अगर ऐसा हुआ तो इमरान खान की राजनीति का 'The End' हो जाएगा! कोर्ट ने जारी किया समन
बता दें कि, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा है। वहां, की पुलिस ने खान के खिलाफ देश की एंटी टेररिज्म एक्ट की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
इस्लामाबाद, 24 अगस्त : इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान के खिलाफ समन जारी कर उन्हें 31 अगस्त को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने ये समन इमरान खान के खिलाफ अवमानना के मामले में दिया है। गौरतलब है कि, इमरान खान ने शनिवार को एक रैली में शहबाज गिल को रिमांड पर भेजने वाली महिला जज जेबा चौधरी के खिलाफ बयान दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ ये मामला दायर किया गया था।

मुसीबत में फंसे इमरान ?
इमरान खान को 31 अगस्त को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में पेश होना है। पाकिस्तान कानून के मुताबिक अगर खान पर दोष सिद्ध होता है तो उनकी आगे की राजनीति खतरे में पड़ जाएगी। वे आगे फिर कभी पाकिस्तान में राजनीति नहीं कर पाएंगे। आपको बता दें कि पीटीआई के नेता और इमरान खान के बेहद करीबी नेता शहबाज गिल के खिलाफ कोर्ट में देशद्रोह के आरेाप में मुकदमा दायर किया हुआ है। जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियों को गिल के घर से पिस्तौल और कई दूसरे हथियार भी बरामद हुए हैं। माना जा रहा है कि इससे गिल की परेशानी और बढ़ सकती है। गिल का आरोप है कि उन्हें जांच एजेंसियों ने गिरफ्तारी के दौरान मारा पीटा भी था। केंद्र की तरफ से कोर्ट में मौजूद एडवोकेट जनरल ने कहा कि इमरान खान लगातार देश संस्थानों के खिलाफ गलत बयानबाजी कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने पाकिस्तान चुनाव आयोग को लेकर भी विवादित बयान दिया था। जहांगीर खान ने इमरान खान पर आरोप लगाया कि वो देश के आम आदमी का भरोसा इन संस्थानों से खत्म कर देने के लिए ही इस तरह के बयान दे रहे हैं।

आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप
बता दें कि, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा है। वहां, की पुलिस ने खान के खिलाफ देश की एंटी टेररिज्म एक्ट की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, कोर्ट ने इमरान को तीन दिन की राहत दी है। कोर्ट ने गुरुवार तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इमरान पर आतंकवाद का बढ़ावा देने को लेकर जो वजह है वह मामला 20 अगस्त का बताया जा रहा है।

मामला 20 अगस्त का है
मामला 20 अगस्त का बताया जा रहा है। इमरान खान इस्लामाबाद के एफ-9 पार्क में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक जज, कई अफसरों और सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें की। इसे सरकार ने भड़काऊ भाषण माना है। आरोप है कि इसके जरिए इमरान खान देश की जनता को सरकार, कोर्ट और सेना के खिलाफ भड़काना चाहते थे। देश में गृह युद्ध कराना चाहते थे।

इमरान vs शहबाज सरकार
जैसे ही मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया सरकार और पुलिस एक्शन में आ गई। तुरंत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) ने इमरान के भाषण के लाइव प्रसारण पर रोक लगा दी। आगे भी उनके भाषणों को लाइव न प्रसारित करने का आदेश जारी किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications