भारत-पाक तनाव के बीच निशाने पर था अमेरिका! सैन्य बेस पर ISIS हमले की थी प्लानिंग, FBI का बड़ा खुलासा
ISIS Plotted Attack on US: जब भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध का माहौल पूरे एशिया को हिला रहा था, उसी वक्त दुनिया के एक कोने में एक और तबाही की पटकथा लिखी जा रही थी - और इस बार निशाना था अमेरिका। लेकिन FBI की तत्परता और तेज एक्शन ने अमेरिका को एक और 9/11 जैसी तबाही से बचा लिया।
इस हमले की साजिश रची गई थी मिशिगन के वॉरेन शहर में स्थित एक अत्यंत संवेदनशील सैन्य बेस - TACOM (Tank-Automotive & Armaments Command) पर। यही वह जगह है जहां अमेरिकी सेना के लिए टैंक, हथियार और बख्तरबंद वाहन विकसित किए जाते हैं। और इस बार दुश्मन कोई गिरोह या गैंगस्टर नहीं, बल्कि आतंकी संगठन ISIS से प्रेरित एक अकेला लेकिन बेहद खतरनाक ऑपरेटर था - अम्मार अब्दुल माजिद-मोहम्मद सईद।

साजिश का प्लान: खून, गोलियां और खौफ
FBI के अनुसार, अम्मार TACOM बेस पर घुसकर वहां मौजूद अमेरिकी सैनिकों पर सामूहिक गोलीबारी की योजना बना रहा था। उसके इरादे थे साफ- 'मैं अधिक से अधिक अमेरिकी सैनिकों को मारना चाहता हूं। उन्हें उसी की भाषा में जवाब देना होगा जो उन्होंने हमारे मुस्लिम देशों के साथ किया।' अम्मार ने न सिर्फ हथियार जुटाए थे, बल्कि उसने साइट का दौरा कर रेकी भी की थी। उसने हमले के दिन और समय तक फिक्स कर लिए थे। यह महज कुछ ही दिनों की बात थी कि TACOM के अंदर मौत का खेल शुरू हो जाता।
FBI की जासूसी और ऑपरेशन: 'Code Black'
FBI की खुफिया टीम और अंडरकवर अधिकारियों ने इस साजिश का भंडाफोड़ किया। सोशल मीडिया पर सईद का ISIS समर्थक कंटेंट, एन्क्रिप्टेड चैट्स और संदिग्ध हथियार खरीददारी ने उसे रडार पर ला दिया। उसने हमले से पहले लोकेशन की जानकारी इकट्ठा कर ली थी, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों की भनक मिलते ही उसे सरविलांस पर रखा गया।
'Code Black' नाम का एक सीक्रेट ऑपरेशन मिशिगन में शुरू हुआ और जैसे ही अम्मार ने अंतिम चरण की तैयारी की, FBI की SWAT यूनिट ने उसे अचानक दबोच लिया। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से अधपके बम, AR-15 राइफल और GPS मैप्स बरामद हुए।
कौन है सईद और उसके खिलाफ क्या आरोप हैं?
ISIS से जुड़ा कट्टरपंथी तत्व। उस पर विदेशी आतंकवादी संगठन को समर्थन देने और साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। अब अमेरिकी न्याय प्रणाली के तहत उस पर मुकदमा चलेगा।
FBI और अधिकारियों का क्या कहना है?
FBI के सहायक निदेशक काश पटेल ने कहा- 'हमारी टीमों ने समय रहते कार्रवाई की और कई जानें बचाई। यह दिखाता है कि अमेरिका में घरेलू आतंक का खतरा अभी भी ज़िंदा है।'
भारत-पाक तनाव से जुड़ा एंगल?
सूत्रों का कहना है कि FBI इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या अम्मार की साजिश भारत-पाकिस्तान तनाव के समय को ध्यान में रखकर बनाई गई थी, ताकि अमेरिकी एजेंसियां एशिया पर ध्यान केंद्रित करते हुए घरेलू हमलों को नजरअंदाज करें।
यह भी संभावना जताई जा रही है कि अम्मार ISIS के पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था, जिनका मकसद वैश्विक स्तर पर आतंक का सिंक्रनाइज अटैक करना था।
एक और 9/11 जैसा हमला टल गया... इस बार वक्त रहते
अम्मार की गिरफ्तारी ने साबित किया है कि आतंक अब सीमाओं का मोहताज नहीं रहा। वह अकेले भेड़िए की शक्ल में आपके ही बीच पलता है, इंटरनेट पर प्रेरित होता है, और आपकी ही सड़कों पर खून बहाने का सपना देखता है। इस बार अमेरिका बाल-बाल बचा।












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