Israel Hamas War: 48 बंधक बनाम 67 हजार लाशें! इजरायल-हमास जंग के दो साल, देखें पहले और बाद का हाल
Israel Hamas War: 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों द्वारा इजरायल पर हुए भीषण हमले को दो साल पूरे हो चुके हैं। इस हमले ने न केवल इजरायल बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया था। आंकड़ों के मुताबिक, उस दिन करीब 1,200 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे, जबकि 251 लोगों को अगवा कर लिया गया था। दो साल बाद भी 48 लोग अब तक गाजा में कैद हैं, जिनमें से लगभग 20 के जिंदा होने की संभावना जताई जा रही है।
बंधकों पर हमास का जुल्म
इजरायल और हमास के बीच युद्ध के दौरान कई बार युद्धविराम और समझौते हुए, जिनमें कुछ बंधकों को रिहा भी किया गया। अब हमास ने घोषणा की है कि वह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के तहत सभी बंधकों को छोड़ने को तैयार है।

6700 लोग मारे गए, घर हुए खंडर
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस युद्ध में 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि इनमें कितने नागरिक और कितने लड़ाके हैं, लेकिन आधे से अधिक मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल बताए गए हैं।
FLASH: The @IDF just released a video claiming 'there is no both sides' in this war.
— The New Indian (@TheNewIndian_in) November 16, 2023
"Some want to show both sides the war on Israel. There is no both sides."
The video continues to show the horrors of October 7, the day Palestinian militant group Hamas launched an attack on… pic.twitter.com/xnOfaU4Dp9
इस संघर्ष ने गाजा को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं। कई लोग ट्रकों में गद्दे लेकर गए तो कई अपने बच्चों को गोद में उठाकर मीलों पैदल चले। जब कुछ लोग अपने घर लौटे तो उन्होंने देखा कि उनके पूरे इलाके खंडहर में बदल चुके हैं।
हमास की बर्बरता
7 अक्टूबर 2023 का हमला इजरायल के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आतंकवादी हमला था। उस दिन हमास के आतंकवादियों ने रॉकेटों की बौछार के साथ गाजा पट्टी से सटे इजरायली शहरों पर हमला किया था। यह हमला यहूदी त्योहार के दिन किया गया था, जिससे यह और भी भयावह बन गया। हमलावर गाजा सीमा से 15 मील अंदर तक घुस गए थे और 22 से ज्यादा इलाकों में नागरिकों और सैनिकों पर गोलीबारी की थी। पुरुषों की निर्मम हत्याएं की गईं और महिलाओं के साथ बड़े स्तर पर सामूहिक दुष्कर्म किए गए। इजरायली सेना उस वक्त जवाबी कार्रवाई करने में संघर्ष कर रही थी।
शांति का इंतजार
हमले के दो साल बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। एक हालिया सर्वेक्षण के मुताबिक, लगभग आधे अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि इजरायल गाजा में "बहुत आगे निकल गया है।" इस बीच, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल ट्रंप की गाजा शांति योजना को लागू करने के लिए तैयार है।
टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अलोन बर्स्टीन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन इस युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर गंभीर प्रयास कर रहा है। ट्रंप ने कहा है कि उनका उद्देश्य न केवल युद्ध समाप्त करना है बल्कि सभी बंधकों को सुरक्षित घर लाना भी है। उन्होंने व्हाइट हाउस में नेतन्याहू से मुलाकात के बाद 20-सूत्रीय शांति योजना की घोषणा की, जिसे कई देशों का समर्थन प्राप्त हुआ है।
क्यों नहीं बन रही बात?
इस योजना के पहले चरण में युद्धविराम और इजरायली सेना की आंशिक वापसी शामिल है। इसके बदले में हमास बंधकों को रिहा करेगा और इजरायल फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ेगा। योजना में गाजा के भविष्य के शासन और हमास के निरस्त्रीकरण पर भी चर्चा की गई है, लेकिन इन बिंदुओं पर अभी सहमति नहीं बन पाई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि इजरायल प्रारंभिक वापसी रेखा पर सहमत हो गया है, लेकिन इजरायली सेना ने अब तक गाजा पर हवाई हमले रोकने के आदेश का पालन नहीं किया है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 67,160 हो गई है।
एक नेपाली बंधक भी जिंदा
बंधकों के मुद्दे पर अगर बात करें तो 7 अक्टूबर के हमले में कुल 251 लोगों को अगवा किया गया था। इनमें से 148 बंधकों को विभिन्न समझौतों और एक्सचेंजों में रिहा किया गया, जबकि 51 के शव बरामद हुए। आठ बंधकों को जिंदा बचाया गया। अब भी 48 लोग हमास की कैद में हैं, जिनमें से 20 के जीवित होने की संभावना है। गैर-इजरायली बंधकों में दो थाई नागरिक, एक तंजानियाई और एक नेपाली शामिल
मिस्र में अमेरिका की मध्यस्थता में शांति वार्ता जारी है, जिसमें दोनों पक्षों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इन वार्ताओं में गाजा में युद्ध के व्यापक अंत और बंधकों की रिहाई पर चर्चा हो रही है। सेवानिवृत्त अमेरिकी खुफिया अधिकारी हल केम्पफर का कहना है कि शांति की उम्मीद अभी भी कायम है।
क्या स्थापित होगा लोकतंत्र?
हमास ने कहा है कि वह ट्रंप की योजना के तहत तीन दिनों के भीतर सभी 48 बंधकों को छोड़ देगा और गाजा में अपने हथियार डाल देगा। योजना में यह भी प्रस्तावित है कि हमास सत्ता से हट जाएगा ताकि गाजा का भविष्य लोकतांत्रिक और
शांतिपूर्ण शासन के तहत तय हो सके।
इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है - दो साल बाद भी यह संघर्ष खत्म होने की कगार पर है, लेकिन शांति का रास्ता अभी लंबा है। क्या ट्रंप की योजना वास्तव में इस खूनी युद्ध को खत्म कर पाएगी, यह आने वाले कुछ हफ्तों में साफ हो जाएगा।
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