इजरायल में आ रहा है ओमिक्रॉन का तूफान, प्रधानमंत्री की कोरोना पर चेतावनी के बाद देश में हड़कंप

इजरायली प्रधानमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा है कि, देश में कोरोना का तुफान आ रहा है और उन्होंने देश के बुजुर्गों से फौरन बूस्टर डोज लेने के लिए कहा है।

तेल अवीव, जनवरी 03: कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से इजरायल की स्थिति काफी ज्यादा खराब होने वाली है और महज 85 लाख की आबादी वाले इस देश में हर दिन 50 हजार से ज्यादा मरीजों की सख्या होने की आशंका जताई गई है और खुद देश के प्रधानमंत्री ने नागरिकों को कोरोना वायरस को लेकर सख्त चेतावनी दी है।

इजरायल में कोरोना की सुनामी

इजरायल में कोरोना की सुनामी

इजराइल के प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने चेतावनी दी है, कि देश में कोविड संक्रमण का 'तूफान' आ रहा है और उन्होंने देश के सभी 60 से ज्यादा की उम्र वाले और चिकित्साकर्मियों से खुद को बचाने और जल्द से जल्द दूसरा बूस्टर शॉट लेने के लिए कहा है। देश के प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने रविवार को एक टीवी भाषण देते हुए इजराइल के बुजुर्ग लोगों से ओमिक्रॉन की चौथी लहर से बचने की चेतावनी दी है और देश के बुजुर्गों से जल्द से जल्द चौथा बूस्टर डोज लेने को कहा है।

रिकॉर्ड स्तर पर मिलेंगे मरीज

रिकॉर्ड स्तर पर मिलेंगे मरीज

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि, जो हालात हैं, उसे देखकर यही लग रहा है कि, दैनिक मामलों की संख्या बढ़कर जल्द ही 50 हजार को पार कर जाएगा, जो पिछले साल सितंबर में इजरायल के 22,000 मामलों के पिछले रिकॉर्ड से दोगुना से भी काफी ज्यादा होगा। इजरायल में फिलहाल हर दिन कोरोना वायरस के 6 हजार मामले सामने आ रहे हैं और प्रधानमंत्री ने कहा कि, हालांकि, ओमिक्रॉन वेरिएंट तुलनात्मक तौर पर कमजोर हैं, लेकिन लापरवाही लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि, देश के वो लोग, जो किसी पुरानी बीमारी से ग्रसित हैं, वो जल्द से जल्द बूस्टर डोज लें और अपनी जान बचाएं।

इजरायल में डर की लहर

इजरायल में डर की लहर

प्रधानमंत्री बेनेट का ये बयान इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक नचमन ऐश के बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि देश में संक्रमण और टीकाकरण के संयोजन के माध्यम से ओमिक्रॉन लहर के दौरान हर्ड इम्युनिटी पहुंच सकती है। आपको बता दें कि, हर्ड इम्युनिटी का मतलब है कि एक बड़ी आबादी एक बीमारी से सुरक्षित है क्योंकि पर्याप्त लोगों ने इससे लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित कर ली है। एक बार जब हर्ड इम्युनिटी हासिल कर ली जाती है तो वायरस का इतने व्यापक रूप से फैलना बंद हो जाता है और जो लोग उस महामारी से पीड़ित भी होते हैं, ऐसे लोगों पर उस वायरस का प्रभाव काफी कम होता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या कहा?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या कहा?

इजरायली रक्षा मंत्रालय के प्रमुख ऐश ने एफएम रेडियो को बताया कि, 'हर्ड इम्युनिटी तक पहुंचने के लिए संक्रमण की संख्या बहुत अधिक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, 'यह संभव है लेकिन हम संक्रमण के माध्यम से उस तक नहीं पहुंचना चाहते हैं, हम चाहते हैं कि वैक्सीन के जरिए हर्ड इम्युनिटी पैदा हो।'' लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के कोरोनावायरस टास्क फोर्स के प्रमुख, सलमान जरका ने कहा कि, हर्ड इम्युनिटी अभी काफी दूर है, क्योंकि पिछले दो वर्षों के अनुभव से पता चला है कि कुछ COVID-19 मरीज जो ठीक हो गए थे, बाद में फिर से संक्रमित हो गए।

इजरायल ने की थी जीत की घोषणा

इजरायल ने की थी जीत की घोषणा

इजरायल विश्व के उन देशों में शुमार है, जिसने कोविड 19 के खिलाफ जीत की घोषणा कर दी थी और इजरायल में पिछले साल मास्क पहनने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई थी, लेकिन, इजरायल में कोरोना संक्रमण को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा दी गई चेतावनी ने देश में हड़कंप मचा दी है। इजरायल ने अपनी कुल आबादी का लगभग 64 प्रतिशत लोगों का पूरी तरह से टीकाकरण कर दिया है और वो यूरोपीय संघ के 70 प्रतिशत के औसत से थोड़ा कम है। वहीं, अभी तक पुर्तगाल 90 फीसदी लोगों को वैक्सीन की खुराक दे चुका है और स्पेन में 80 प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जा चुका है।

वैक्सीन ही बचने का विकल्प

वैक्सीन ही बचने का विकल्प

हालांकि, ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन उतना असरदार नहीं है, उसके बाद भी जानम बचाने के लिए वैक्सीन ही एकमात्र विकल्प है और वैज्ञानिकों के रिसर्च में भी पता चला है कि, वैक्सीन लगाने वाले लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की संभावना काफी कम हो जाती है। अभी भी वैक्सीन को गंभीर बीमारी और मृत्यु को रोकने में अत्यधिक प्रभावी माना जाता है, यही वजह है कि विश्व के नेता अपनी आबादी को बूस्टर डोज लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। ओमिक्रॉन ने कोविड के वैश्विक मामलों को बढ़ने का कारण बना दिया है क्योंकि इसकी पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पिछले साल नवंबर में पहचान की गई थी और 24 से 30 दिसंबर के बीच दक्षिण अफ्रीका में हर दिन एक लाख से ज्यादा मरीज मिलने लगे थे।

ओमिक्रॉन पर सबसे बड़ा डर

ओमिक्रॉन पर सबसे बड़ा डर

हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स के आंकड़ों से पता चलता है कि, ओमिक्रॉन के मरीजों की मौत उस हद तक नहीं बढ़ी हैं, जिससे यह उम्मीद जगी है कि नया संस्करण कम घातक है, लेकिन डर इस बात को लेकर है, कि कहीं ओमिक्रॉन वेरिएंट अंत में खेल ना कर दे, लिहाजा वैज्ञानिक बार बार सतर्क रहने की चेतावनी जारी कर रहे हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेनेट ने कहा कि, परीक्षण लाइनों पर लंबी लाइनों को कम करने के लिए टेस्टिंग के लिए कुछ नये गाइडलाइंस बनाए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य केन्द्रों पर भीड़ कम हो। आपको बता दें कि, इजराइल ने 18 साल से अधिक उम्र के कोविड-19 रोगियों में उपयोग के लिए मर्क एंड कंपनी की मोलनुपिरवीर एंटी-वायरल गोली को भी मंजूरी दी।

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