Iran Nuclear Weapons: पहाड़ों के नीचे परमाणु बम बनाने की फैक्ट्री चला रहा ईरान, इजरायल ने खोजी सीक्रेट लोकेशन
Israel-Iran: इजराइल ने ईरान के एक गुप्त मिसाइल फैक्ट्री का पता लगाया है, जहां पर न्यूक्लियर बम बनाने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, हथियार और मिसाइल बनाने की ये फैक्ट्री एक पहाड़ी किले के अंदर छिपे जगह पर चलाया जा रहा है, ताकि दुनिया को कुछ भी पता नहीं लग सके, लेकिन ईरान के इस सीक्रेट सेंटर का पता इजरायल ने लगा लिया है।
इजरायल ने पहाड़ी किले में एक विशाल ईरानी मिसाइल बेस का पता लगाया है। इजरायली सैन्य विश्लेषकों ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी कर दावा किया है, कि यह बेस ईरानी शहर करमानशाह के पास है, जहा ईरान हथियारों का निर्माण कर रहा है, जिनमें मिसाइलें भी शामिल हैं।

ईरान के गुप्त हथियार फैक्ट्री का पता चला
इजरायली शोधकर्ताओं के मुताबिक, ईरान के पास इस क्षेत्र में तीन बड़ी फैक्ट्रियां हैं। तीन बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण स्थल भी करमानशाह के उत्तर में पहाड़ों में खोदे गए भूमिगत अड्डो में शामिल हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी देशों के दबाव के बीच यह बड़ा खुलासा किया गया है।
वाशिंगटन अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं के कारण तेहरान को धमकी देता रहा है। जबकि इज़राइल ने ईरान पर परमाणु बम बनाने का बार बार आरोप लगाया है और इजरायल ने ईरान के ऊपर कई हमले भी किए हैं, जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बार बार झटका लगा है। हालांकि, इजरायल के दावों का तेहरान ने इस बार भी खंडन किया है, जिसमें इज़राइल के ईरान के संदिग्ध परमाणु भंडार की ओर इशारा किया है।
आपको बता दें, कि पिछले साल भी ईरान के पहाड़ों में चल रहे हथियार फैक्ट्री को लेकर खबरें आईं थी और ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संबंधित टेलीग्राम के दो चैनलों पर दावा किया गया था, अगर ईरान को निशाना बनाने की कोशिश की जाती है, तो ईरान फौरन परमाणु बम बनाने की क्षमता रखता है।
वीडियो में दावा किया गया था, कि ईरान जब चाहे, अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के हथियार कार्यक्रम में बदल सकता है और बम तैयार कर सकता है। इजरायल की तरफ से पिछले साल कई बार धमकी दी गई थी, कि अगर ईरान परमाणु बम का निर्माण करता है, तो वो ईरान पर हमला कर देगा। पिछले साल पता चला था, कि, 'फोर्डो की परमाणु बम बनाने का कान्द्र ईरान के पहाड़ों के नीचे गहराई में किसी जगह पर बनाई गई है और उस ठिकाने पर परमाणु बम भी गिराया जाता है, तो उस सेंटर पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।"
परमाणु बम बनाने के करीब ईरान
दुनिया में परमाणु हथियारों और परमाणु कार्यक्रम की निगरानी करने वाली संस्था 'इंटरनेशनल एटमिक एनर्जी एजेंसी' यानि IAEA ने इसी साल अप्रैल महीने में कहा था, कि ईरान ने यूरेनियम को 84% तक इनरिच यानि समृद्ध कर लिया है, जो बम के बनाने के लिए आवश्यक 90% से थोड़ा ही कम है।
यानि, यूरेनियन इनरिच 90 प्रतिशत होते ही ईरान परमाणु बम बनाने लायक हो जाएगा।
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले ने मार्च के अंत में अमेरिकी कांग्रेस को बताया था, कि ईरान के पास "दो सप्ताह से भी कम समय" में बम बनाने और कई महीनों के भीतर खुद परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त न्यूक्लियर विखंडनीय सामग्री हो सकती है।
इन घटनाक्रमों को देखते हुए, अब सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या अब परमाणु समझौते के लिए कोई गुंजाइश बची है? क्या अमेरिका अपनी कूटनीति और प्रतिबंधों के जरिए या फिर इजरायस अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर, ईरान को परमाणु बम बनाने से रोक सकता है? एक्सपर्ट्स का कहना है, अब ये अत्यंत मुश्किल हो गया है और अब ईरान का परमाणु कार्यक्रम सफल होकर रहेगा, भले ही अमेरिका उसपर और भी सख्त प्रतिबंध क्यों ना लगा दे।












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