इराक हिंसा के चलते ग्लोबल जिहाद के साए में भारत
2006 में बना यह आतंकी समूह, पिछले कुछ हफ्तों से बगदाद में तबाही मचा कर अपने होने की जोरदार घोषणा कर रहा है। इराक युद्ध के शुरूआती दिनों में आईएसआईएस ने 2004 में अलकायदा के अंतर्गत अपनी उपस्थिति दर्ज करायी थी। लेकिन 2006 से इसने अपनी शक्ति का लोहा मनवाया और सीमा रेखा पार जाकर भी जेहादी विचारधारा का प्रमुखता के साथ प्रचार प्रसार किया।
ग्लोबल जिहाद मुहिम के अंर्तगत आतंकी कश्मीर की जनता को भी इस अभियान में शामिल होने की जबरदस्त नहीसत दे रहे हैं। हर देश के लिए विभिन्न युक्तियों और नीतियों को लिए इस समूह की नजर उत्तर- पश्चिम भारत पर भी गड़ी हैं। जिसमें गुजरात के कुछ हिस्से भी सम्मलित हैं। हाल ही में अलकायदा द्वारा कश्मीर के लोगों को उकसाने का मामला भी सामने आया है। जिसमें आतंकी कश्मीर के लोगों को जिहाद के प्रति और इराक एवं सीरीया में अपने भाईयों की मदद के लिए उकसाते नजर आए।
यह हमला कहीं न कहीं विश्व पटल पर जेहादी विचारधारा के लिए गंभीर स्थिति बनाती नजर आ रही है। खासकर मुस्लिम बहुल इलाकों के लिए यह एक खतरनाक हालात पैदा कर सकती है। इनकी संख्या में लगातार हो रही वृद्धि और इनके नापाक़ इरादों को देखते हुए, इस आतंकवादी समूह को नजरअंदाज करना नासमझी होगी। विश्व को इस्लाम प्रभुत्व बनाने के इरादों पर यह समूह लगातार आगे बढ़ता जा रहा है।
भारत को इस तथ्य को भूलना नहीं चाहिए, कि 2006 में अफगानिस्तान में तालिबान ने पाकिस्तान की मदद से ही भारत के खिलाफ क्रास बार्डर आतंक मचाया था।
वैसे तो पाकिस्तान में अलकायदा एवं अन्य आतंकी समूह के लिए आईएसआई का मौन समर्थन या टाल मटोल किए जाने को पाकिस्तान पिछले कुछ दिनोंं में झेल चुका है। 8 जून को जिन्ना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए आतंकी हमले ने पूरे पाकिस्तान को दहला दिया था।परंतु पाकिस्तान में हो रहे इन हमलों से भारत को भी सावधान रहने की जरुरत है।
इराक का यह युद्ध गृहयुद्ध में तबदील होने के साथ ही इसका प्रभाव समूचे पश्चिम ऐशिया पर पड़ेगा। वहीं, जेहादी विचारधारा हमेशा से पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर खासा प्रभावशाली रहते हैं। लिहाजा, भारत के लिए यह खतरे की घंटी साबित होने के पूरे आसार हैं।
-
Middle East Crisis पर PM मोदी ने CM संग बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, क्या है सरकार का 7 एम्पावर्ड ग्रुप्स प्लान? -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
1987 का ‘ट्रंप ऐड’ आज बना अमेरिका की रणनीति? ईरान पर वही पुरानी जिद फिर दिखी, दुनिया के लिए खतरे की घंटी! -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Iran America War: ईरानी राजदूत से विदेश मंत्री जयशंकर ने की मुलाकात, क्या हुई सीक्रेट बात? -
US Secretary India Visit: युद्ध के बीच 'ट्रंप के वॉर मिनिस्टर' का अचानक भारत दौरा, किन मुद्दों पर चर्चा -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार -
Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार -
Trump PM Modi Talks: 'होर्मुज' तेल के रास्ते पर ट्रंप ने PM मोदी से क्या-क्या कहा? US-Iran तनाव के बीच मंथन -
Iran Vs America War: परमाणु ठिकाने, हॉर्मुज की नाकेबंदी और सम्मान की जंग! ईरान क्यों नहीं चाहता युद्ध खत्म हो? -
Iran-Israel Conflict Status: कब खत्म होगा महायुद्ध? भारत में ईरानी राजदूत ने बताया पूरा प्लान -
US Iran War को लेकर भारत ने कसी कमर, राजनाथ सिंह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग, CDS समेत तीनों सेनाओं के चीफ पहुंचे













Click it and Unblock the Notifications