से निकल रहा था, जहां टीम ने समुद्री मार्ग पर गाजा में लाई गई 100 टन से ज्यादा मानवीय खाद्य सहायता उतारी थी।"
WCK के सीईओ एरिन गोर ने कहा, कि "यह सिर्फ WCK के खिलाफ हमला नहीं है, बल्कि यह मानवतावादी संगठनों पर हमला है, जो सबसे गंभीर परिस्थितियों में भी वहां दिखाई दे रहे हैं, काम कर रहे हैं, जबकि भोजन को युद्ध के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है और यह अक्षम्य है।"
मारे गए सात लोग ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका और कनाडा के दोहरे नागरिक हैं।
इजराइली पीएम पर बरसे जो बाइडेन
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सात मददकर्मियों की हत्या को लेकर इजराइल की निंदा की है और उन्होंने कहा है, कि सहायता कर्मियों पर हुए हमले से वो 'क्रोधित और दु:खी' हैं। ये पहला मौका है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सबसे करीबी सहयोगी की इतनी कड़ी निंदा की हो।
इस बाबत मंगलवार को व्हाइट हाउस की तरफ से एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है, कि "राष्ट्रपति बाइडेन ने इजराइल पर आरोप लगाया है, कि वो गाजा पट्टी में हमास के साथ चल रहे युद्ध में बेगुनाह नागरिकों की जान की रक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं।"
राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा है, कि "ये संघर्ष हाल के समय में हुए संघर्षों में सबसे खराब रहा है, जिसमें सहायतकर्मी मारे गये हैं और ये एक बड़ी वजह है, कि गाजा पटट्टी में मानवीय सहायता लोगों तक पहुंचाना काफी मुश्किल हो गया है। क्योंकि, मानवीय मदद पहुंचाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए इजराइल ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं।"
इसके अलावा, बाइडेन ने मारे गये सहायताकर्मियों को 'बहादुर और निस्वार्थ' बताया है।
इसके अलावा, राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा है, कि "इस घटना की जांच का जो वादा इजराइल ने किया है, वो जांच तेजी से होनी चाहिए, इसमें जवाबदेही शामिल हो और इस जांच के जो निष्कर्ष हों, उसे सार्वजनिक किया जान चाहिए।" इसके अलावा, बाइडेन ने कहा, कि "अमेरिका लगातार गाजा पट्टी में मानवीय मदद पहुंचाने के लिए हर संभाव कोशिश करना जारी रखेगा।"












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