Israel protests: इजरायल में नेतन्याहू ने बिल में किया बदलाव, डॉक्टरों सहित हजारों लोग सड़कों पर उतरे
इजरायल की संसद में न्यायिक सुधार के एक हिस्से के पारित होने के बाद विरोद प्रदर्शन तेज हो गया है। इसके बाद से इजरायल में डॉक्टर और वकीलों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है।
इजरायली मेडिकल एसोसिएशन जो कि लगभग 95 फीसदी डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करता है, ने कहा कि वह यरूशलेम में 24 घंटे विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान आपातकालीन देखभाल छोड़कर बाकी सभी मेडिकल सुविधाएं बंद रहेंगी। स्वास्थ्य मंत्री मोशे अर्बेल कथित तौर पर डॉक्टरों की हड़ताल को आगे बढ़ने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा की मांग की है।

बीते 6 महीनों से भी अधिक समय से जारी प्रदर्शन के बावजूद सोमवार को इजरायली संसद में न्यायिक सुधार बिल का अहम हिस्सा पास हो गया। सोमवार को बिल पर वोटिंग के दौरान विपक्ष के सभी 56 सदस्यों ने इसका बायकॉट किया। इसके बाद बिल 64-0 वोट से पास हो गया
इस साल की शुरुआत में ही इजरायल की सरकार ने नए कानून को लेकर कहा था कि ये उसकी न्यायिक सुधार योजना का हिस्सा है। नए कानूनी बदलाव के तहत अब इजराइल में सुप्रीम कोर्ट सरकार के किसी भी फैसले को गलत बताकर खारिज नहीं कर सकेगा।
नेतन्याहू सरकार का पुराने कानून को रद्द करने और नए कानून को लाने पर कहना है कि न्यायपालिका, विधायिका के काम में हद से अधिक हस्तक्षेप करती है। न्यायपालिका के पक्षपाती रवैये को खत्म करने के लिए यह सुधार जरूरती था।
सरकार के मुताबिक जिस तरह से जजों की नियुक्ति होती है, वो प्रक्रिया लोकतांत्रिक नहीं है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को सरकार के लिए फैसलों को रद्द करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। जो लोग सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि नए कानून से न्यायिक व्यवस्था कमजोर पड़ेगी, जिससे देश का लोकतंत्र खोखला हो जाएगा।
कुछ लोगों का ये भी आरोप है कि नया कानून पीएम नेतन्याहू को बचाने के लिए लाया गया है। पीएम पर भ्रष्टाचार से जुड़े कई गंभीर मामले चल रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications