इमरान खान की राजनीति आज हो जाएगी खत्म! नामांकन की आखिरी तारीख आज, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भी तोड़ा सपना
Islamabad HC Rejects imran khan plea in Corruption Case: इमरान खान की राजनीति का करीब करीब अंत हो गया है और पाकिस्तान की आर्मी से पंगा लेने का फल पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को मिल चुका है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने तोशखाना मामले में निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने की पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान की याचिका को आज खारिज कर दिया है।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश के साथ ही इमरान खान का फिर से चुनाव लड़ने का सपना चकनाचूर हो गया है, क्योंकि पाकिस्तान में फरवरी महीने में होने वाले चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख आज ही है।

इमरान खान को तोशाखाना, अल कादिर ट्रस्ट और साइफर (सीक्रेट दस्तावेजों को सार्वजनिक करने) मामलों में गिरफ्तार किया गया था, और पिछले कई महीनों से वह पाकिस्तान के अदियाला जेल में बंद हैं।
अगस्त महीने में जिला एवं सत्र न्यायालय ने तोशाखाना आपराधिक मामले में इमरान खान को तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी और उन पर 100,000 पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी लगाया था। अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पूर्व प्रमुख पर कोई भी सार्वजनिक पद संभालने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके खिलाफ भी उन्होंने याचिका दायर कर रखी है, लेकिन आज नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है और इस मामले में सुनवाई शुरू होने के दूर-दूर तक आसार नहीं हैं।
इमरान खान की राजनीति का The End!
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पहले कहा था, कि इमरान खान को भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया गया है। उन्होंने जानबूझकर पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) को तोशखाना उपहारों का फर्जी विवरण प्रस्तुत किया था। हालांकि, इस बात की आशंका पहले से ही लगाई जा रही थी, कि अदालत की चक्की में पिस रहे इमरान खान के लिए चुनाव लड़ना करीब करीब असंभव हो चुका है।
हालांकि, इमरान खान की राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कल दावा किया था, कि इमरान खान 2024 के आम चुनावों में तीन निर्वाचन क्षेत्रों, लाहौर, इस्लामाबाद और मियांवाली से चुनाव लड़ेंगे।
इसी महीने पीटीआई के नये चेयरमैन बनाए गये बैरिस्टर गौहर खान, जिन्हें इमरान खान ने हाल ही में हुए अंतर-पार्टी चुनावों में शीर्ष पद के लिए नामित किया था, उन्होंने पहले कहा था, कि पार्टी किसी भी कीमत पर 8 फरवरी को आम चुनाव कराना चाहती है। उन्होंने कहा था, ''जब चुनाव होंगे तो हम सभी को हरा देंगे।''
पाकिस्तान अखबार 'डॉन' ने बैरिस्टर अली जफर के हवाले से कहा था, कि सभी पीटीआई कार्यकर्ताओं को अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि देश चुनाव मोड में प्रवेश कर चुका है।
उन्होंने कहा, "जहां तक पीटीआई उम्मीदवारों का सवाल है, जेल में बंद हमारे कार्यकर्ता, जिन्होंने इस कठिन समय में पार्टी के लिए बलिदान दिया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर 100% टिकट आवंटित किए जाएंगे।"
पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय ने नवंबर में कहा था, कि "राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग द्वारा परिसीमन और चुनावों में की गई प्रगति के बारे में सुना। विस्तृत चर्चा के बाद बैठक में सर्वसम्मति से 8 फरवरी 2024 को देश में आम चुनाव कराने पर सहमति बनी।
पेशावर हाईकोर्ट (पीएचसी) ने गुरुवार को पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) को पीटीआई के अंतर-पार्टी चुनाव और चुनाव चिह्न के मामले पर 22 दिसंबर तक, यानि आज तक "कानून के अनुसार" फैसला करने का आदेश दिया है।
पीटीआई के संस्थापक सदस्य अकबर एस. बाबर ने घोषणा की थी, कि वह पीटीआई के भीतर पूरी चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देंगे। डॉन के हवाले से उन्होंने आरोप लगाया था, कि पीटीआई ने कुछ वकीलों को बागडोर सौंपने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को बाहर करने के उद्देश्य से गलत चयन प्रक्रिया को अंजाम दिया है और अब ये मामला भी कोर्ट पहुंच चुका है।












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