Israel Hamas War: इजरायल-हमास में सीजफायर! 10 बंधकों के बदले नेतन्याहू को लौटाना होगा ये सब
Israel Hamas War: सीजफायर और ट्रंप ये दो शब्द एक साथ आते हैं तो भारतीयों के कान खड़े होने लगते हैं। लेकिन परेशान ना हों ये इस बार ये शब्द भारत और पाकिस्तान के लिए नहीं बल्कि इजरायल और हमास के लिए हैं। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि इजरायल ने हमास के साथ टेम्परेरी सीजफायर के लिए अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस अपडेट के बाद गाजा में चल रही जंग को रोका जा सकता है और ज्यादा से ज्यादा बंधकों की रिहाई की उम्मीद भी की जा रही है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इस योजना पर इजरायल की सहमति की पुष्टि की है, जो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की कोशिशों के बाद रंग लाई है।
किन शर्तों पर होगा सीजफायर?
नए सीजफायर प्रस्ताव की बारीकियों का खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि, सेना सूत्रों का कहना है कि इजरायली सेनाएं पिछली स्थिति में लौट आएंगी और हमास 1,100 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में इजरायल 10 जिंदा बंधकों को मारे जा चुके बंधकों की लाशों के साथ वापस करेगा। इसके प्रपोजल में जंग को 60 दिनों के लिए रोकने पर रजामंदी की बात सामने आ रही है। इसके अलावा हमास ने ये भी शर्त रखी है कि बंधकों को रिहा किए जाने के बाद इजरायल दोबारा हमले शुरू नहीं करेगा।

हमास और अमेरिका में क्या बात हुई?
हमास ने अमेरिका समर्थित सीजफायर प्रपोजल मिलने की बात स्वीकार की है और वे लोग गहन मंथन के साथ इसकी समीक्षा कर रहे हैं। उनके बयान में अपने लोगों के हितों को ध्यान में रखने के साथ मदद पहुंचाने और गाजा में स्थायी सीजफायर पर जोर दिया गया है। इससे पहले, हमास ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ स्थायी सीजफायर को लेकर चर्चा की जिसमें गाजा से इजरायल की पूरी तरह वापसी और गाजा पट्टी में लोगों को मानवीय सहायता में बढ़ेतरी जैसे मुद्दे शामिल थे।
खाने का सबसे बड़ा संकट
सीजफायर के दौरान, जिस बात पर सबसे ज्यादा फोकस है वो ये कि रोजाना लाखों लोगों तक खाना कैसे पहुंचे? सैकड़ों सहायता ट्रकों को गाजा में जाने की परमीशन दिए जाने की मांग जोर पर है और वहां पीड़ित आबादी लंबे समय से नाकाबंदी के चलते खाना और मेडीकल एड से दूर है। जिसने कई लोगों को अकाल और चिकित्सा सेवाओं की कमी से मौत के कगार पर पहुंचा दिया है। मानवीय स्थिति इतनी गंभीर है कि एक रोटी है और खाने वाले पचासों लोग। अगर किसी मां के हाथ ये रोटी लग जाए तो उसके सामने सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि वह अपनी किस औलाद का पेट भरे। मौत के आंकड़े की बात करें तो मार्च से अब तक इजरायली हमलों और उनसे उपजी त्रासदियों में 54,000 से अधिक फिलिस्तीनी लोग मारे गए हैं।
इजराइल का रुख
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि जब तक सभी बंधकों को रिहा नहीं कर दिया जाता और हमास को खत्म नहीं कर दिया जाता, तब तक युद्ध खत्म नहीं होगा। उनकी बात इसलिए भी जायज है क्योंकि ये जंग इजरायल ने नहीं बल्कि गाजा में मौजूद आतंकवादी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को म्यूजिक फेस्टिवल सेलिब्रेट कर रहे हजारों मासूम लोगों पर हमला करने के साथ की थी। इसके अलावा 251 लोगों को हमास के आतंकी अपने साथ ले गए थे। जिनमें से कुछ जिंदा वापस किए गए और कुछ लाश के रूप में। वर्तमान में हमास के पास 58 इजरायली बंधक हैं जिनमें से सिर्फ एक तिहाई के जिंदा बचे होने की बात भी सामने आ रही है।
इजरायली बंधकों के साथ हमास की बर्बरता
जो बंधक जिंदा लौटे उन्होंने बताया कि हमास के आतंकी बंधकों के साथ बर्बरता कर रहे हैं, जिसमें महिलाओं के साथ रेप और पुरुषों की गला दबाकर हत्या की जाने की बाद मेडीकल रिपोर्ट्स में सामने आई है। एक सच ये भी है कि इजरायल के इतने भीषण हमलों के बावजूद हमास के आतंकी उसी जमीन पर पनाह लिए हुए हैं और वहीं से अभी भी जंग को जारी रखे हैं। जिसका खामियाजा गाजा में रहने वाली आम आबादी को उठाना पड़ रहा है। लिहाजा इजरायल के पास हमास को किसी भी सूरत पर ना छोड़ने के पर्याप्त कारण हैं।
इजरायल चाहता है गाजा पर कंट्रोल
7 अक्टूबर जैसा हमला दोबारा ना हो इसलिए इजरायल गाजा पर लंबे समय तक कंट्रोल की भी योजना बना रहा हैं और वहां इजरायलियों को बसाने का प्रस्ताव दे रहे हैं। हालांकि, फिलिस्तीनी और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इस कदम का विरोध कर रहे हैं क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है। इस जंग का अंत कब होगा कोई नहीं जानता।
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