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इराक में आतंकी हिंसा के भारत पर चार बड़े प्रभाव

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Iraq violence
नई दिल्ली। आतंकवादियों द्वारा इराक के कई शहरों पर कब्जा होने और लगातार हो रहे हमले ने विश्व के कई देशों में हलचल पैदा कर दी है। एक ओर जहां अमेरिका ने अपनी सेना इराक भेजने से साफ मना कर दिया है। वहीं भारत पर भी इस लड़ाई का तीखा प्रभाव पड़ने के आसार हैं। जिससे भारत की अर्थव्यव्स्था के साथ साथ शांति एवं सौहार्द का माहौल भी डगमगा सकता है।

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लीवेंट के तीन हजार से ज्यादा आतंकवादियों ने इराक के पांच शहरों पर कब्जा कर लिया है। जिनमें से मोसूल और तिरकित प्रमुख हैं। और यह आतंकी कारवां धीरे धीरे इराक के कई इलाकों में अपनी पैठ जमा रहा है। लिहाजा, कह सकते हैं कि इराक इस वक्त खौफनाक आतंकी साए में जी रहा है। वहीं, आंतकियों के समक्ष इराक की कमजोर होती सेना को देखकर स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है, कि महज एक सप्ताह के अंदर इराक आतंकियों की गिरफ्त में धंसती चली जा रही है।

लेकिन इराक पर आए इस आतंकी संकट से भारत को क्यों सावधान होना है, इसके चार प्रमुख कारण हैं..

1. भारत में बढ़ेगी महंगाई

इराक में भड़की हिंसा का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के भावों पर साफ देखा जा रहा है। वहीं, साउदी अरब के बाद भारत में कच्चे तेल का सबसे ज्यादा आयात इराक से ही होता है। लिहाजा, यह आतंकी हमला सिर्फ इराक ही नहीं ब्लकि भारत की अर्थव्यवस्था को भी चरमरा देने में सक्षम है। और इसके आर्थिक प्रगति में गंभीर रुकावट ला सकता है। कच्चे तेल में आयात में कमी के साथ भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे साथ ही मुद्रा स्फीति और मंहगाई की जोड़ छाने के पूरे आसार हैं। जो देश की जनता की जेबों में छेद करेगी ही, साथ ही इस नए गठित सरकार के लिए भी नकारात्मक साबित होगी। लिहाजा, भारत के लिए मौजूदा स्थिति चिंताजनक है।

2. सांप्रदायिक हिंसा की आशंका

इराक पर हो रहे आतंकी हमले का असर भारत में सांप्रदायिक दंगों के परिणाम में भी देखने को मिल सकता है। वहां शिया और सुन्नी समुदायों के बीच हिंसा और उपजे तनाव का प्रभाव मुस्लिम बहुल देशों के साथ भारत में भी दिखने को मिल सकती है।

भारत के मुस्लिम बहुल इलाकों में शिया और सुन्नी समुदायों के बीच तनाव पैदा होने की स्थिति भारत सरकार के चुनौती बन कर उभर सकती है। वहीं, इन परिस्थितियों में राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले भी पीछे नहीं रहेगी। जो हिंसा के रूप में कई प्रमुख शहरों में फैल सकती है।

3. आतंकी हमलों की आशंका

इराक पर हमले करने वाले आतंकी संगठन आईएसआईएल के तार कहीं न कहीं से अलकायदा से जुड़े होने के संकेत दुनिया भर के लिए चिंताजनक बात साबित हो सकती है। इराक की सत्ता में शियाओं का दबदबा होने की वजह से सुन्नियों का यह इस्लामिक समूह एक बार फिर अलकायदा की मदद से सत्ता पाने की कोशिश में हैं।

इस हमले की गृहयुद्ध में तबदीली समुचे पश्चिम एशिया के लिए खतरनाक साबित होगी। जेहादी विचारधारा का फैलाव कहीं न कहीं पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर प्रभावशाली रहते हैं। जिसका असर भारत पर भी यदा कदा पड़ने के आसार बढ़ जाते हैं। लिहाजा, भारत पर आतंकी हमला होने की संभावना भी रखी जा सकती है।

4. भारतीय जो इराक में रह रहे हैं

भारत और इराक के संबंध बहुत घनिष्ठ रहे हैं। मेसोपोटेमिया की सभ्यता के समय से यह द्विपक्षीय संबंध परस्पर चलता आ रहा है। इराक के बुनियादी निर्माण क्षेत्र में भी भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ ही मौजूदा संमय में भी भारत के 50 से 60 लाख जनसंख्या इराक में काम करती है। जिसके जरीए भारत को बड़ी संख्या में विदेशी मुद्रा मिलती है। आतंकी हमले या युद्ध की स्थिति इस दृश्य को बदल सकती है। इराक में रह रहे भारतीयों का जीवन संकट में पड़ सकता है।

गौरतलब है कि इराक की इस हमले का प्रभाव भारत की अखंडता और आर्थिक हितों पर पड़ने के पूर्ण आसार हैं। जिसके लिए सरकार को हर तरीके से चाक चौबंद व्यव्स्था के साथ चौकस होनी जरूरत है। जो स्थिति को किसी हद तक काबू करने में मददगार साबित हो सकती है।

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English summary
Gruesome violence is being reported by Islamic terror group in Iraq. How it could affect India. Here are fur reasons why Indian government should bother.
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