Israel Iran जंग के बीच दिल्ली से तेल अवीव जा रही Air India फ्लाइट लौटी, यात्रियों के पास क्या है विकल्प ?
Israel Iran War 2026: शनिवार 28 फरवरी 2026 की सुबह मिडिल ईस्ट के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ लेकर आई। शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर 'प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक' की, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थितियां बन गई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर इजरायल, ईरान और इराक ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) पूरी तरह बंद कर दिया है।
इस घटना का सीधा असर भारत से जाने वाली उड़ानों पर भी पड़ा है। इजरायली रक्षा बल (IDF) और अमेरिकी सेना ने संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन लायन रोर' (Operation Lion's Roar) के तहत ईरान के कई शहरों पर हवाई और समुद्री हमले किए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बड़े सैन्य अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ईरान के मिसाइल ठिकानों और परमाणु क्षमताओं को नष्ट करना है।
Israel Iran हमले के बीच एयर इंडिया की फ्लाइट AI139 बीच रास्ते से मुड़ी
इजरायली हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण दिल्ली से तेल अवीव (Tel Aviv) जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI139 को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, 28 फरवरी को दिल्ली से तेल अवीव जाने वाली उड़ान AI139 यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के हित में भारत वापस लौट रही है। हम सुरक्षा स्थिति का आकलन करना जारी रखेंगे।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह विमान उस समय सऊदी अरब के ऊपर था जब उसे वापस लौटने का आदेश मिला। इसके अलावा, शिकागो-दिल्ली जैसी लंबी दूरी की उड़ानों को भी वैकल्पिक और लंबे रास्तों (सीरिया और तुर्की के ऊपर से) से भेजा जा रहा है।
क्यों बंद किया गया इजराइल का हवाई क्षेत्र?
इजराइल ने ईरान के खिलाफ कथित संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली सैन्य हमले के बाद सुरक्षा कारणों से अपना हवाई क्षेत्र बंद करने का फैसला लिया। इज़राइली परिवहन मंत्रालय ने यात्रियों को अगली सूचना तक हवाई अड्डों से दूर रहने की सलाह दी है।
मंत्रालय के मुताबिक, उड़ान सेवाएं बहाल होने से कम से कम 24 घंटे पहले यात्रियों को सूचना दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराया हुआ है। हालांकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को बढ़ाते हुए दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी तैनात कर दिया है।
कई देशों ने उड़ानें कीं निलंबित
इज़राइल-ईरान तनाव का असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक विमानन सेवाओं पर भी साफ दिख रहा है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने पश्चिम एशिया से जुड़ी उड़ानों को निलंबित कर दिया है:
विज एयर ने इजराइल, दुबई, अबू धाबी और अम्मान (जॉर्डन) से आने-जाने वाली सभी उड़ानें 7 मार्च तक रद्द कर दी हैं।
- लुफ्थांसा ने दुबई, तेल अवीव, बेरूत और मस्कट की शनिवार-रविवार की उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
- केएलएम ने एम्स्टर्डम से तेल अवीव की उड़ानें रद्द कर दीं।
- ओमान एयर ने बगदाद जाने वाली सभी उड़ानें रोक दी हैं।
- रूस ने ईरान और इज़राइल के लिए सभी फ्लाइट्स निलंबित कर दी हैं।
- कुवैत ने ईरान जाने वाली उड़ानों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
- इराक ने अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
- इज़राइल ने सभी नागरिक उड़ानों को निलंबित कर दिया है।
ट्रंप के कड़ा रुख के बीच यात्रियों के लिए क्या हैं विकल्प?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को 'मैसिव' बताते हुए ईरानी नागरिकों से अपनी सरकार के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील की है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हथियार नहीं डाले, तो उन्हें "निश्चित मृत्यु" का सामना करना होगा। यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के ठीक बाद हुआ है।
हवाई क्षेत्र बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले उड़ानों की स्थिति चेक कर लें। इजरायल के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, उड़ानें फिर से शुरू करने से कम से कम 24 घंटे पहले सूचित किया जाएगा।












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